कृषि विभाग द्वारा संचालित JSIA के संविदाकर्मियों को नहीं मिला है 7 माह से मानदेय, खाने के पड़े लाले

पशुपालन विभाग अंतर्गत गठित एजेंसी जेएसआईए होटवार रांची में विभिन्न पदों पर कार्यरत संविदाकर्मियों को अक्तूबर 2019 से मानदेश का भुगतान नहीं हुआ है. वे पिछले सात वर्षों से कार्यरत हैं. पिछले सात माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण इनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गयी है. कोरोनावायरस को लेकर देशभर में लॉकडाउन है, इस दौरान इनका गुजारा काफी कठिनाई से हो पा रहा है.
रांची : पशुपालन विभाग अंतर्गत गठित एजेंसी जेएसआईए होटवार रांची में विभिन्न पदों पर कार्यरत संविदाकर्मियों को अक्तूबर 2019 से मानदेश का भुगतान नहीं हुआ है. वे पिछले सात वर्षों से कार्यरत हैं. पिछले सात माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण इनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गयी है. कोरोनावायरस को लेकर देशभर में लॉकडाउन है, इस दौरान इनका गुजारा काफी कठिनाई से हो पा रहा है.
कर्मियों ने एक जेएसआईए के अघ्यक्ष (कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, झारखंड के सचिव) को कई बार आवेदन देकर मानदेय के भुगतान की बात कही है. कर्मियों ने प्रभात खबर को आवेदन की एक कॉपी उपलब्ध करायी है. कर्मियों का कहना है कि वेतन नहीं मिलने के कारण इन कर्मी का खाने-पीने का इंतेजाम नहीं हो पा रहा है. दुकानदार इस लॉकडाउन में उधार देने से मना कर रहे हैं.
कई संविदाकर्मी किराये के मकान में रहते हैं, ऐसे कई महीनों से किराया नहीं देने के कारण मकान मालीक भी घर खाली करने को बोल रहे हैं. इन कर्मियों के परिवार के समक्ष भूखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. साथ ही कार्यालय आने-जाने के लिए भी ईधन नहीं भरा पा रहे है. जिससे कारण उन्हें कार्यालय आने-जाने में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है.
संविदा कर्मियों का कहना है कि अभी इस महामारी के दौर में सरकार सभी लोगों की मदद कर रही है, लेकिन इन सभी संविदाकर्मियों की कोई मदद नहीं कर रहा है. एक बड़े सरकारी विभाग में कार्यरत होने के बावजूद भी इनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है. वेतन नहीं मिलने की समस्या कई पदाधिकारियों के समक्ष रखी गयी, लेकिन कहीं से भी समस्या का समाधान नहीं निकल पाया. ये कर्मी सरकार से अनुरोध कर रहे हैं जल्द से जल्द मानदेय का भुगतान कराया जाए.
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By AmleshNandan Sinha
अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.
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