झारखंड ट्रेजरी स्कैम: 31.47 करोड़ की अवैध निकासी, DSP से लेकर सिपाही तक ने एक ही माह में 2-2 बार उठाया वेतन

Published by : Sameer Oraon Updated At : 28 Apr 2026 7:01 AM

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झारखंड के 14 कोषागारों से वेतन के नाम पर करोड़ों की निकासी

Jharkhand Treasury Scam: झारखंड के 14 कोषागारों (Treasuries) में वेतन निकासी के नाम पर करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आया है. महालेखाकार (AG) की जांच में खुलासा हुआ है कि डीएसपी से लेकर सिपाही स्तर के 614 कर्मचारियों ने सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर 31.47 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की. इस घोटाले में कई बड़े पुलिस अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं. सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट में हजारीबाग, बोकारो और रांची समेत 14 जिलों के नाम हैं. पढ़ें, कैसे सरकारी खजाने में लगाई गई सेंध.

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Jharkhand Treasury Scam, रांची (विवेक चंद्रा की रिपोर्ट): झारखंड में वेतन निकासी के नाम पर एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है. महालेखाकार (AG) की ऑडिट रिपोर्ट में राज्य के 33 में से 14 कोषागारों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पकड़ी गई है. जांच में पुष्टि हुई है कि 200 से अधिक पुलिसकर्मियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों ने सिस्टम की तकनीकी खामियों का सहारा लेकर एक ही महीने में दो-दो बार वेतन और एरियर की निकासी की. इस फर्जीवाड़े से सरकारी खजाने को कुल 31.47 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जिसमें से केवल दोहरा वेतन भुगतान ही 7.67 करोड़ रुपये का है.

डीएसपी स्तर के अधिकारी भी शामिल

घोटाले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें कानून के रखवाले ही आरोपी पाए गए हैं. महालेखाकार द्वारा जारी सूची में डीएसपी स्तर के अधिकारी- नौशाद आलम, राजेश यादव, मणिभूषण प्रसाद और मुकेश कुमार महतो के नाम शामिल हैं. इन अधिकारियों ने अपनी विभिन्न पदस्थापनाओं के दौरान नियम विरुद्ध तरीके से दोहरा वेतन और एरियर उठाया है. इनके अलावा बड़ी संख्या में सिपाही, सहायक शिक्षक और चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी भी इस फेहरिस्त में शामिल हैं.

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इन 14 जिलों के कोषागारों में हुई गड़बड़ी

महालेखाकार ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर जिन 14 कोषागारों में फर्जी निकासी की पुष्टि की है, उनमें हजारीबाग, बोकारो, रांची, देवघर, पलामू, गोड्डा, जमशेदपुर, तेनुघाट, गुमला, चाईबासा, महेशपुर, खूंटी, सरायकेला और रामगढ़ शामिल हैं. ऑडिट के अनुसार, कुल 614 कर्मचारियों ने इस पूरे खेल को अंजाम दिया है.

सिपाही से लेकर शिक्षक तक ने की लूट

जांच रिपोर्ट में सिपाही बिरसा राकेश कुमार चौधरी, अशोक संजय, चंदन कुमार तिवारी, अरविंद यादव, शंकर राम और सुरेंद्र राम के नाम प्रमुखता से दर्ज हैं. इन्होंने तकनीकी लूपहोल का फायदा उठाकर दोहरा भुगतान प्राप्त किया. महालेखाकार ने इस मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और राशि की वसूली की सिफारिश की है.

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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