News of Naxal operation : राज्य को मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त करने का लक्ष्य
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 15 Jan 2025 12:23 AM
झारखंड को 31 मार्च 2026 तक भाकपा माओवादियों के हथियारबंद दस्ते से मुक्त कराने का लक्ष्य रखा गया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह डेटलाइन तय करते हुए पुलिस मुख्यालय को पत्र भेजा है. इसमें झारखंड पुलिस को बताया गया है कि उक्त तिथि तक देश को भाकपा माओवादियों के नक्सलियों से मुक्त करने का लक्ष्य तय किया गया है.
अमन तिवारी (रांची). झारखंड को 31 मार्च 2026 तक भाकपा माओवादियों के हथियारबंद दस्ते से मुक्त कराने का लक्ष्य रखा गया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह डेटलाइन तय करते हुए पुलिस मुख्यालय को पत्र भेजा है. इसमें झारखंड पुलिस को बताया गया है कि उक्त तिथि तक देश को भाकपा माओवादियों के नक्सलियों से मुक्त करने का लक्ष्य तय किया गया है. यह एजेंडा नेशनल सिक्यूरिटी काउंसिल की बैठक में वर्ष 2024 में तय किया गया था. इधर, गृह मंत्रालय का पत्र मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय ने नक्सल अभियान से जुड़े सीनियर अधिकारियों को राज्य को नक्सलवाद से मुक्त कराने की जवाबदेही सौंपी है.
खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट में शीर्ष नक्सलियों की जानकारी
झारखंड पुलिस को हाल में ही खुफिया एजेंसियों से नक्सलियों की सक्रियता को लेकर एक रिपोर्ट मिली थी. इसमें नक्सली संगठन के पोलित ब्यूरो मेंबर से लेकर सेंट्रल कमेटी सहित अन्य नक्सलियों के ठिकाने का भी उल्लेख था. रिपोर्ट के अनुसार, नक्सलियों की मुख्य टीम पोलित ब्यूरो मेंबर मिसिर बेसरा के नेतृत्व में काम कर रही है. उसके साथ 40-45 नक्सली हैं. मिसिर बेसरा के साथ सेंट्रल कमेटी के नक्सली अनल व असीम मंडल के अलावा बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी मेंबर सुशांत सहित अन्य नक्सली भी हैं. ये पश्चिमी सिंहभूम के बाबूडेरा में कैंप कर रहे हैं. इसके अलावा 15-17 की संख्या में नक्सलियों का एक ग्रुप शीर्ष नक्सली अजय महतो, अमित हांसदा और अपटन के नेतृत्व में काम कर रहा है. ये पश्चिमी सिंहभूम के जंगली इलाके में स्थित रूटागुटू में कैंप कर रहे हैं. दूसरी ओर, सेंट्रल कमेटी के नक्सली विवेक के नेतृत्व में नक्सली कमांडर अनुज, रघुनाथ और चंचल के अलावा अन्य नक्सली काम कर रहे हैं. बाकी पेज 11 पर ये बोकारो जिला के झुमरा इलाके में कैंप कर रहे हैं.झारखंड में सिर्फ पांच जिले नक्सल प्रभावित
फिलहाल राज्य में सिर्फ पांच जिले- गिरिडीह, गुमला, लातेहार, लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम नक्सल प्रभावित रह गये हैं. देश के पांच राज्यों के 12 सबसे अधिक नक्सल प्रभावित जिलों की श्रेणी में झारखंड का सिर्फ पश्चिमी सिंहभूम जिला है. चार जिले गिरिडीह, गुमला, लोहरदगा और लातेहार में नक्सली कमजोर हुए हैं. इन जिलों को डिस्ट्रिक्ट ऑफ कन्सर्न की श्रेणी में रखा गया है. सरायकेला-खरसावां, चतरा, खूंटी, रांची, बोकारो और गढ़वा वैसे जिले हैं, जो अब नक्सलियों के प्रभाव में नहीं हैं. यहां दोबारा नक्सली नहीं पनपें, इसके लिए विशेष ध्यान रखा जा रहा है.
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