सरायकेला: राजनगर में पंडित रघुनाथ मुर्मू की जयंती मनाई गई, चंपाई सोरेन ने भाषा-संस्कृति संरक्षण पर दिया जोर 

Published by :Priya Gupta
Published at :02 May 2026 1:57 PM (IST)
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Seraikela Kharsawan News (2)

पंडित रघुनाथ मुर्मू की जयंती मनाई गई

Seraikela Kharsawan News: सरायकेला खरसावां के राजनगर में पंडित रघुनाथ मुर्मू की जयंती पर चंपाई सोरेन ने ओलचिकी लिपि, संथाली भाषा और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया, बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए

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शचींद्र कुमार दाश की रिपोर्ट 

Seraikela Kharsawan News: सरायकेला खरसावां जिले के गामदेसाई (राजनगर) में संथाली भाषा की ओलचिकी लिपि के आविष्कारक पंडित रघुनाथ मुर्मू की जयंती धूमधाम से मनाई गई. इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री सह स्थानीय विधायक चंपाई सोरेन उपस्थित रहे, जिन्होंने प्राइमरी स्तर से संथाली भाषा में पढ़ाई शुरू करने की आवश्यकता पर जोर दिया. 

ओलचिकी लिपि में प्राथमिक शिक्षा की शुरुआत पर जोर

उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में झारखंड में संथाली समेत सभी आदिवासी/ स्थानीय भाषाओं में प्राथमिक स्कूल के स्तर से पढ़ाई शुरू करने का काम शुरू हुआ था, जिसे बाद में रोक दिया गया. प्राथमिक स्तर से ओलचिकी लिपि में पढ़ाई इस भाषा के साहित्य को समृद्ध बनाने की दिशा में मददगार साबित होगी. 

आदिवासी पहचान के लिए भाषा और संस्कृति संरक्षण जरूरी

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज की असली पहचान उसकी माटी, भाषा, संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव में है. उन्होंने कहा कि आज जब बाहरी घुसपैठ और धर्मांतरण जैसी चुनौतियां समाज की जमीन और अस्तित्व पर असर डाल रही हैं, ऐसे समय में अपनी जड़ों को मजबूती से पकड़ना बेहद जरूरी है. उन्होंने जोर दिया कि भाषा, संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण और संवर्धन ही आदिवासी समाज के अस्तित्व की रक्षा कर सकता है.

संथाली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने का जिक्र

उन्होंने याद दिलाया कि कई दशकों के संघर्ष और आंदोलन के बाद, केंद्र की तत्कालीन श्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने साल 2003 में संथाली भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया था. केंद्र की मोदी सरकार द्वारा संसद के कार्यवाही की संथाली भाषा में अनुवाद की भी व्यवस्था की गई है. 

ओलचिकी लिपि के 100 वर्ष पर स्मारक सिक्का जारी

चंपाई सोरेन ने बताया कि इस वर्ष केंद्र सरकार द्वारा ओलचिकी लिपि के 100 वर्ष होने पर शताब्दी समारोह मनाया जा रहा है. भारत सरकार ने पंडित रघुनाथ मुर्मू के सम्मान में और ओलचिकी के 100 वर्ष पूरे होने पर ₹100 का स्मारक सिक्का और एक विशेष डाक टिकट जारी किया है. इस कार्यक्रम में बड़ी में संख्या भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे. 

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प्रिया गुप्ता प्रभात खबर के लाइफस्टाइल बीट पर 1 साल से काम कर रही हैं. यहां वे हेल्थ, फैशन और भी ट्रेंड से जुड़ी आर्टिकल लिखती हैं. ये हर लेख को दिल से लिखती है, जो पाठकों को सिर्फ जानकारी नहीं, एक एहसास पहुंचा सकें.

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