लीड ::.... सदर अस्पताल में चिकित्सक व कर्मचारियों की भारी कमी, 40 चिकित्सकों व 63 कर्मचारियों के हैं स्वीकृत पद, मात्र नौ चिकित्सकों व 16 कर्मचारियों से लिया जा रहा काम

Updated at : 04 Jul 2024 5:32 PM (IST)
विज्ञापन
लीड ::.... सदर अस्पताल में चिकित्सक व कर्मचारियों की भारी कमी, 40 चिकित्सकों व 63 कर्मचारियों के हैं स्वीकृत पद, मात्र नौ चिकित्सकों व 16 कर्मचारियों से लिया जा रहा काम

100 शैया की क्षमता का है जिला हॉस्पिटल, प्रतिदिन 250 से 350 रोगी पहुंचते हैं इलाज कराने, मुकम्मल सुविधाओं का है घोर अभाव

विज्ञापन

प्रबंधन सजग नहीं. 100 शैया की क्षमता का है जिला हॉस्पिटल, प्रतिदिन 250 से 350 रोगी पहुंचते हैं इलाज कराने, मुकम्मल सुविधाओं का है घोर अभाव

मरीज भागलपुर, पटना, मालदा, रामपुरहाट व कोलकाता में इलाज कराने काे विवश

फोटो नं 04 एसबीजी 17, 18 हैकैप्सन – गुरूवार को साहिबगंज सदर अस्पतालसिविल सर्जन डा अरविंद कुमारइमरजेंसी में आंख के चिकित्सक करते हैं मरीजों का इलाजअमित सिंह, साहिबगंज

झारखंड राज्य के अंतिम छोर पर बसे साहिबगंज जिले की 50 प्रतिशत आबादी पठारी व दियारा क्षेत्रों में निवास करती है. वहीं साहिबगंज सदर अस्पताल 100 शैया की क्षमता का अस्पताल है. सदर अस्पताल में प्रतिदिन 250 से 350 की संख्या में लोग अपना इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं. सदर अस्पताल में आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस मॉड्यूलर ओटी सहित तीन ओटी, कमजोर व कम वजन वाले नवजात शिशुओं के लिए एसएनसीयू, फिजियोथैरेपी ब्लड जांच के लिए सेंट्रल लैब, एसआरएल लैब, तीन एक्स-रे की सुविधा के अलावे सभी तरह के उपकरण उपलब्ध हैं. इसके बावजूद मरीजों को इलाज के लिए बिहार के भागलपुर, पटना एवं पच्छिम बंगाल के मालदा, रामपुर हाट व कोलकाता जाना पड़ता है. इसका प्रमुख कारण सदर अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है. सदर अस्पताल में चिकित्सक और कर्मचारियों का 40 से 60 प्रतिशत पद रिक्त है. सदर अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सदर अस्पताल में चिकित्सक का स्वीकृत पद 40 है, लेकिन वर्तमान समय में मात्र नौ चिकित्सक कार्यरत है. कर्मचारियों के 63 पद स्वीकृत हैं, लेकिन मात्र 16 कर्मचारी कार्यरत हैं. ए ग्रेग नर्स का 24 पद स्वीकृत हैं, लेकिन मात्र दो ए ग्रेड नर्स मंजुली मुर्मू व चंद्रकला कुमारी कार्यरत है. कुल मिलाकर कहें, तो साहिबगंज सदर अस्पताल की व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है.

इमरजेंसी में आंख के चिकित्सक करते हैं आम मरीजों का इलाज

साहिबगंज सदर अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के कारण इलाज के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है. इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान अधिकतर हृदय रोग, सांस रोग, विषपान, करंट लगे, सड़क दुर्घटना में घायल एवं बर्न मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. इन सभी मरीजों को गैसपीन एवं काफी नाजुक स्थिति में इलाज के लिए सदर अस्पताल परिजन लाते हैं. इन सभी मरीजों के इलाज के लिए इमरजेंसी में फिजिशियन या सर्जन की जरूरत होती है. लेकिन ऐसा नहीं होता है. इमरजेंसी वार्ड में आंख के डॉक्टर इन मरीजों का इलाज करते हैं. इसके अलावे प्रशिक्षु चिकित्सकों को भी इमरजेंसी ड्यूटी में अकेले लगा दिया जाता है.

दो नर्सों के भरोसे 60 मरीज

साहिबगंज सदर अस्पताल में महिला वार्ड, बर्न वार्ड, पुरुष सामान्य वार्ड, कैदी वार्ड में प्रतिदिन लगभग 60 मरीज भर्ती रहते हैं. इलाजरत 60 मरीजों की देखभाल सिर्फ दो नर्स के भरोसे होती है. यही कारण है कि सदर अस्पताल में आये दिन नर्स व मरीजों के परिजनों के बीच तू-तू, मैं-मैं होता रहता है.

