वक्फ बिल पर झारखंड में हंगामा है क्यों बरपा? एक-दूसरे पर तीर चला रहे कांग्रेस, भाजपा के नेता

समीर उरांव, शिल्पी नेहा तिर्की और राफिया नाज.
Waqf Bill Politics in Jharkhand: लोकसभा और राज्यसभा में पास हुए वक्फ संशोधन बिल पर झारखंड की राजनीति गरमा गयी है. कांग्रेस और भाजपा के नेता एक-दूसरे पर आरोपों के तीर चला रहे हैं. कांग्रेस ने भाजपा को अल्पसंख्यक विरोधी करार दिया है, तो भाजपा ने कांग्रेस को आदिवासी और अल्पसंख्यक दोनों का विरोधी बताया है.
Waqf Bill Politics in Jharkhand| वक्फ बिल पर झारखंड में राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गयी है. खासकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की सरकार में शामिल कांग्रेस पार्टी और मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के बीच. संसद में वक्फ संशोधन बिल के पास होते ही झामुमो ने सबसे पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इसका विरोध किया. झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने भी वक्फ संशोधन बिल के विरोध में आवाज बुलंद की. वहीं, झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और रघुवर दास ने इसकी जमकर तारीफ की. इसके बाद से लगातार भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच बयानबाजी का दौर जारी है.
वक्फ संशोधन बिल 27 प्रतिशत अल्पसंख्यक आबादी के अधिकारों पर आक्रमण – शिल्पी
झारखंड सरकार की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा है कि वक्फ संशोधन बिल देश की 27 प्रतिशत अल्पसंख्यक आबादी (मुस्लिम, ईसाई, सिख, जैन और बौद्ध) के अधिकारों पर आक्रमण है. मुस्लिम समुदाय के अधिकारों को इस बिल के जरिये छीना गया है. अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों पर भी आने वाले दिनों में कुठाराघात किया जायेगा. उन्होंने भाजपा को आदिवासी विरोधी करार देते हुए कहा कि यह पार्टी कभी आदिवासियों की हितैषी नहीं रही.

भाजपा मुसलमान की हितैषी नहीं – शिल्पी नेहा तिर्की
शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल मामले में भाजपा देश के सामने सिर्फ झूठ परोस रही है. देश का हर मुस्लिम, समाज का हर तबका जानता है कि भाजपा मुसलमान की हितैषी नहीं है. भाजपा ने इस बिल के माध्यम से बताने का प्रयास किया है कि यह देश संविधान और कानून से नहीं, बल्कि भाजपा के कानून से चलेगा.
झूठ और भ्रम फैला रही है कांग्रेस – राफिया नाज
उधर, भाजपा प्रवक्ता राफिया नाज ने भी कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. कहा कि कांग्रेस आदिवासियों को गुमराह न करे. राफिया नाज ने कहा कि कांग्रेस लगातार झूठ और भ्रम फैला रही है. कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि यह तथ्यों से परे और भ्रामक है. समाज में अनावश्यक भय और भ्रम फैलाने का कांग्रेस प्रयास करती है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आदिवासी समुदाय के हितों की बात कर रही है, यह हास्यास्पद है.

‘वक्फ संशोधन बिल वक्फ बोर्ड को भू-माफिया और लुटेरों के चंगुल से मुक्त कराने के लिए’
राफिया नाज ने कहा कि यह वही कांग्रेस है, जिसने एक आदिवासी बेटी द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनने का विरोध किया था. उन्होंने कहा कि झारखंड में अब तक पेसा कानून लागू नहीं हुआ. इसकी वजह से आदिवासी अपने अधिकारों से वंचित हो रहे हैं. उन्होंने पूछा कि वर्ष 1994, 1995 और वर्ष 2013 में जब कांग्रेस ने वक्फ बोर्ड में संशोधन किया था, तब क्या यह लोकतंत्र या अल्पसंख्यक विरोधी नहीं था. राफिया ने कहा कि भाजपा सरकार वक्फ बोर्ड कानून में संशोधन करके इसे भू-माफियाओं और लुटेरों के चंगुल से मुक्त कराना चाहती है.
समीर उरांव बोले- वक्फ संशोधन बिल से आदिवासियों की भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित होगी
वक्फ बिल पर शनिवार को भाजपा जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया. कहा कि वक्फ बिल एक महत्वपूर्ण निर्णय है, जिसमें अनुसूचित या जनजातीय क्षेत्रों में किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति घोषित नहीं किया जा सकेगा. यह कदम आदिवासियों और जनजातीय समुदायों की भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा.

आदिवासियों की जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित नहीं किया जा सकेगा
समीर उरांव ने कहा कि ‘धारा 3डी’ में इसकी व्यवस्था की गयी है. इसमें प्रावधान है कि किसी भी आदिवासी भूमि को वक्फ संपत्ति घोषित या अधिसूचित नहीं किया जा सकेगा, यदि वह भूमि प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम, 1904 या प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत संरक्षित स्मारक या संरक्षित क्षेत्र के रूप में सूचीबद्ध है. इतना ही नहीं, अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों से संबंधित कोई भी भूमि वक्फ संपत्ति घोषित नहीं की जा सकेगी.
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By Mithilesh Jha
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