आधी आबादी को 'कानूनी कवच': सरायकेला में सजी जागरूकता चौपाल, जानें कैसे मिलेगी फ्री कानूनी मदद

कार्यक्रम में शामिल महिलाएं समेत अन्य लोग
Seraikela News: सरायकेला-खरसावां के गम्हरिया में महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया गया. DLSA के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं को मुफ्त विधिक सहायता (Free Legal Aid) और धारा 12 के प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया गया. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने और अपने हक के लिए आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया.
सरायकेला, (प्रताप मिश्रा): महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सरायकेला-खरसावां गम्हरिया के आदर्श नगर स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. यह कार्यक्रम झारखंड स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी, रांची के निर्देशानुसार और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी, सरायकेला-खरसावां रामाशंकर सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ.
महिलाओं को दी गई कानूनी अधिकारों की जानकारी
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सहायक लीगल एंड डिफेंस काउंसिल अंबिका चरण पाणी ने उपस्थित महिलाओं को संबोधित किया. उन्होंने महिलाओं के लिए उपलब्ध विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत होने पर महिलाएं किन-किन संस्थाओं और अधिकारियों से संपर्क कर सकती हैं. साथ ही किस प्रकार उन्हें कानूनी सहायता प्राप्त हो सकती है.
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निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी
सहायक लीगल एंड डिफेंस काउंसिल अंबिका चरण पाणी ने संबोधन में लीगल सर्विस अथॉरिटी एक्ट, 1987 की धारा 12 के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि इस प्रावधान के तहत महिलाओं सहित पात्र व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाती है. उन्होंने जिला स्तर पर कार्यरत लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) द्वारा दी जाने वाली कानूनी सेवाओं और उनकी भूमिका के बारे में भी जानकारी दी.
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के इतिहास और महत्व पर भी प्रकाश डाला गया. वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं का राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है. देश की लगभग आधी आबादी महिलाएं हैं और आज वे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी भागीदारी बढ़ाकर समाज और देश की प्रगति में अहम भूमिका निभा रही हैं.
ग्रामीण महिलाओं को जागरूक करने की अपील
कार्यक्रम में महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए बनाये गये संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गयी. साथ ही उपस्थित महिलाओं से अपील की गयी कि वे अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों की अन्य महिलाओं को भी उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करें और उन्हें मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित करें.
पैरा लीगल वालंटियर्स की भूमिका
कार्यक्रम में पैरा लीगल वालंटियर्स (PLVs) भी उपस्थित रहें, जिन्होंने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग किया. बताया गया कि पैरा लीगल वालंटियर्स द्वारा ब्लॉक और पंचायत स्तर पर समय-समय पर इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं, जिनका उद्देश्य आम लोगों को उनके अधिकारों और उपलब्ध विधिक सहायता के बारे में जागरूक करना है. कार्यक्रम में स्थानीय महिलाओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय के अन्य लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.
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By Sameer Oraon
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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