रात में प्रसूता वार्ड में ऑन ड्यूटी रहती हैं महिला चिकित्सक

सदर अस्पताल के लेबर रूम व प्रसूता वार्ड में रात के समय महिला चिकित्सक नहीं रहती है. दिन में तो महिला चिकित्सक रहती है और सब ठीक-ठाक रहता है. लेकिन रात के नौ बजे के बाद प्रसूता वार्ड एवं लेबर रूम में महिला चिकित्सक नहीं रहती है. महिला चिकित्सक ऑन कॉल रहती है. रात में ए-ग्रेड नर्स एवं एएनएम रहती है. अगर जरूरत महसूस होती है या सिजेरियन ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है, तो ड्यूटी पर तैनात ए ग्रेड की नर्स फोन कर ऑन कॉल महिला चिकित्सक को सदर अस्पताल बुलाती हैं.

क्या कहते हैं सिविल सर्जन

साहिबगंज

निश्चित तौर पर साहिबगंज सदर अस्पताल में चिकित्सक एवं कर्मचारियों की घोर कमी है. मेरे द्वारा भी चिकित्सक व कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य स्वास्थ्य विभाग को कई बार पत्र लिखा गया है. हमारे पूर्व के सीएस के द्वारा भी मानव बल को बढ़ाने के लिए पत्र लिखा गया है. वर्तमान समय में उपलब्ध चिकित्सक को स्वास्थ्य कर्मचारी से ही किसी तरह सदर अस्पताल का कार्य कराया जा रहा है.

डॉ अरविंद कुमार, सिविल सर्जन, साहिबगंज

पदनाम- स्वीकृत बल- कार्यरत बल- रिक्ति- पदस्थापित पदाधिकारी व कर्मी का नामउपाधीक्षक- 01- 00- 01- –चिकित्सा पदाधिकारी – 11- 01- 10- डॉ अनिता सिन्हानाक, कान गला रोग- 01- 00- 01- –नेत्र रोग विशेषज्ञ- 01- 00- 01- डॉ शहबाज हुसैनमूर्छक विशेषक- 01- 00- 01- –मूर्छक – 03- 00- 03- –महिला चिकित्सक पदाधिकारी – 01- 01- 00- डॉ किरण मालापैथोलोजिस्ट – 02- 01- 01- डॉ मो अलीमुददीन अंसारीफिजिशियन – 02- 00- 02- –वरीय दंत चिकित्सक – 01- 00- 01- –जिला दंत चिकित्सक – 01- 01- 00- डॉ भारती कुमारीसर्जन – 02- 00- 02- –मनो चिकित्सक- 01- 00 01 –अस्थि रोग विशेषज्ञ – 02- 01- 01- डॉ सचिन कुमाररेडियोलोजिस्ट – 01- 00- 01- –चर्म एवं गुप्त रोग विशेषज्ञ- 02- 00- 02 – –स्त्री रोग विशेषज्ञ- 03- 01- 02- डॉ संजीव कुमार प्रसादफॉरेंसिक विशेषज्ञ- 01- 00- 01- –शिशु रोग विशेषक- 03- 02- 01- डॉ परमानंद काशी, डॉ फरोग हसनपरि.श्र.ए.- 24- 02- 22- मंजुला मुर्मू, चंद्रकला कुमारीप्रयो प्रावैधिक- 04- 03- 01- शाहबाज आलम, नौशाद अहमद अंसारी, सीमा जाफरफार्मासिस्ट- 04- 01- 03- अम्बुज कुमार सिंहएक्स-रे टैक्निशियन- 01- 00- 01- –लिपिक- 02- 02- 00- मुकेश कुमार सिन्हा, सुधांशु कुमारभंडारपाल – 01- 00- 01- –नेत्र सहायक – 01- 00- 01- –इसीजी टैक्निशियन- 01- 00- 01- –डायटिशियन – 01- 00- 01- –ओटी असिस्टेंट- 01- 00- 01- –डेंटल असिस्टेंट- 03- 00- 03- –पुरुष कक्ष सेवक- 05- 02- 03- जगन्नाथ पंडित, अशफाक, म.क.सेविका- 02- 01- 01- सविता गोस्वामीझाडुदारीन – 02- 02- 00- रूपी मालतो, अजिनिशिया कुमारीरसोईया – 01- 00- 01- –रसोईया सह सेवक- 01- 00- 01- –परिधापक – 03- 00- 03- –चालक- 01- 01- 00- शिवचरण प्रसाद सिन्हाचपरासी- 01- 00- 01

नोट – यह डाटा सदर अस्पताल के आधार से ली गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola