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WPL महिला क्रिकेट के लिए बना गेम चेंजर, झारखंड की दो बेटियां टूर्नामेंट में दिखा रहीं दम

Updated at : 05 Mar 2024 1:56 PM (IST)
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WPL महिला क्रिकेट के लिए बना गेम चेंजर, झारखंड की दो बेटियां टूर्नामेंट में दिखा रहीं दम

डब्ल्यूपीएल-2024 में झारखंड की दो खिलाड़ी भी दमखम दिखा रही हैं. इसमें बोकारो की इंद्राणी रॉय और जमशेदपुर की अश्विनी कुमारी हैं. डब्ल्यूपीएल की वजह से अब झारखंड की महिला क्रिकेटरों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है.

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देश में अब तक महिलाओं को कॉमनवेल्थ और ओलिंपिक के खेलों से पहचान मिलती आयी है, लेकिन हाल के वर्षों में महिला क्रिकेट को लेकर भी दर्शकों में उत्सुकता बढ़ी है. इसी कड़ी में आइपीएल की तर्ज पर शुरू हुआ डब्ल्यूपीएल यानी वीमेंस प्रीमियर लीग महिला उत्थान की ओर एक बड़ा कदम है. अब महिला क्रिकेटरों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक नया मंच मिला है, जिससे युवा खिलाड़ियों में ज्यादा से ज्यादा मौके मिलने की उम्मीद बढ़ गयी है. साथ ही महिला क्रिकेट को पुरुष क्रिकेट के बराबर लाने की कोशिश भी.

डब्ल्यूपीएल में झारखंड की दो बेटियां दिखा रहीं दम

अभी डब्ल्यूपीएल का दूसरा सीजन चल रहा है. इसका असर महिला क्रिकेटरों के साथ-साथ पूरी आधी आबादी पर भी दिख रहा है. एक समय था जब लड़कियों का खेलना-कूदना अच्छा नहीं माना जाता था. आज बेटियां खेलों में अपना दम दिखा रही हैं. डब्ल्यूपीएल-2024 में झारखंड की दो खिलाड़ी भी दमखम दिखा रही हैं. इसमें बोकारो की इंद्राणी रॉय रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु के लिए खेल रही हैं, तो जमशेदपुर की अश्विनी कुमारी दिल्ली कैपिटोल टीम से जुड़ी हुई हैं. आम महिलाओं में आइपीएल की तरह ही डब्ल्यूपीएल के प्रति उत्साह दिख रहा है. महिला क्रिकेटरों को देखकर इनका उत्साह और भी बढ़ रहा है.

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महिला क्रिकेट को बहुत सपोर्ट कर रहा बीसीसीआइ

पिछले साल एकेडमी की शुरुआती की. इन दिनों एकेडमी में 20-25 लड़कियां कोचिंग ले रही हैं. महिला क्रिकेटरों के लिए डब्ल्यूपीएल एक बहुत बड़ा अवसर लेकर आया है. आज लड़के-लड़कियों में कोई फर्क नहीं है. महिलाएं खिलाड़ी के साथ-साथ कोच भी बन रही हैं. बीसीसीआइ भी महिला क्रिकेट को बहुत सपोर्ट कर रहा है. पुरुष क्रिकेटरों के बराबर सैलरी मिलने लगी है. लड़कियां काफी अच्छा खेल रही हैं. क्रिकेट एसोसिएशन ने वीमेन विंग भी बना दिया है, जिसके अंतर्गत हर हफ्ते एक मैच होता है.
नंद पांडेय, रॉकमेंस एंड वीमेंस क्रिकेट एकेडमी

हजारीबाग पुलिस मैदान से क्रिकेट की शुरुआत करने वाली शुभ लक्ष्मी ने अपने खेल और मेहनत के बदौलत भारतीय महिला क्रिकेट टीम में जगह बनायी. वर्ष 2012-15 तक टीम से जुड़ी रहीं. पूर्व तेज गेंदबाज शुभलक्ष्मी कक्षा आठवीं से ही क्रिकेट खेल रही हैं. उन्होंने कहा कि डब्ल्यूपीएल क्रिकेट खेलनेवाली महिला क्रिकेटरों के लिए बहुत अच्छा मंच है. हमारे समय में डब्ल्यूपीएल नहीं था, लेकिन आज के समय के लिए यह बहुत बड़ी ताकत है.

-शुभ लक्ष्मी, पूर्व क्रिकेटर

भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम में झारखंड की बेटी

हजारीबाग की नेत्रहीन गीता महतो भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम की सदस्य हैं. अपने बुलंद हौसले के दम पर सफलता की राह को आसान बना दिया है. वह कहती हैं : डब्ल्यूपीएल महिला क्रिकेटरों के लिए बहुत बड़ा मंच है. यहां महिला क्रिकेटर अपना परचम लहरा सकती हैं. भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मेरा मनोबल बढ़ाया है. अन्य बड़ी खिलाड़ी भी इस मंच पर सबका मनोबल बढ़ाने के लिए हमेशा तत्पर हैं.
गीता महतो

मैं 2017 से क्रिकेट खेल रही हूं. वर्ष 2018 में अंडर-16 और 2020 में अंडर-19 खेला. 2021 से लेकर 2023 तक राज्य स्तर पर अपनी पहचान बनायी. डब्ल्यूपीएल जैसा प्लेटफॉर्म महिला खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर है. आगे भी काफी मौके मिलेंगे.
-ईशा कुमारी

मैं हजारीबाग की रहनेवाली हूं. रांची में क्रिकेट की ट्रेनिंग ले रही हूं. अब महिला क्रिकेटरों के पास डब्ल्यूपीएल जैसा मंच है. इस कारण अब काफी अवसर बढ़ गये हैं. मैं हर दिन चार घंटे अभ्यास करती हूं. अच्छे खेल के दम पर डब्ल्यूपीएल तक पहुंचा जा सकता है.

-पल्लवी कुमारी

 तीन वर्षों से ट्रेनिंग ले रही हूं. डब्ल्यूपीएल बेहतर अवसर लेकर आया है. इस मंच के दम पर महिला खिलाड़ियों को देश के लिए खेलने का अवसर मिल सकता है. मैं हर दिन टीवी पर डब्ल्यूपीएल के मुकाबले देख रही हूं और कुछ न कुछ सीखने की कोशिश कर रही हूं.  -मेघा

क्रिकेट के बदौलत ही मुझे रेलवे में नौकरी मिली. अच्छे क्रिकेट खेलने पर बेटियों को कई बड़े अवसर मिल रहे हैं. डब्ल्यूपीएल महिला क्रिकेटरों के लिए बहुत बड़ा अवसर लेकर आया है. मैं 2016 से झारखंड महिला क्रिकेट टीम, अंडर-23 की कोच हूं. इंडिया-ए के लिए खेल चुकी हूं. झारखंड और ईस्ट जोन यूनिवर्सिटी में भी प्रतिनिधित्व कर चुकी हूं.
सीमा सिंह, कोच, झारखंड महिला क्रिकेट टीम

मैंने 10 वर्षाें तक झारखंड क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया है. नेशनल खेल चुकी हूं. पांच वर्षों से लड़कियों को क्रिकेट की ट्रेनिंग दे रही हूं. डब्ल्यूपीएल के आयोजन होने से लड़कियों में क्रिकेट के प्रति रुचि और जग गयी है. बेटियां काफी अच्छा खेल रही हैं. मेहनत कर रही हैं. डब्ल्यूपीएल महिला क्रिकेटरों के लिए बेहतरीन प्लेटफॉर्म है.

-अंजना कुमारी, महिला क्रिकेट कोच

डब्ल्यूपीएल बेटियों के लिए बहुत ही अच्छा अवसर है. इससे वे अपनी प्रतिभा तो दिखा ही रही हैं, साथ ही उनके स्वास्थ्य के लिए अच्छा है. मैं हर दिन टीवी पर डब्ल्यूपीएल का मुकाबला देख रही हूं. बेटियों को क्रिकेट खेलता देख सुखद अहसास दे रहा है.

-सिंधू मिश्रा, बरियातू

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