Ranchi News : मधुश्रावणी पर्व : नवविवाहिताएं सखी-सहेलियों संग कर रहीं पूजन
Published by : MUNNA KUMAR SINGH Updated At : 15 Jul 2025 9:19 PM
मिथिला संस्कृति में आस्था और परंपरा का प्रतीक मधुश्रावणी पर्व मंगलवार से आरंभ हो गया.
रांची. मिथिला संस्कृति में आस्था और परंपरा का प्रतीक मधुश्रावणी पर्व मंगलवार से आरंभ हो गया. यह पर्व हर वर्ष सावन के कृष्ण पक्ष की पंचमी से प्रारंभ होता है और शुक्ल पक्ष की तृतीया को संपन्न होता है. यह विशेष रूप से नवविवाहिताओं द्वारा अपने वैवाहिक जीवन की मंगलकामना के लिए मनाया जाता है. पर्व के दौरान नवविवाहिता बेटियां अपने मायके आती हैं और 13 से 15 दिनों तक रहकर धार्मिक विधियों का पालन करती हैं. प्रतिदिन वे फूल-पत्ते तोड़ने (लोढ़ने) जाती हैं और अगले दिन उन्हीं बासी फूल-पत्तियों से पूजन करती हैं. इसके पश्चात मां विषहरी व अन्य देवी-देवताओं की पूजा कर पति की दीर्घायु व परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. हर दिन पूजा के साथ-साथ विविध कथाएं भी सुनी जाती हैं, जो नवविवाहिताओं को गृहस्थ जीवन की मर्यादा, निष्ठा और समर्पण की शिक्षा देती हैं. प्रतिदिन संध्या के समय लोक गीतों के माध्यम से आराधना की जाती है, जिससे पूरे वातावरण में एक सांस्कृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिकता का संचार होता है. झारखंड मिथिला मंच जानकी प्रकोष्ठ की महासचिव निशा झा ने बताया कि संस्था द्वारा आगामी 20 जुलाई की दोपहर दो बजे, लेकव्यू गार्डन, अरगोड़ा में मधुश्रावणी महोत्सव का आयोजन किया जायेगा. कार्यक्रम में नवविवाहिताएं पारंपरिक ‘डाला’ सजाकर भाग लेंगी. इस अवसर पर ‘डाला सज्जा प्रतियोगिता’ की जायेगी.
हैदराबाद से आईं श्रेया की पहली मधुश्रावणी
रांची के चुटिया स्थित द्वारिकापुरी में श्रेया चौधरी ने मधुश्रावणी पूजन किया. यह उनका पहला मधुश्रावणी पर्व है. इसके लिए वह विशेष रूप से हैदराबाद से रांची पहुंचीं. उनके साथ कई अन्य नवविवाहिताओं ने भी पूरी श्रद्धा और पारंपरिक रीति से पूजा-अर्चना की.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










