रांची के धुर्वा पहुंचे वरीय अधिकारी, 7 दिनों से लापता बच्चों का क्या होगा? हर आहट पर दरवाजे पर टिकी मां की आंखें

जांच के लिए धुर्वा पहुंची पुलिस की टीम, Pic Credit- Prabhat Khabar
Ranchi Child Missing: रांची के धुर्वा से 2 जनवरी से लापता दो मासूम अंश और अंशिका की तलाश तेज हो गई है. शुक्रवार को वरीय पुलिस अधिकारी धुर्वा पहुंचे. सात दिन बाद भी बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला है. मामले में हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लिया है.
Ranchi Child Missing: रांची के धुर्वा से गायब दो मासूम अंश और अंशिका की बरामदगी के लिए पुलिस लगातार दिन रात एक की हुई है. शुक्रवार को पुलिस के वरीय अधिकारी धुर्वा पहुंचे और मामले की जानकारी ली. इस दौरान आसपास के कई लोगों से पूछताछ की गयी. हालांकि अभी तक गुमशुदा बच्चों की कोई सुराग नहीं मिल सका है. पुलिस ने एसआईटी की 8 टीमें लगा रखी है, जो बिहार से लेकर यूपी तक दौड़ लगा रहे हैं. इससे पहले गुरुवार को राज्य की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने बयान जारी कर कहा कि वह खुद इस मामले को पर्सनली देख रही है.
2 जनवरी से लापता हैं अंश और अंशिका
गौरतलब है कि धुर्वा के रहने वाले दो बच्चे अंश और अंशिका बीते 2 जनवरी से लापता हैं. मगर 7 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है. उसके माता पिता हर दिन दरवाजे के चौखट पर बैठकर दोनों बच्चों की राह देखती है. हाईकोर्ट भी इस केस में संज्ञान ले चुका है.
6 माह पहले नीतू अपने पति के साथ आयी थी रांची
धुर्वा किडनैपिंग केस में अंश और अंशिका की मां नीतू ने प्रभात खबर को बताया कि वह मनेर से छह माह पहले अपने पति के साथ रांची आयी थी. रांची आने के बाद चार महीने पहले पति ने मौसीबाड़ी के आंगनबाड़ी में अंश और अंशिका का नाम लिखाया था. शुरू के डेढ़ माह बच्चों को लेकर उसके दादा आंगनबाड़ी पहुंचाने जाते थे. बाद में अंश खुद बहन को लेकर आंगनबाड़ी आने-जाने लगा. अंश पहले भी दुकान जाता था.
2 जनवरी को बिस्कुट खरीदने निकले थे दोनों भाई बहन
दो जनवरी को पहली बार अंशिका भाई के साथ बिस्कुट खरीदने गयी थी. अंश मुहल्ला और शालीमार बाजार वगैरह से खुद घूमकर आ जाता था. लेकिन, दो जनवरी को दोपहर 2:30 बजे अंश बहन अंशिका को लेकर निकला, सो आज आठ जनवरी की शाम तक नहीं लौटा. घटना के दिन पूरी रात परिजनों के साथ बच्चों को मुहल्ले और खटाल में ढूंढा, लेकिन वे कहीं नहीं मिले. दूसरी तरफ इस मामले में एक्सपर्ट का कहना है कि पुलिस को इस मामले में तत्काल केस दर्ज करना था लेकिन उसने 24 घंटे बाद केस दर्ज किया है. जबकि धुर्वा के थाना प्रभारी बिमल किंडो का कहना है कि पहले दिन सनहा दर्ज हुआ था. बच्चे के 24 घंटे में नहीं मिलने पर अगले दिन सनहा को प्राथमिकी में बदला गया. थाना प्रभारी ने सफाई दी है कि उन्होंने सारा कदम नियमानुकूल ही उठाया है.
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लेखक के बारे में
By Sameer Oraon
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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