ओके....पारा गिरने के साथ बढ़ी कंबल व रजाई की मांग

साहिबगंज: पारा गिरने के साथ ही बाजार में कंबल व रजाई की मांग बढ़ गयी है. चौक बाजार की मंडी में रोजाना कंबल का सिर्फ 20 से 30 हजार का कारोबार हो रहा है. हाड़ कंपाती शीतलहर में कंबल की डिमांड इतनी है कि कई दुकानों में स्टॉक खत्म होने लगे हैं. इस साल रजाई […]
साहिबगंज: पारा गिरने के साथ ही बाजार में कंबल व रजाई की मांग बढ़ गयी है. चौक बाजार की मंडी में रोजाना कंबल का सिर्फ 20 से 30 हजार का कारोबार हो रहा है. हाड़ कंपाती शीतलहर में कंबल की डिमांड इतनी है कि कई दुकानों में स्टॉक खत्म होने लगे हैं. इस साल रजाई की कीमत में 25 फीसदी का उछाल आया है.
ब्रांडेड कंपनी की डिमांड: बाजार में लोकल से लेकर ब्रांडेड कंपनियों के कंबल अलग-अलग रेंज में उपलब्ध है. रेमंड व सिगनेचर ने बाजार में कंबल की कई किस्में उतारी है. क्या कहते हैं दुकानदार: चौकबाजार स्थित ऊनी कपड़ों के विक्रेता केदार व दिलीप ने बताया कि अधिकांश ग्राहक ब्रांडेड कंबल ही खरीद रहे हैं. सामाजिक संगठन व राजनेता कभी-कभी लोकल कंबल थोक में खरीदते हैं. कई लोग रेडिमेड रजाई के साथ बनवाने का भी ऑर्डर दे रहे हैं.
लोगों को इंपोर्टेड मिंक कंबल के साथ शनील की रजाई काफी लुभा रही है. सफर के लिए कई ग्राहक लोई की भी खरीदारी कर रहे हैं. बाजार में मूल्य इंपोर्टेड मिंक कंबल सिंगल बेड 1200 से 2500 रुपये इंपोर्टेड मिंक कंबल डबल बेड 2000 से 3500 रुपये लोकल कंबल 250 रुपये से शुरू रजाई 500 रुपये शुरू शनील रजाई 800 रुपये शुरू
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