माताओं ने निर्जला उपवास रख किया जिउतिया व्रत

Published by : DINESH PANDEY Updated At : 14 Sep 2025 8:10 PM

विज्ञापन

खलारी कोयलांचल में रविवार को अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाने वाला जीवित्पुत्रिका व्रत यानी जिउतिया व्रत श्रद्धा भाव से माताओं ने किया.

विज्ञापन

प्रतिनिधि, खलारी.

खलारी कोयलांचल में रविवार को अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाने वाला जीवित्पुत्रिका व्रत यानी जिउतिया व्रत श्रद्धा भाव से माताओं ने किया. अपने संतान के दीर्घायु के लिए माताओं ने जिउतिया व्रत का निर्जला उपवास रखा. निर्जला उपवास रखने के बाद शाम को माताओं ने जीमूतवाहन सहित शंकर-पार्वती, कार्तिक तथा गणेश भगवान की पूजा-अर्चना की. पूजा के दौरान व्रती माताओं ने चिल्हो-सियारो की कथा भी सुनीं. इससे एक दिन पूर्व शनिवार को माताओं ने नहाय-खाय किया. पौराणिक कथा के अनुसार जिउतिया व्रत संतान की दीर्घायु और सुख-समद्धि के लिए रखा जाता है. मान्यता है कि इस व्रत से संतान के ऊपर आने वाला संकट टल जाता है और शास्त्रों के मुताबिक जिउतिया करने वाली व्रती माताओं के संतान की रक्षा स्वयं भगवान श्रीकृष्ण करते हैं. अष्टमी तिथि के समाप्ति के बाद सोमवार को नवमी तिथि में विधान से पारण करने के पश्चात धागे से बने पूजित जिउतिया को गले मे धारण करेंगी. इधर जिउतिया पर्व को लेकर खलारी के बाजारों में सब्जियों की कीमतें आसमान पर रही. जिउतिया में उपयोगी खास सब्जियों की कीमत ज्यादा थी. वहीं जिउतिया गुंथवाने व खरीदने के लिए दुकानों में महिलाओं की भीड़ लगी थी.

14 खलारी02:-खलारी में जीवित्पुत्रिका व्रत करती महिला.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
DINESH PANDEY

लेखक के बारे में

By DINESH PANDEY

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola