Seraikela Kharsawan News : भक्तों ने खींची अस्था की डोर, गुंडिचा मंदिर पहुंचे महाप्रभु

खरसावां : जय जगन्नाथ के जयघोष के साथ हरिभंजा में निकली रथयात्रा
खरसावां. हरिभंजा में शुक्रवार को प्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा श्रद्धा व उल्लास के साथ निकाली गयी. भक्तों के समागम व जय जगन्नाथ के जयघोष के बीच रथ पर सवार होकर प्रभु जगन्नाथ, अपने बड़े भाई बलभद्र, देवी सुभद्रा व सुदर्शन के साथ श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर पहुंचे. आस्था, मान्यता व परंपराओं के इस त्योहार में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. प्रभु जगन्नाथ के रथ को खींचने के लिये भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी.
छेरा पहंरा की रस्म के बाद निकली रथयात्रा
हरिभंजा के छेरा-पहंरा रस्म के बाद रथयात्रा निकाली गयी. मंदिर से रथ तक प्रभु जगन्नाथ को ले जाने के दौरान हरिभंजा गांव के जमीनदार परिवार के राजेश सिंहदेव ने सड़क पर चंदन छिड़क कर व झाड़ू लगा कर छेरा पहंरा की रस्म निभायी. इसके बाद चतुर्था मूर्ति (प्रभु जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र, देवी सुभद्रा व सुदर्शन) को मंदिर के पुरोहित पं प्रदीप कुमार दाश व भरत त्रिपाठी की अगुवाई में पोहंडी (झूलाते हुए) करते हुए रथ तक ले जाया गया. भक्तों ने रथ को खींचते हुए श्रीमंदिर से श्रीगुंडिचा मंदिर तक पहुंचाया. गुंडिचा मंदिर पहुंचने पर चतुर्था मूर्ति की आरती उतारी गयी. भोग लगाया गया. इस दौरान विद्या विनोद सिंहदेव, संजय सिंहदेव, राजेश सिंहदेव, पृथ्वीराज सिंहदेव, राणा सिंहदेव आदि मौजूद रहे.
ओडिशा से आये संकीर्तन दल ने भक्ति का समां बांधा
हरिभंजा में रथयात्रा के दौरान ओडिशा के बोलांगीर से आये संकीर्तन दल ने आकर्षक संकीर्तन पेश किया. इस दौरान भक्ति गीत पेश करते हुए लोगों को खूब झूमाया. करीब 70 सदस्यीय संकीर्तन टीम ने झंझाल, शंख, मृदंग बजाते हुए संकीर्तन किया.आकर्षण का केंद्र बना रथ
हरिभंजा में इस वर्ष प्रभु जगन्नाथ के लिए नया रथ बनाया गया है. यह रथ आकर्षण का केंद्र बना रहा. रथ पर उकेरी गयी कलाकृति व साज-सज्जा को देखने के लिये बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे.
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