कालियाचक से झारखंड तक नशे का जाल! तीन तस्करों से पूछताछ में खुलेंगे राज
बरामद किया गया ब्राउन शुगर | Prabhat Khabar Network
साहिबगंज पुलिस ने 1 किलो से ज़्यादा ब्राउन शुगर के साथ 3 तस्करों को दबोचा. एक महीने की निगरानी का नतीजा, अब पूरे नेटवर्क का होगा खुलासा.
पतना.रांगा थाना क्षेत्र से 1 किलो 3 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ तीन अंतर्राज्यीय तस्करों की गिरफ्तारी के बाद साहिबगंज पुलिस अब पूरे नशा तस्करी नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने में जुट गयी है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई करीब एक महीने की गुप्त निगरानी और मजबूत मुखबिर तंत्र का परिणाम है. गिरफ्तारी के बाद पुलिस को गिरोह से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं. अब इन सुरागों के आधार पर नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है.
एक महीने से तस्करों के रूट पर थी पुलिस की नजर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, करीब दो महीने पहले पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने जिले के सभी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर मादक पदार्थों के खिलाफ विशेष निगरानी और सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया था. इसके बाद जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान तेज किया गया.
इसी दौरान करीब एक महीने पहले पुलिस को सूचना मिली कि पश्चिम बंगाल के कालियाचक से ब्राउन शुगर की बड़ी खेप बिहार और झारखंड भेजी जानी है. सूचना के बाद बरहरवा एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया. टीम ने संभावित रास्तों और तस्करों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखनी शुरू कर दी.
18 अगस्त की रात पुलिस को सूचना मिली कि केसरो गांव के पास ब्राउन शुगर का सौदा होने वाला है. इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की. सफेद रंग की स्कॉर्पियो से पहुंचे तीनों आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया.
पुलिस रिमांड पर होगी गहन पूछताछ, खुलेंगे कई राज
गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया. पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ करने की तैयारी में है. रिमांड मिलने के बाद पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों, फंडिंग, सप्लाई चेन और तस्करी के पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटायेगी.
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बंगाल और बिहार से जुड़े पांच अन्य तस्करों और डीलरों के नाम व उनके बारे में जानकारी पुलिस को दी है. इन सुरागों के आधार पर पुलिस की ओर से संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है.
कहां तैयार होती है ब्राउन शुगर, कौन करता है फंडिंग. जांच तेज
पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि बरामद ब्राउन शुगर का स्रोत कहां है और इस पूरे कारोबार के पीछे आर्थिक मदद कौन पहुंचा रहा है. इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि कालियाचक से निकली खेप बिहार पहुंचने के बाद झारखंड के किन-किन जिलों में भेजी जाती थी.
स्थानीय स्तर पर इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. पुलिस को आशंका है कि सप्लाई चेन में कई स्तर पर लोग सक्रिय हो सकते हैं.
साहिबगंज, राजमहल और रांगा में पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
साहिबगंज जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ पहले भी कई कार्रवाई हो चुकी है. 16 अगस्त को नगर और जिरवाबाड़ी थाना पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर आजाद नगर के पास से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था. उसके पास से 8 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई थी.
वहीं, 2 अगस्त को राधानगर थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 1.90 ग्राम एमडीएमए के साथ एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. कुछ महीने पहले रांगा थाना पुलिस ने भी 52 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ चार युवकों को गिरफ्तार किया था.
इधर, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रघुनाथगंज थाना क्षेत्र में एनएच-12 पर नाकाबंदी के दौरान करीब 24 करोड़ रुपये की हेरोइन बरामद होने के मामले को भी पुलिस गंभीरता से देख रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि साहिबगंज में पकड़ी गयी ब्राउन शुगर का उस मामले से किसी तरह का संबंध तो नहीं है.
कालियाचक में कमरा लेकर नेटवर्क संचालित करने का दावा
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस को नेटवर्क के संचालन को लेकर भी अहम जानकारी मिली है. सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल के दो बड़े तस्कर कालियाचक में किराये पर कमरा लेकर कथित तौर पर पूरे नेटवर्क की निगरानी कर रहे थे.
बताया जा रहा है कि इसी ठिकाने से झारखंड और बिहार में नशीले पदार्थों की खेप भेजने की गतिविधियों को संचालित किया जाता था. गिरफ्तार तीन आरोपियों में से एक की पत्नी के भी इस कारोबार से जुड़े होने की जानकारी सामने आयी है. सूत्रों के अनुसार, वह कथित तौर पर पैसों के लेन-देन का काम देखती थी.
शहर से गांव तक पहुंचा नशे का कारोबार, युवाओं पर सबसे बड़ा खतरा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, ब्राउन शुगर का कारोबार अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रह गया है. कॉलेजों, हॉस्टलों और शहर के विभिन्न चौक-चौराहों के साथ ग्रामीण इलाकों तक इसकी पहुंच की आशंका जतायी जा रही है.
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि युवाओं का नशे की गिरफ्त में आना सबसे बड़ी चिंता है. इसे रोकने के लिए केवल पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं है. प्रशासन के साथ अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी जागरूक होकर निगरानी बढ़ाने की जरूरत है.
ताजा कार्रवाई की सराहना करते हुए एसपी ने जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए अभियान लगातार जारी रखने की बात कही है. पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से मिले सुरागों के आधार पर नेटवर्क की अगली कड़ियों तक पहुंचने में जुटी है.
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लेखक के बारे में
By महेश कुमार ठाकुर
महेश कुमार ठाकुर सितंबर 2017 से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। वे साहिबगंज जिले के पतना प्रखंड से संवाददाता के रूप में कार्य करते हैं। अपराध, जनहित के मुद्दों और मुख्यमंत्री के क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियों की तथ्यपरक एवं जमीनी रिपोर्टिंग उनकी विशेष पहचान है।
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