सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग गंभीर दुष्प्रभाव डाल रहा है : डीडीसी

Updated at : 24 Mar 2026 7:29 PM (IST)
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सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग गंभीर दुष्प्रभाव डाल रहा है : डीडीसी

नगर भवन सिमडेगा में स्वास्थ्य आरोग्य दूत एवं साथिया कार्यक्रम के अंतर्गत सम्मान समारोह का आयोजन किया गया.

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स्वास्थ्य आरोग्य दूत एवं साथिया कार्यक्रम के अंतर्गत सम्मान समारोह का आयोजन

सिमडेगा. नगर भवन सिमडेगा में स्वास्थ्य आरोग्य दूत एवं साथिया कार्यक्रम के अंतर्गत सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उदघाटन उपायुक्त कंचन सिंह, उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी, सिविल सर्जन डॉ. सुन्दर मोहन सामद एवं स्टेट सलाहकार सुभ्रा सिंह ने संयुक्त रूप से किया. इस अवसर पर जिले के विभिन्न विद्यालयों से आये छात्र-छात्राएं, स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी, एएनएम, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं अन्य लोग उपस्थित थे.

समारोह का मुख्य उद्देश्य किशोरों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना तथा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने हेतु उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था. चयनित स्वास्थ्य आरोग्य दूत एवं साथिया विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल रहा है. उन्होंने बताया कि कई युवा दिन के 17–18 घंटे मोबाइल और रील्स में व्यस्त रहते हैं, जिससे उनका ध्यान पढ़ाई, करियर, स्वास्थ्य और पारिवारिक जिम्मेदारियों से हट जाता है. उन्होंने युवाओं को सोशल मीडिया का सीमित और सकारात्मक उपयोग करने तथा अपने समय का प्रभावी प्रबंधन करने की सलाह दी. साथ ही जेंडर आधारित हिंसा एवं नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह समाज के लिए गंभीर चुनौती है. उन्होंने जोर देकर कहा कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने आसपास के लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करे और उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन दे.

झारखंड में एनीमिया की समस्या चिंताजनक है

स्टेट सलाहकार सुभ्रा सिंह ने किशोर स्वास्थ्य के विभिन्न आयामों पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि सुरक्षित प्रजनन एवं यौवन स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत किशोरों को शारीरिक एवं मानसिक परिवर्तनों के प्रति जागरूक किया जाता है. उन्होंने कहा कि बाल्यावस्था से किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक परिवर्तन पूरी तरह सामान्य होते हैं और इन्हें समझने व स्वीकार करने की आवश्यकता है. पोषण के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड में एनीमिया की समस्या चिंताजनक है, जहां लगभग 65 प्रतिशत किशोरियां और 40 प्रतिशत किशोर प्रभावित हैं. उन्होंने युवाओं को योग, व्यायाम एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया.

नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया

कार्यक्रम के दौरान अन्य अतिथियों ने भी अपने विचार साझा किये और राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम की जानकारी दी. एसएस प्लस टू हाई स्कूल, बोलबा के विद्यार्थियों ने बाल विवाह मुक्त समाज विषय पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया. समारोह को सफल बनाने में सिनी संस्था के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने आयोजन के समन्वय एवं संचालन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया. इस अवसर पर समाज कल्याण पदाधिकारी सुरज मुन्नी कुमारी, स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी, एएनएम, विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं एवं अन्य लोग उपस्थित थे. यह आयोजन न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का मंच बना बल्कि युवाओं को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित भी किया.

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