सुरक्षाबलों ने चारों ओर से घेरा, कमजोर पड़े नक्सली

Updated at : 12 Feb 2024 5:52 AM (IST)
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सुरक्षाबलों ने चारों ओर से घेरा, कमजोर पड़े नक्सली

इस दौरान आइइडी ब्लास्ट व मुठभेड़ में सुरक्षाबल के पांच अफसर व जवानों के अलावा 31 पुलिसकर्मी घायल हुए. जबकि, ब्लास्ट में 16 ग्रामीण मारे गये और नौ घायल हुए हैं.

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रांची : झारखंड में फिलवक्त एक करोड़ रुपये के चार इनामी नक्सली हैं. इनमें माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा, केंद्रीय कमेटी सदस्य पतिराम मांझी, असीम मंडल व केंद्रीय कमेटी सदस्य विवेक उर्फ प्रयाग मांझी शामिल है. मिसिर बेसरा, पतिराम मांझी और असीम मंडल पश्चिम सिंहभूम जिले के सारंडा वन क्षेत्र अंतर्गत छोटानागरा व जरायकेला थाना क्षेत्र के जंगली क्षेत्र बलिवा व मरांगपोंगा के 50 स्क्वायर किमी क्षेत्र में दस्ते के साथ मौजूद है. इनके पास एके-47, इंसास, एसएलआर, एलएमजी सहित कुल 60 हथियार मौजूद है. वहीं, सुरक्षा व सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के लिए जगह-जगह नक्सलियों द्वारा क्षेत्र में आइइडी लगाया गया है. लेकिन, तीन शीर्ष नक्सलियों के सशक्त नेतृत्व के बाद भी नक्सली सुरक्षाबलों से आमने-सामने की लड़ाई नहीं लड़ पा रहे हैं. सुरक्षाबल इन्हें घेरे हुए हैं. अभियान से जुड़े अधिकारी बताते हैं पहले एक शीर्ष नक्सली के साथ दस्ता में 100 सदस्य रहते थे. यानी यहां 300 सदस्य होने चाहिए थे. लेकिन, फिलहाल इनके साथ 60 हथियारबंद और 10 सामान ढोने और खाना बनानेवाले लोग हैं. इनके पास लड़ने के लिए जरूरत के मुताबिक कारतूस नहीं है. यही वजह है कि यह लगातार एक जगह से दूसरी जगह भागे फिर रहे हैं. सारंडा क्षेत्र में अक्तूबर 2023 से अब तक लगातार सुरक्षाबलों का अभियान चल रहा है. लेकिन सुरक्षाबलों के साथ शीर्ष नक्सली दस्ते के साथ अब तक सिर्फ एक बार आमने-सामने की मुठभेड़ हुई है. वह भी कम समय के लिए. सारंडा से पहले कोल्हान वन क्षेत्र में उक्त तीन शीर्ष नक्सलियों का दस्ता था. सुरक्षा के लिए दस्ते ने जगह-जगह जमीन के नीचे आइइडी लगाया हुआ था. सुरक्षाबलों ने इस क्षेत्र में नवंबर 2022 से दिसंबर 2023 तक अभियान चलाया. इस दौरान आइइडी ब्लास्ट व मुठभेड़ में सुरक्षाबल के पांच अफसर व जवानों के अलावा 31 पुलिसकर्मी घायल हुए. जबकि, ब्लास्ट में 16 ग्रामीण मारे गये और नौ घायल हुए हैं.

किस क्षेत्र में कौन नक्सली दस्ता है मौजूद

– पारसनाथ क्षेत्र : माओवादी केंद्रीय कमेटी सदस्य व एक करोड़ इनामी विवेक उर्फ प्रयाग मांझी 15 दस्ता सदस्य के साथ मौजूद है.

– लुगू झुमरा पहाड़ : सैक सदस्य और 25 लाख इनामी रघुनाथ हेंमब्रम छह-सात दस्ता सदस्य के साथ मौजूद है.

-चतरा-पलामू बॉर्डर : 10 लाख का इनामी जोनल सदस्य मनोहर गंझू 10 दस्ता सदस्य के साथ मौजूद है.

– नेतरहाट क्षेत्र : रीजनल कमेटी मेंबर और 15 लाख का इनामी छोटू खेरवार 15 दस्ता सदस्यों के साथ सक्रिय है.

– लातेहार-गुमला-लोहरदगा क्षेत्र : 15 लाख का इनामी रीजनल कमेटी मेंबर रविंद्र गंझू पांच दस्ता सदस्य के साथ भ्रमणशील.

कैंप स्थापित होने से नक्सलियों की नहीं हो सकी वापसी

नक्सल अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने 49 कैंप स्थापित किये. ये वही क्षेत्र हैं, जहां पहले नक्सली रहते थे. अभियान के दौरान उन्हें नक्सलियों से क्षेत्र को खाली कराकर वहां सुरक्षाबलाें का पहरा लगा दिया गया. वर्ष 2020 से 2023 तक बूढ़ा पहाड़ में नौ, पारसनाथ में छह, तमाड़ से सरायकेला कुचाई तक ट्राइजंक्शन पर 11, चतरा-गया बॉर्डर पर चार, झारखंड-पश्चिम बंगाल बॉर्डर पर एक और पोड़ाहाट क्षेत्र में 18 कैंप स्थापित किये गये.

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