रांची. झारखंड चेंबर की फिल्म, कला एवं संस्कृति उप समिति की बैठक शनिवार को चेंबर भवन में हुई. बैठक में फिल्म कला के क्षेत्र से जुड़े फिल्म निर्माता एवं कलाकार शामिल हुए. सदस्यों ने कहा कि राज्य के सभी सिनेमाघरों में प्रतिदिन एक प्राइम टाइम शो क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों के लिए आरक्षित किया जाये. यह दुर्भाग्य का विषय है कि फिल्म तो बन रही है, लेकिन उसे दर्शाने के लिए सिनेमा हॉल उपलब्ध नहीं है. झारखंड की फिल्मों को झारखंड के सिनेमाघरों में कोई स्थान नहीं दिया जाता है. अन्य राज्यों की तर्ज पर झारखंड में भी क्षेत्रीय भाषा की फिल्मों को प्रतिदिन दिखाया जाये.
झारखंड के कलाकार बेरोजगारी के कगार पर
सदस्यों ने कहा कि फिल्मों को दी जाने वाली सब्सिडी आठ सालों से बंद है. इससे झारखंड के कलाकार बेरोजगारी के कगार पर हैं. चेंबर अध्यक्ष परेश गट्टानी ने कहा कि छोटी-सी फिल्म बनाने में 40-50 लाख रुपये की लागत आती है. इसे प्राथमिकता मिलनी चाहिए. साथ ही क्षेत्रीय भाषा की फिल्मों को टैक्स फ्री भी किया जाना चाहिए. मौके पर उप समिति के चेयरमैन आनंद जालान, बॉलीवुड एक्टर देवेश खान, पश्चिम सिंहभूम से कोल्हान हॉ फिल्म एंड म्यूजिक एसोसिएशन के सदस्य किशन अग्रवाल, राजीव प्रकाश चौधरी, विवेक नायक, सौरव सिंह, सत्यजीत सुंडी, बुलंद अख्तर, ओम प्रकाश भगत सहित प्रदेश के कई फिल्म निर्माता एवं कलाकार उपस्थित थे.
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