Seraikela News : तेज रफ्तार निगल रही जान, तीन माह में 56 लोगों की हुई मौत

Updated at : 26 Apr 2025 10:49 PM (IST)
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Seraikela News : तेज रफ्तार निगल रही जान, तीन माह में 56 लोगों की हुई मौत

तेज रफ्तार निगल रही जान, तीन माह में 56 लोगों की हुई मौत

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खरसावां. सरायकेला-खरसावां जिले की सड़कें तेज रफ्तार लोगों के लिए काल बन रही है. सड़क दुर्घटनाओं में मौत के आंकड़े डरावने हैं. इस वर्ष ही पहली तिमाही (जनवरी से मार्च) में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में हुए 69 सड़क दुर्घटनाओं में 56 लोगों की मौत हुई है. अप्रैल में भी करीब आधे दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. फिर भी लोग ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे हैं. अब भी लोग बिना हेलमेट के बाइक चला रहे हैं. अधिकतर जान तेज रफ्तार और ड्रिंक एंड ड्रंक ड्राइव से जा रही है. इससे लोगों को जान-माल का नुकसान भी हो रहा है. खासकर सरायकेला से आदित्यपुर, सरायकेला से चाईबासा, कांड्रा चौका, हाता-राजनगर-चाईबासा व चांडिल के एनएच 33 व एनएच-32 में आये दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं. अधिकतर दुर्घटनाएं ओवर स्पीड व ड्रिंक एंड ड्रंक ड्राइव के कारण घटित हो रही है. जिला में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सड़क सुरक्षा समिति गठित है, जो समय-समय पर बैठक कर दुर्घटनाओं पर नियंत्रण लगाने को लेकर विचार-विमर्श करती है. समिति दुर्घटना स्थल को चिह्नित करते हुए लोगों को जागरूक करने का काम करती है.

जिले में यातायात नियमों की अनदेखी के कारण हो रहीं सड़क दुर्घटनाएं

जिला में चलाये जा रहे जांच अभियान के बावजूद भी यातायात नियमों का उल्लंघन हो रहा है. यहां बाइक पर ट्रिपल राइडिंग आम बात है. साथ ही कम उम्र के बच्चों को ट्रैक्टर चलाते भी आसानी से देखा जा सकता है. जिला में नियमों को ताक पर रख कर छोटे-बड़ वाहनों का परिचालन हो रहा है. कम उम्र के बच्चों को बाइक चलाने से लेकर ट्रिपल राइडिंग अक्सर देखा जा सकता है. भारी वाहनों में ओवर लोडिंग, तेज गति से वाहन चलाना आम बात हो गयी है. सड़कों पर चल रही स्लैग लदे वाहनों से उड़ती धूल के कारण भी दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

बाइकर्स कर रहे स्टंट, दुर्घटना की आशंका बढ़ी

सरायकेला थाना क्षेत्र में अलग-अलग मार्ग पर शाम के वक्त युवक साइलेंसर खुली बाइक पर स्टंट करते फर्राटे भरने लगते हैं. इससे न केवल उनकी जान बल्कि सड़क से गुजरने वाले अन्य वाहनों और लोगों की भी सुरक्षा खतरे में रहती है. प्रेशर हॉर्न से ध्वनि प्रदूषण भी फैल रहा है. लोगों का कहना है कि इस पर रोक लगाना जरूरी है.

2023 में 161 व 2024 में 166 लोगों ने गंवायी थी जान

जिला में सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं. इससे लोगों की जान-माल की क्षति हो रही है. आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2023 के मुकाबले 2024 में सड़क हादसों में मौत की रफ्तार बढ़ी है. सड़क हादसों में वर्ष 2023 के मुकाबले वर्ष 2024 में पांच लोग अधिक अपनी जान गवां चुके हैं. जिले में अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में वर्ष 2023 में 161 लोगों की जान गयी थी. वहीं वर्ष 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 166 हो गया है. समीक्षा बैठक में यह बात सामने आयी कि ओवर स्पीडिंग व यातायात नियमों की अनदेखी के कारण ज्यादातर दुर्घटनाएं हुई हैं.

जिले में 20 से अधिक ब्लैक स्पॉट चिह्नित

जिले में 20 से अधिक ब्लैक स्पॉट चिह्नित हैं. दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने व परिवहन नियमों की कड़ाई से पालन के लिए ट्रैफिक पुलिस सिर्फ टारगेट के तहत जुर्माना वसूल रही है. न तो ट्रैफिक नियमों का पालन हो रहा है और न ही दुर्घटनाओं पर अंकुश लग रहा है. सरायकेला-कांड़्रा मार्ग पर दुगनी, टोल रोड मोड़, घोड़ा बाबा मंदिर आदित्यपुर, आशियाना मोड़, आकाशवाणी मोड़, आमदा रोड, झाबरी, बड़ाआमदा, पाटाडाउन, उरमाल , नागासोरेंग सहित 20 से अधिक ब्लैक स्पॉट हैं.

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