खूंटपानी में उद्यान महाविद्यालय की ओर जाने वाली तीनों सड़कें जर्जर, विधानसभा में उठा मुद्दा
खूंटपानी के बिंज स्थित उद्यान महाविद्यालय जाने वाली जर्जर सड़क और इनसेट में विधायक दशरथ गागराई. फोटो: प्रभात खबर
Kharsawan News: पश्चिमी सिंहभूम के खूंटपानी स्थित उद्यान महाविद्यालय तक जाने वाली तीनों सड़कों की जर्जर स्थिति को लेकर विधायक दशरथ गागराई ने विधानसभा में मरम्मत की मांग उठाई. खराब सड़क के कारण छात्रों, किसानों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी होती है, खासकर बरसात के मौसम में आवागमन और भी मुश्किल हो जाता है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.
सरायकेला से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट
Kharsawan News: खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने बुधवार को विधानसभा में पश्चिमी सिंहभूम जिले के खूंटपानी प्रखंड के बिंज ग्राम में स्थित उद्यान महाविद्यालय तक जाने वाली सड़कों को मरम्मत कराने की मांग की है. मंगलवार को शून्यकाल के दौरान इस मामले को उठाते हुए विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि उद्यान महाविद्यालय तक पहुंचने के लिए तीन अलग अलग ग्रामीण सड़कें है. वर्तमान में ये तीनों ही सड़कें जर्जर हैं.
विधायक ने विधानसभा में उठाया मरम्मत कराने का मुद्दा
विधायक दशरथ गागराई ने सदन के जरिये राज्य सरकार से उद्यान महाविद्यालय जाने वाली सड़कों को मरम्मत कराने की मांग की है. उद्यान महाविद्यालय जाने वाली सभी सड़कें जर्जर हो गई हैं. लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है. बरसात के मौसम में खराब सड़क के कारण आपात स्थिति में चिकित्सकीय सुविधा तक पहुंचना भी कठिन हो जाता है. यह राज्य का एकमात्र उद्यान महाविद्यालय है, लेकिन खराब सड़क वजह से बाहर से लोग यहां आने से हिचकते हैं.
महाविद्यालय की ओर जाती हैं तीन सड़कें
उद्यान महाविद्यालय की ओर तीन सड़कें जाती हैं. कुचाई-खमारडीह मोड़ से 7.5 किमी, जानुमबेड़ा से 6 किमी और बासाहातु से 4.5 किमी की दूरी पर ये सड़कें हैं. इन सड़कों पर पीच पूरी तरह से उखड़ चुकी है. सड़क पर छोटे छोटे पत्थर ही दिखाई दे रहे है. सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गये हैं और बारिश में जलभराव होने से आवागमन मुश्किल हो जाता है. गर्मी व सर्दी के मौसम में उड़ती धूल भी राहगिरों के लिये परेशानी का सबब बन जाता है.
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2012 में हुई उद्यान महाविद्यालय की स्थापना
यह महाविद्यालय 18 अक्तूबर 2012 को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय का अंगीभूत कॉलेज बनकर स्थापित हुआ था. यह राज्य का एकमात्र उद्यान महाविद्यालय है जो शिक्षा के साथ-साथ किसानों के लिए शोध, प्रशिक्षण और प्रदर्शन कार्य करता है.
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