इंप्रूवमेंट परीक्षा के लिए अब साल भर इंतजार नहीं

Published at :16 May 2024 12:38 AM (IST)
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इंप्रूवमेंट परीक्षा के लिए अब साल भर इंतजार नहीं

झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने इस वर्ष से इंप्रूवमेंट परीक्षा की प्रक्रिया में बदलाव कर दिया है. वर्ष 2024 में मैट्रिक-इंटर की वार्षिक परीक्षा पास कर चुके जो विद्यार्थी अपने अंक से संतुष्ट नहीं हैं, वे इंप्रूवमेंट परीक्षा में इसी साल दे सकते हैं.

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प्रमुख संवाददाता (रांची).

झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने इस वर्ष से इंप्रूवमेंट परीक्षा की प्रक्रिया में बदलाव कर दिया है. वर्ष 2024 में मैट्रिक-इंटर की वार्षिक परीक्षा पास कर चुके जो विद्यार्थी अपने अंक से संतुष्ट नहीं हैं, वे इंप्रूवमेंट परीक्षा में इसी साल दे सकते हैं. इससे पहले तक मैट्रिक-इंटर के विद्यार्थियों को इंप्रूवमेंट परीक्षा के लिए एक साल इंतजार करना होता था. इंप्रूवमेंट परीक्षा में वही विद्यार्थी शामिल हो सकते हैं, जो मैट्रिक-इंटर की वार्षिक परीक्षा में उत्तीर्ण हों. इस परीक्षा में शामिल होने के लिए विषय की बाध्यता नहीं है. विद्यार्थी चाहे तो सभी विषयों या फिर जिस विषय के अंक से संतुष्ट नहीं हैं, उसकी परीक्षा दे सकते हैं. इंप्रूवमेंट परीक्षा की प्रक्रिया में बदलाव से उन विद्यार्थियों को लाभ होगा, जो मेडिकल, इंजीनियरिंग या उन प्रतियोगिता परीक्षाओं में शामिल हुए हैं, जिसमें 12वीं में निश्चित अंक प्राप्त करने की बाध्यता है. विद्यार्थी को अगर प्रावधान के अनुरूप अंक प्राप्त नहीं हुआ, तो भी उनका एक साल बेकार नहीं जायेगा.

तैयारी शुरू :

जैक ने इंप्रूवमेंट परीक्षा-2024 की प्रक्रिया शुरू कर दी है. परीक्षा जून अंत तक होने की संभावना है, जबकि रिजल्ट जुलाई में जारी होंगे. परीक्षा में शामिल होने के लिए इंटर के विद्यार्थी 17 से 31 मई तक और मैट्रिक के विद्यार्थी 21 से 31 मई तक बिना विलंब शुल्क के आवेदन जमा कर सकते हैं. जबकि, विलंब शुल्क के साथ आवेदन एक से छह जून तक जमा होंगे.

स्क्रूटनी के लिए कल तक जमा होंगे आवेदन :

मैट्रिक-इंटर परीक्षा-2024 में शामिल परीक्षार्थी स्क्रूटनी के लिए झारखंड एकेडमिक काउंसिल की वेबसाइट jac.jharkhand.gov.in/jac के माध्यम से 17 मई तक आवेदन जमा कर सकेंगे. इंटर में प्रत्येक विषय की उत्तरपुस्तिका के स्क्रूटनी के लिए 750 रुपये और मैट्रिक के लिए 450 रुपये शुल्क देना होगा. जैक द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि प्रायोगिक व आंतरिक परीक्षा की उत्तरपुस्तिका का स्क्रूटनी नहीं होगी. स्क्रूटनी में अगर किसी उत्तरपुस्तिका में अंदर के पन्नों का अंक मुख्य पृष्ठ पर अंकित नहीं होगा, तो उसे अंकित करते हुए फिर से जोड़ा जायेगा. किसी प्रश्न का उत्तर अगर बिना मूल्यांकन का रह गया हो, तो उसका मूल्यांकन कर अंक में सुधार किया जायेगा. अंकों का योग सही नहीं होने पर सुधार होगा.

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