Ranchi news : पांचवीं के 40% बच्चे ही पढ़ पाते हैं कक्षा दो का पाठ, 30% बना पाते हैं भाग

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कक्षा तीन के सरकारी स्कूलों के 24.6 फीसदी बच्चे ही बना पाते हैं घटाव. 39.8% लड़का व 29.4% लड़कियों ने बताया कि उनके पास अपना फोन है.

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रांची. एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट-2024 (असर) की ओर से मंगलवार को नयी दिल्ली में रिपोर्ट जारी की गयी. रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी स्कूलों के कक्षा पांच के बच्चों के शैक्षणिक स्तर में भी सुधार हुआ है. इसके बाद भी कक्षा पांच के 40 फीसदी बच्चे ही कक्षा दो के स्तर का पाठ पढ़ पाते हैं. रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018 व 2022 की तुलना में इसमें सुधार हुआ है. वहीं, कक्षा तीन के सरकारी स्कूलों के 24.6 फीसदी बच्चे ही घटाव बना पाते हैं. वहीं, कक्षा पांचवीं के 30.3 फीसदी बच्चे भाग हल कर पाते हैं. हालांकि, पिछले वर्षों की तुलना में इसमें सुधार हुआ है.

ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के बीच किया गया था सर्वे

रिपोर्ट को लेकर ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के बीच सर्वे किया गया था. इसमें तीन से लेकर 16 वर्ष तक के बच्चों को शामिल किया गया था. सर्वे झारखंड के 24 जिलों में हुआ था. इसमें 720 गांवों के 27649 बच्चों को शामिल किया गया था. रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022 में झारखंड में कक्षा एक में नामांकित बच्चों की उम्र तय मानक से कम थी, इस सर्वे में इसमें सुधार हुआ है. राज्य में छह से 14 वर्ष तक के बच्चों की नामांकन दर 98.5 फीसदी है, जो वर्ष 2022 में 98 फीसदी थी. रिपोर्ट के अनुसार राज्य में कोविड महामारी के दौरान नामांकन में जो वृद्धि हुई थी, उसमें अब कमी आयी है. वर्ष 2022 में सरकारी विद्यालयों में नामांकन का प्रतिशत 83.3 था, जो अब घटकर 77.4 हो गया है.

कक्षा तीन के 76 फीसदी बच्चे नहीं पढ़ पाते कक्षा दूसरी की किताब

रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में बच्चों के शैक्षणिक स्तर में सुधार हुआ है. इसके बाद भी कक्षा तीन के 76 फीसदी बच्चे कक्षा दूसरी की किताब नहीं पढ़ पाते हैं. हालांकि, वर्ष 2018 व 2022 की तुलना में इसमें सुधार हुआ है.

76.6 फीसदी बच्चे जानते हैं स्मार्ट फोन का उपयोग

रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड के 14 से 16 वर्ष के 76.8 फीसदी बच्चे स्मार्ट फोन का उपयोग करना जानते हैं. इनमें से 63.4 फीसदी बच्चों ने बताया कि वे पिछले सप्ताह पढ़ने के उद्देश्य से फोन का उपयोग किया था. जबकि, 70 फीसदी ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया के लिए इसका उपयोग किया. 39.8 फीसदी लड़का व 29.4 फीसदी लड़कियों ने बताया कि उनके पास अपना फोन है.

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