किसानों को कम अवधि वाली फसल किस्मों का चयन के लिए प्रेरित करें : डीएओ

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 16 May 2026 10:51 PM

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जिला कृषि कार्यालय सिमडेगा में बैठक, विभागों को समन्वय बना कर कार्य करने के निर्देश

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सिमडेगा. सिमडेगा जिला कृषि कार्यालय के सभागार में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना को देखते हुए आकस्मिक फसल योजना के कार्यान्वयन व आवश्यक तैयारियों को लेकर कृषि एवं संबद्ध विभागों के पदाधिकारियों और कर्मियों की बैठक हुई. बैठक में खरीफ मौसम के दौरान संभावित सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए विभिन्न विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिये गये. जिला कृषि पदाधिकारी ने कर्मियों को निर्देश दिया कि वे किसानों को कम अवधि वाली फसल किस्मों के चयन के लिए प्रेरित करें. साथ ही मडुआ, दलहनी फसलों व इंटर क्रॉपिंग तथा मल्चिंग विधि से खेती को बढ़ावा देने की बात कही. उन्होंने बिचड़ों की रोपाई 10 दिनों के अंतराल पर करने तथा ऊपरी भूमि में उड़द, मक्का, अरहर, मूंगफली और मडुआ जैसी फसलें लगाने का सुझाव किसानों तक पहुंचाने को कहा. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार से कम अवधि व सूखा प्रतिरोधी बीजों की मांग की गयी है. इसके अलावा उद्यानिकी फसलों के बीजों की भी मांग की गयी है, ताकि कम वर्षा की स्थिति में किसानों को वैकल्पिक खेती के लिए बीज उपलब्ध कराया जा सके. बैठक में किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया. जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि यूरिया के स्थान पर लिक्विड नैनो यूरिया, एनपीके, जैविक खाद एवं ढैंचा घास के उपयोग को बढ़ावा दिया जाये. पशुपालन विभाग के प्रतिनिधि ने बताया कि कम वर्षा की स्थिति में पशुओं को पर्याप्त पोषण नहीं मिलने से बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में किसानों को पशु चारा फसल लगाने के लिए प्रेरित करने तथा पशुओं के पोषण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. जिला सहकारिता पदाधिकारी ने कहा कि कम बारिश की स्थिति में किसानों द्वारा लगायी जा रही सभी फसलों का फसल बीमा अनिवार्य रूप से कराया जाये. जिला मत्स्य पदाधिकारी ने बताया कि मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं. किसानों से आवेदन प्राप्त कर उन्हें मत्स्य पालन के लिए प्रेरित करने तथा बागवानी के साथ मत्स्य पालन करने वाले किसानों का चयन करने की बात कही गयी. जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक ने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के तहत पिछले वर्ष जिले का प्रदर्शन बेहतर रहा था. इस वर्ष भी अधिक से अधिक किसानों से आवेदन लेकर संबंधित बैंक शाखाओं को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. भूमि संरक्षण पदाधिकारी ने कम वर्षा की स्थिति से बचाव के लिए अभी से खेतों की तैयारी, गहरी जुताई, सामुदायिक मेड़बंदी तथा छोटे तालाबों की सफाई कराने के लिए किसानों को जागरूक करने पर बल दिया.

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