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पश्चिमी सिंहभूम : जून में औसत से 111.3 मिमी कम बारिश, आफत में अन्नदाता

Updated at : 28 Jun 2024 11:41 PM (IST)
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पश्चिमी सिंहभूम : जून में औसत से 111.3 मिमी कम बारिश, आफत में अन्नदाता

बादल की दगाबाजी से सूखने लगे हैं खेत, ज्यादातर किसान खेतों में धान बीज छींट नहीं पाये हैं.

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– सामान्यत: 20 जुलाई तक धान की रोपनी करने पर भी उत्पादन होगा

संवाददाता, चाईबासा

आषाढ़ माह का एक सप्ताह बीत गया, लेकिन बारिश नहीं हो रही है. खेती चौपट है, किसान त्राहिमाम कर रहे हैं. जून में पश्चिमी सिंहभूम जिले की औसत बारिश 172.5 मिमी है. इस साल 28 जून तक 61.2 मिमी बारिश हुई है. अबतक औसत से 111.3 मिमी कम बादल बरसे हैं. जिले के 1.42 लाख किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गयी हैं. बारिश की आस में ज्यादातर किसान खेतों में धान बीज छींट नहीं पाये हैं. बिचड़ा तैयार नहीं हो पाया है. अबतक छींटा विधि से 10 फीसदी खेती हुई है. अन्नदाताओं पर आफत है.

गुदड़ी प्रखंड में एक बूंद बारिश नहीं हुई

चाईबासा में इस माह में मात्र छह दिन छिटपुट बारिश हो पायी है. वहीं, गुदड़ी प्रखंड में बारिश की एक बूंद नहीं गिरी है. बंदगांव में सर्वाधिक 92.2 मिमी बारिश हुई है. बारिश के अभाव में न धान बीज वितरित हो पा रहे हैं, न किसान बाजार से बीज खरीद रहे हैं. इससे बीज विक्रेताओं को मायूस होना पड़ रहा है.सब्जी की खेती भी प्रभावित, टमाटर 100 के करीब

अनावृष्टि का असर सब्जी की खेती पर भी पड़ने लगा है. खासकर टमाटर की उपज प्रभावित हुई है. उपज नहीं होने के कारण बाजार में दूसरे राज्य से टमाटर मंगाया जा रहा है. कीमत आसमान छूने लगी है. यह 80- 100 रुपये किलो बिकने लगा है.

एक सप्ताह और ऐसी स्थिति रही, तो खेती पर संकट : कृषि विभाग

कृषि विभाग के स्टीमेटिंग पदाधिकारी महेश राम ने कहा कि मॉनसून आने में देरी हो रही है, लेकिन धान की खेती का समय पार नहीं हुआ है. सामान्यत: 20 जुलाई तक धान की रोपनी करने पर भी उत्पादन होगा. यदि 20 जुलाई तक बारिश नहीं होगी, तो धान के पैदावार प्रभावित होगी. यदि बारिश की स्थिति एक सप्ताह तक ऐसी ही रहती है, तो पानी के अभाव में बीज अंकुरित नहीं हो सकेंगे. किसानों को काफी परेशानी होगी.

आकाश में टकटकी लगाये हुए हैं किसान

उल्लेखनीय है कि जिले में 1 लाख 86 हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती की जाती है. वहीं, 1.42 किसान और उनके परिवार खेती पर आश्रित हैं. बारिश के अभाव में न धान की खेती करने की हिम्मत जुटा पा रहे रहे हैं, न ही सब्जी व अन्य फसलों की खेती कर पा रहे हैं. किसान रोज आकाश की ओर टकटकी लगा कर निहार रहे हैं. बारिश नहीं होने से उनकी मायूसी भी बढ़ती जा रही है.

…प्रखंडवार जून में हुई बारिश (मिमी में )..

प्रखंड औसत बारिश बारिश हुईचाईबासा 187.7 79.8

खूंटपानी 150.1 यंत्र खराबझींकपानी 116.3 57.0

टोंटो 116.3 150.0जगन्नाथपुर 202.3 14.2

नोवामुंडी 202.3 16.2मझगांव 180.0 96.2

कुमारडुंगी 180.0 132.2मंझारी 206.3 19.6

तांतनगर 206.3 18.2चक्रधरपुर 202.0 54.0

सोनुवा 212.7 63.4गुदडी 212.7 0.0

गोइलकेरा 202.2 10 1.2मनोहरपुर 204.5 42.8

आनंदपुर 204.5 52.8बंदगांव 220.2 92.2

हाटगम्हरिया 172.5 46.2

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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