कटिहार के विष्णु मंदिर में गूंजा भक्ति का महास्वर, हरि नाम में डूबीं श्रद्धालु महिलाएं

Updated:
विज्ञापन
कटिहार के विष्णु मंदिर में गूंजा भक्ति का महास्वर, हरि नाम में डूबीं श्रद्धालु महिलाएं

भक्ति में सराबोर दिखीं सैकड़ों महिलाएं

katihar News: कटिहार में जब “हरे राम-हरे कृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा पूरा मंदिर परिसर, भक्ति में सराबोर दिखीं सैकड़ों महिलाएं

विज्ञापन

बारसोई (कटिहार) से अरविन्द गुप्ता की रिपोर्ट.

katihar News: ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा पर बारसोई स्थित प्राचीन श्री विष्णु मंदिर भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बन गया. महिला मंडली के तत्वावधान में आयोजित भव्य हरिनाम संकीर्तन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाओं ने हिस्सा लिया. मंदिर परिसर में गूंजते हरिनाम, भजनों की मधुर धुन और भगवान विष्णु के जयघोष ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया. देर शाम तक श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर संकीर्तन का आनंद लेते रहे.

हरि नाम की धुन पर झूम उठा मंदिर परिसर

रविवार की संध्या जैसे ही हरिनाम संकीर्तन का शुभारंभ हुआ, श्री विष्णु मंदिर परिसर आध्यात्मिक वातावरण से भर गया. “हरे राम, हरे कृष्ण” और श्रीहरि के विभिन्न भजनों की स्वर लहरियां चारों ओर गूंजने लगीं. श्रद्धालु महिलाएं भक्ति गीतों के साथ भगवान के नाम का स्मरण करती रहीं. संकीर्तन की मधुर धुन पर महिलाएं भाव-विभोर होकर झूमती नजर आईं.

अधिक मास में विष्णु आराधना का विशेष महत्व

धार्मिक विद्वानों और वक्ताओं ने संकीर्तन के दौरान अधिक मास की महत्ता पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि सनातन परंपरा में अधिक मास को भगवान विष्णु की विशेष आराधना का समय माना जाता है. इस अवधि में किए गए जप, तप, भजन-कीर्तन और दान-पुण्य का विशेष फल प्राप्त होता है. श्रद्धालुओं को नियमित रूप से हरिनाम संकीर्तन और सत्कर्म करने का संदेश भी दिया गया.

श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संगम

कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला. महिलाओं ने सामूहिक रूप से भगवान विष्णु के नाम का कीर्तन कर धार्मिक एकता और आध्यात्मिक चेतना का परिचय दिया. श्रद्धालुओं का मानना है कि हरिनाम संकीर्तन मन को शांति और जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है.

आरती और महाप्रसाद के साथ हुआ समापन

संकीर्तन के समापन पर भगवान विष्णु की विधिवत आरती की गई. इसके बाद उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया. पूरे आयोजन में भक्ति, उत्साह और आध्यात्मिक उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला. स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं को मजबूत करने वाला आयोजन बताया.

Also Read: पटना में बढ़ती गर्मी से जल संकट गहराया, 5 फुट नीचे गया जलस्तर, ट्यूबवेल पर बढ़ा दबाव

विज्ञापन
प्रत्युष प्रशांत

लेखक के बारे में

By प्रत्युष प्रशांत

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन