CM हेमंत ने भरी हुंकार, बोले- खरीद-फरोख्त करने वालों देखो हम कितने मजबूत हैं, 2024 में सूफड़ा साफ होगा

हेमंत सोरेन ने कल सदन में हुंकार भरते हुए कहा कि सरकार को अस्थिर करने का प्रयास हो रहा है, इसलिए विश्वास प्रस्ताव लाया हूं. खरीद-फरोख्त करनेवालों देख लो, सदन में हम कितने मजबूत हैं.
रांची: हेमंत सोरेन के नेतृत्ववाली महागठबंधन की सरकार ने सोमवार को विश्वासमत हासिल कर लिया. राज्य गठन के बाद पहली बार सत्ता पक्ष की ओर से विश्वास प्रस्ताव लाया गया था. हेमंत सोरेन को सदन के अंदर 48 विधायकों का साथ मिला. विपक्षी भाजपा व आजसू सहित दो निर्दलीय विधायकों ने विश्वासमत के दौरान हुई वोटिंग का बहिष्कार किया. सीएम हेमंत सोरेन ने सदन में विश्वास प्रस्ताव रखा और अपने भाषण में भाजपा के खिलाफ हुंकार भरी.
श्री सोरेन ने कहा कि ये लोग चालाक और चतुर हैं. एक लोकप्रिय सरकार के खिलाफ साजिश कर रहे हैं. सरकार को अस्थिर करने का प्रयास हो रहा है, इसलिए विश्वास प्रस्ताव लाया हू़ं राज्य की जनता को बताना चाहता हूं. खरीद-फरोख्त करनेवालों देख लो, सदन में हम कितने मजबूत हैं. सदन के बाहर भी देख लो. सरकारी कर्मियों की मुस्कान देखो, पुलिसकर्मियों की मुस्कान देखो, पारा शिक्षकों की मुस्कान देखो, आंगनबाड़ी में काम करनेवालों की मुस्कान देखो.
मौके पर श्री सोरेन ने कहा कि शिबू सोरेन का बेटा हूं. हम आंदोलनकारी लोग हैं. कभी डरते नहीं. 2024 में सूपड़ा साफ हो जायेगा, इसलिए सरकार को अस्थिर कर रहे हैं. श्री सोरेन ने असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा पर आरोप लगाते हुए कहा कि तीन विधायक बंगाल में हैं और इसमें असम के सीएम पर खरीद-फरोख्त का आरोप लगा है. देश में गृह युद्ध की स्थिति पैदा करने की कोशिश हो रही है. दंगा कर चुनाव जीतना चाहते है़ं
सीएम हेमंत सोरेन ने भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी और आजसू नेता सुदेश कुमार महतो पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी ऐसा रंग बदलते हैं कि गिरगिट भी रंग नहीं बदल सकता है.
भाजपा के चेहरे को पहचानने की जरूरत है. ये लोग आदिवासी, दलित और मूलवासी को दिकू बना देंगे. इनकी शाखाओं में यही ट्रेनिंग दी जाती है. उन्होंने पिछली सरकार में हुए दलबदल का हवाला देते हुए कहा कि यहां कुछ बिकाऊ विधायक बैठे हैं. फर्जी कास्ट सर्टिफिकेट लेकर दूसरे राज्य का एक बाहरी विधायक भी है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे बड़े भाई सुदेश महतो बैठे हैं और इनको दोनों हाथों में लड्डू चाहिए. आदिवासी-मूलवासी के नेता बनते है़ं 1932 की बात करते हैं. लेकिन पिछली सरकार में 1985 के स्थानीयता का ताली बजाकर स्वागत किया था. उस सरकार में इनके एक मंत्री थे. एक-एक पत्ता खोलने लगे, तो मुश्किल होगी.
29 झामुमो
(स्पीकर शामिल नहीं हैं)
15 कांग्रेस
(विधायक इरफान अंसारी, नमन विक्सल कोंगाड़ी और राजेश कच्छप कोलकाता में)
01 राजद
01 माले
01 एनसीपी
01 मनोनीत
(ग्लेन जोसेफ गॉलस्टन)
कुल- 48 वोट
Posted By: Sameer Oraon
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By Prabhat Khabar News Desk
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