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Seraikela News : शहर का टैक्स, गांव से बदतर हालात

Updated at : 26 Apr 2025 10:52 PM (IST)
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Seraikela News : शहर का टैक्स, गांव से बदतर हालात

300 की आबादी एक चापाकल पर निर्भर, पाइपलाइन होते हुए भी पानी नहीं

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सरायकेला. सरायकेला शहरी क्षेत्र के वार्ड नंबर पांच के गुड़ियाडीह टोला में प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों ने प्रभात खबर की टीम को अपनी समस्याओं से अवगत कराया. ग्रामीणों का कहना है कि टोला कहने के लिए शहरी क्षेत्र में है, लेकिन सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्र से भी बदतर है. बताया कि बस्ती में आबादी करीब 300 के आस-पास है. यहां सुबह से लोगों को पेयजल के लिए मशक्कत करनी पड़ती है. सात चापाकल में छह खराब हैं. एक चापाकल से 300 लोगों की प्यास बुझ रही है. ग्रामीणों ने बताया कि खराब चापाकल की मरम्मत को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया. इसके बाद नगर पंचायत ने दो चापाकल की मरम्मत करायी थी, जो कुछ दिन ठीक चलने के बाद फिर से खराब हो गया. इसके बाद से चापाकल मरम्मत भगवान भरोसे है. साफ-सफाई की मुक्कमल व्यवस्था नहीं है. लाइट भी नहीं है. बस्ती में प्रतिदिन सफाई वाहन नहीं पहुंचता है.

एक साल से खराब है सोलर जलमीनार

गुड़ियाडीह बस्ती में पेयजल समस्या को ध्यान में रखते हुए नगर विकास विभाग ने वर्ष 2019 में सोलर जलमीनार का निर्माण कराया था. हालांकि, पिछले लगभग एक वर्ष से जलमीनार खराब पड़ी है. बस्तीवासियों ने इसकी सूचना नगर पंचायत को दी थी, जिसके बाद इसे मरम्मत कर चालू कराया गया था. कुछ दिन चलने के बाद फिर से मोटर खराब हो गई. इसके बाद लोगों ने आपसी सहयोग से राशि एकत्र कर जलमीनार की मरम्मत करवाई, लेकिन एक बार फिर जलमीनार खराब हो गयी, जिससे बस्ती में पेयजल संकट गहरा गया है.

सार्वजनिक उपयोग के लिए लगाये गये नल को बंद किया

स्थानीय लोगों ने बताया कि पाइपलाइन के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया गया है, लेकिन बस्ती के अधिकतर लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं और कनेक्शन नहीं ले पाए हैं. इसके अतिरिक्त सार्वजनिक उपयोग के लिए लगाए गए नलों को भी बंद कर दिया गया है, जिससे समस्या और बढ़ गई है. अब बस्तीवासियों को पानी के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

ग्रामीणों के बोल

नगर पंचायत क्षेत्र होने के कारण यहां के नागरिकों से सभी प्रकार के टैक्स वसूले जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं करायी जाती हैं.

-महेश्वर बारदा, गुड़ियाड़ीह

,प्रत्येक वर्ष गर्मी के मौसम में बस्ती के लोग पानी की गंभीर समस्या से जूझते हैं. पेयजल संकट को दूर करने के लिए सार्वजनिक उपयोग के लिए पाइपलाइन से नलों का कनेक्शन कराया जाना जरूरी है.

-रानी बोदरा, गुड़ियाडीह

बस्ती में लाइट की मुक्कमल व्यवस्था नहीं है, न ही प्रतिदिन वाहन बस्ती तक कचरा उठाव करने के लिए आता है. इससे जहां-तहां कचरा फेंकना पड़ता है.

-मुनी उमंग, गुड़ियाडीह

नगर पंचायत को चाहिए कि वह खराब पड़े चापाकलों की अविलंब मरम्मत कर उन्हें चालू कराए, ताकि लोगों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े.

मानसिंह मेलगांडी, गुड़ियाडीहB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ATUL PATHAK

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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