सरायकेला के दुगनी स्थित पुलिस लाइन में सरहुल मिलन समारोह आयोजित

सरहुल मिलन समारोह
Seraikela Kharsawan News: झारखंड के सरायकेला में सरहुल (ब्ह बाहा बोंगा) मिलन समारोह धूमधाम से आयोजित हुआ. इस दौरान मांदर की थाप पर नाचे ग्रामीण. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
सरायकेला से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट
Seraikela Kharsawan News: झारखंड के कोल्हान के शहर से लेकर गांव और कस्बों में इन दिनों सरहुल (ब्ह बाहा बोंगा) की धूम मची हुई है. इसी कड़ी में सरायकेला के पुलिस लाइन में सरहुल (ब्ह बाहा बोंगा) मिलन समारोह का आयोजन किया गया. जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर खरसावां विधायक दशरथ गागराई, जिला के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत, एसपीडीओ संजय सवैया, परीक्ष्यमान डीएसपी पूजा कुमारी समेत विभिन्न थाना के प्रभारी, पुलिस कर्मी और आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे. अधिकांश लोग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की आकर्षक प्रस्तुति दी. आस पास के गांवों के सैकड़ों लोग इस सांस्कृतिक अनुष्ठान में शामिल हुए.
साल की डाली के नीचे की पूजा अर्चना
इस दौरान ब्ह बाहा बोंगा के सभी रश्मों को निभाया गया. दिऊरी द्वारा अखाड़ा के बीच गाड़े गए साल की डाली के नीचे विधिवत पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की. साथ ही सुख, शांति, समृद्धि, हरियाली की कामना की. इसके बाद ब्ह बाहा बोंगा-सरहुल मिलन समारोह का आयोजन किया गया. यहां पर ब्ह बाहा बोंगा में आए लोगों ने पारंपरिक तरीके से अपने-अपने कानों पर सरई फूल (सखुआ का फूल) लगाकर सरखोसी की. ढोल-नगाड़ों की गूंज और पारंपरिक गीतों की मधुर धुन पर विधायक के साथ साथ पुलिस अधिकारी और जवान झूमते नजर आए. सरहुल मिलन समारोह के दौरान आदिवासी संस्कृति की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिली, जिससे वातावरण और भी जीवंत हो उठा.
मांदर की थाप पर नाचे ग्रामीण
ब्ह बाहा बोंगा-सरहुल मिलन समारोह के दौरान गीत, नृत्य और सांस्कृतिक रंग देखने को मिला. लोगों ने मादर एवं नगाड़ों पर थाप देते हुए ब्ह पोरोब का सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया गया. इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया. ब्ह पोरोब के गीतों पर लय से लय मिलाते हुए पारंपरिक नृत्य कर सभी का मन मोह लिया. इससे पूरा परिसर पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य से गूंज उठा. नृत्य का सिलसिला देर रात तक चलता रहा. इस दौरान हर वर्ष कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई.
विधायक दशरथ गागराई ने गीत और नृत्य से बांधा समां
इस दौरान विधायक दशरथ गागराई एक कलाकार के रूप में नजर आये. यहां उन्होंने मांदर और नगाड़ा बजाने के साथ समाज के लोगों के साथ नृत्य भी किया. साथ ही हो भाषा में ब्ह बाहा बोंगा गीत को अलग-अलग अंदाज में पेश कर समां बांधा. विधायक दशरथ गागराई के साथ जिला के एसपी मुकेश लुणायत और एसडीपीओ समीर सवैया भी मांदर पर थाप देते हुए नृत्य करते नजर आये. नृत्य का यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा. विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि ब्ह बाहा बोंगा क्षेत्र की संस्कृति से जुड़ा हुआ है. यह पर्व प्रकृति के साथ हमारे अटूट संबंध को भी रेखंकित करती है. प्रकृति के उपासना का पर्व सरहुल हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने की प्रेरणा देता है. आदिवासी समाज का प्रकृति के साथ अनन्याश्रय संबंध है. इस मौके पर मुकेश कुमार लुणायत, एसपी, सरायकेला-खरसावां ने कहा कि यह पर्व प्रकृति, पर्यावरण और मानव जीवन के बीच गहरे संबंध का प्रतीक है. सभी लोगों को ब्ह बाहा बोंगा की शुभकामनएं. पर्यावरण संरक्षण के लिये सभी लोग अपनी सहभागिता निभायें. इस धरा को हरा भरा बनाए रखें.
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By Sweta Vaidya
श्वेता वैद्य प्रभात खबर में लाइफस्टाइल बीट के लिए कंटेंट लिखती हैं. वह पिछले एक साल से व्यंजन (Recipes), फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे विषयों पर लेख लिख रही हैं. उनका उद्देश्य पाठकों को रोजमर्रा की जिंदगी को आसान और स्टाइलिश बनाने के लिए प्रैक्टिकल टिप्स देना है.
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