मुंगेर में गर्मी की छुट्टी में कमाल पुस्तक से निखरेगी बच्चों की पढ़ाई, 1 जून से चलेगा समर कैंप
Published by : Pratyush Prashant Updated At : 30 May 2026 1:08 PM
पुस्तक पढ़ने के लिए समर कैप
Munger News: गर्मी की छुट्टियों में कमजोर बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए शिक्षा विभाग ने विशेष पहल की है. 1 जून से शुरू होने वाले समर कैंप में 'कमाल' पुस्तक के जरिए बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक क्षमता को मजबूत किया जाएगा.
मुंगेर से हिमांशु कुमार सिंह की रिपोर्ट.
Munger News: प्रखंड के बीआरसी प्रशिक्षण केंद्र में शनिवार को शिक्षा सेवकों और तालीमी मरकज कर्मियों के लिए एक दिवसीय गैर-आवासीय समर कैंप उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में केआरपी एवं विद्या भारती शिक्षक विजेंद्र कुमार की उपस्थिति में समर कैंप संचालन की विस्तृत जानकारी दी गई. इस कैंप का उद्देश्य कक्षा 5 और 6 के कमजोर बच्चों को गर्मी की छुट्टियों में अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग प्रदान करना है.
1 जून से 30 जून तक चलेगा विशेष समर कैंप
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि समर कैंप का आयोजन 1 जून से 30 जून तक किया जाएगा. प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 8:30 बजे तक बच्चों को पढ़ाया जाएगा. इस दौरान शिक्षा सेवक और तालीमी मरकज कर्मी बच्चों के साथ नियमित रूप से शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करेंगे.
समर कैंप में विशेष रूप से उन बच्चों पर ध्यान दिया जाएगा जो पढ़ाई में अपेक्षाकृत कमजोर हैं और जिन्हें अतिरिक्त मार्गदर्शन की आवश्यकता है.
‘कमाल’ पुस्तक से मजबूत होगी बुनियादी शिक्षा
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बताया गया कि बच्चों को पढ़ाने के लिए ‘कमाल’ पुस्तक का उपयोग किया जाएगा. इस पुस्तक के माध्यम से बच्चों में पढ़ने, लिखने और समझने की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जाएगा.
शिक्षा विभाग का मानना है कि खेल-खेल में सीखने की पद्धति और सरल गतिविधियों के जरिए बच्चों की सीखने की गति को बेहतर बनाया जा सकता है. इससे कमजोर वर्ग के बच्चों को विशेष लाभ मिलेगा.
10 से 15 बच्चों की जिम्मेदारी संभालेंगे शिक्षा सेवक
केआरपी विजेंद्र कुमार ने बताया कि प्रत्येक शिक्षा सेवक को 10 से 15 बच्चों की जिम्मेदारी दी जाएगी. सभी बच्चों की प्रतिदिन उपस्थिति दर्ज की जाएगी और उनकी शैक्षणिक प्रगति पर भी नजर रखी जाएगी.
उन्होंने कहा कि समर कैंप का उद्देश्य केवल पढ़ाई कराना नहीं, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उनकी बुनियादी शैक्षणिक कमजोरियों को दूर करना भी है.
छुट्टियों में भी जारी रहेगी सीखने की प्रक्रिया
शिक्षा विभाग की इस पहल से गर्मी की छुट्टियों के दौरान भी बच्चों की सीखने की प्रक्रिया जारी रहेगी. विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के कमजोर छात्रों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है. अधिकारियों का मानना है कि यह कार्यक्रम बच्चों के शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
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By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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