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Seraikela Kharsawan News : जंगल बचेगा, तो पर्यावरण रहेगा सुरक्षित : सांसद कालीचरण मुंडा

Updated at : 02 Mar 2026 12:11 AM (IST)
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Seraikela Kharsawan News : जंगल बचेगा, तो पर्यावरण रहेगा सुरक्षित : सांसद कालीचरण मुंडा

सामुदायिक प्रयासों से बढ़ा जंगल का घनत्व, रायसिंदरी बना आदर्श ग्राम की मिसाल

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खरसावां. सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई प्रखंड के सीमावर्ती रायसिंदरी गांव में गोपाल सिंह मुंडा की अध्यक्षता में सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति के तत्वावधान में पारंपरिक रूप से वनाधिकार पत्थलगड़ी का 15वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया. पत्थलगड़ी स्थल पर पाहन सागर मुंडा एवं पांडु मुंडा ने विधिवत पूजा-अर्चना की. इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों ने जंगलों और जैव विविधताओं के संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे खूंटी के सांसद कालीचरण मुंडा ने कहा कि आदिवासी समुदाय का जल-जंगल-जमीन से अनन्य संबंध है. जंगल बचेगा, तभी पर्यावरण संतुलन बना रहेगा और सभी प्राणी सुरक्षित रह सकेंगे. उन्होंने लोगों से संगठित होकर जंगल और जैव विविधता की रक्षा करने की अपील की तथा भविष्य की पीढ़ियों के लिए जंगल संरक्षण को अनिवार्य बताया.

जंगल से जुड़ा है आदिवासियों का अस्तित्व : विधायक

खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि आदिवासियों का अस्तित्व जंगलों से जुड़ा है, इसलिए जंगलों के साथ-साथ जैव विविधताओं को भी हर हाल में संरक्षित करना होगा. उन्होंने वनोपज से होने वाली आजीविका के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्रकृति के जितना करीब रहेंगे, उतना ही जीवन सुखी और संतुलित रहेगा. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सजगता से रायसिंदरी क्षेत्र में लगातार जंगलों का घनत्व बढ़ रहा है, जिसे आगे भी बनाए रखना जरूरी है. जल-जंगल है, तभी कल है, इस संदेश के साथ विधायक ने रायसिंदरी के सभी 15 टोला में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया. साथ ही क्षेत्र की समस्याओं को विधानसभा में उठाने की बात कही.

वन संसाधनों के संरक्षण, प्रबंधन और पुनर्जीवन पर बल

झारखंड जंगल बचाओ आंदोलन के केंद्रीय सदस्य सोहन लाल कुम्हार ने वनाधिकार कानून के विभिन्न प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण, प्रबंधन और पुनर्जीवन पर बल दिया. उन्होंने बताया कि सामुदायिक प्रयासों से जंगलों का घनत्व बढ़ा है. उन्होंने गर्मी के दिनों में जंगलों में लगने वाली आग से जैव विविधताओं को बचाने की अपील की. सोहन लाल कुम्हार ने जानकारी दी कि वनाधिकार कानून 2006 के तहत वर्ष 2010 में रायसिंदरी के 145 वनाश्रितों को 762.71 एकड़ वनभूमि पर व्यक्तिगत वनाधिकार प्रमाण पत्र प्रदान किया गया था. वहीं 29 दिसंबर 2020 को 3406.45 एकड़ वनभूमि पर सामुदायिक वनाधिकार प्रमाण पत्र मिला. उन्होंने बताया कि 1964-65 के भू-सर्वे के अनुसार यह मौजा पूर्ण रूप से वनभूमि है. आइसीएफजी संस्थान के सहयोग से कुचाई का रायसिंदरी गांव अब एक आदर्श ग्राम का स्वरूप ले चुका है. इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया.

कार्यक्रम में ये थे उपस्थित :

कार्यक्रम में बासंती गागराई, सोहनलाल कुम्हार, सुखराम मुंडा, राज बागची, ग्रामीण मुंडा गोपाल सिंह मुंडा, दामु मुंडा, देवेंद्र सरदार, रवींद्र हाईबुरु, लालसिंह सोय, कारु मुंडा, देवेंद्र सरदार, आरती मुंडा, विनती मुंडा, शारदा मनी मुंडा, धर्मेंद्र मुंडा, करम सिंह मुंडा, नायडू गोप, मुन्ना सोय, रूप सिंह गूंजा, राहुल सोय, बुधराम मुंडा समेत रायसिंदरी गांव के 15 टोला के सैकड़ों लोग पहुंचे थे.

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ATUL PATHAK

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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