ePaper

Jharkhand Politics: पूर्व सीएम चंपाई सोरेन के बीजेपी ज्वाइन करने पर झारखंड की सियासत पर क्या पड़ेगा असर?

Updated at : 18 Aug 2024 7:13 AM (IST)
विज्ञापन
झारखंड के पूर्व सीएम चंपाई सोरेन

झारखंड के पूर्व सीएम चंपाई सोरेन

झारखंड के पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने बीजेपी में शामिल होने की अफवाहों पर कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है. वे अभी जहां हैं, वहीं हैं. कयासों के बीच अगर वे बीजेपी में शामिल होते हैं, तो झारखंड की राजनीति पर इसका क्या असर पड़ेगा? इसे जानने की कोशिश करते हैं.

विज्ञापन

Jharkhand Politics:रांची-बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को झारखंड के पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि उन्हें इस तरह की अफवाहों की कोई जानकारी नहीं है. वे जहां हैं, वहीं हैं. वैसे इन कयासों के बीच अगर वे बीजेपी ज्वाइन करते हैं, तो झारखंड की सियासत पर इसका क्या असर होगा? झारखंड मुक्ति मोर्चा को क्या नुकसान होगा और बीजेपी को क्या फायदा होगा? प्रभात खबर के वरिष्ठ पत्रकार आनंद मोहन से बातचीत पर पढ़िए ये स्टोरी.

बीजेपी को कितना फायदा होगा?

झारखंड के पूर्व सीएम और झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता सह मंत्री चंपाई सोरेन ने इस बात से इनकार कर दिया है कि वे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो रहे हैं. उन्होंने आश्चर्यचकित होते हुए कहा कि इस बारे में तो उन्हें ही खुद कुछ पता नहीं है कि अफवाह कहां से उड़ी है? इसके बावजूद अगर चंपाई सोरेन बीजेपी में शामिल होते हैं तो झारखंड मुक्ति मोर्चा को बड़ा नुकसान होगा, जबकि बीजेपी को कोल्हान में काफी मजबूती मिलेगी.

झारखंड मुक्ति मोर्चा की कितनी बढ़ेंगी मुश्किलें?

चंपाई सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता हैं. दिशोम गुरु शिबू सोरेन के काफी करीबी हैं और भरोसेमंद हैं. सीएम हेमंत सोरेन भी अभिभावक के रूप में उन्हें काफी सम्मान देते हैं. यही वजह है कि जब जमीन घोटाले में हेमंत सोरेन को जेल जानी पड़ी तो उन्होंने झारखंड की कमान चंपाई सोरेन को ही सौंपी. चंपाई सोरेन झामुमो के स्तंभ हैं. कोल्हान में इनकी काफी पकड़ है. यही वजह है कि वहां बीजेपी की मुश्किलें बढ़ जाती हैं. इनके बीजेपी में शामिल होने से झामुमो को खासकर विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा नुकसान होगा.

झारखंड विधानसभा चुनाव में बीजेपी को कितना होगा फायदा?

चंपाई सोरेन के कमल का दामन थामने पर बीजेपी को झारखंड में मजबूती मिलेगी. कोल्हान टाइगर के आने से कोल्हान में भाजपा की एंट्री काफी आसान हो जाएगी और वह कोल्हान में काफी मजबूत हो सकती है. आदिवासी सेंटीमेंट का राजनीतिक फायदा मिलेगा. सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ बोलने वाला बीजेपी को कोई मजबूत आदिवासी नेता मिल जाएगा. झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले अगर ऐसा हुआ तो भाजपा को काफी फायदा होगा.

बीजेपी में शामिल होने की अफवाहों पर क्या बोले चंपाई सोरेन?

बीजेपी में शामिल होने की अफवाहों पर झारखंड के पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है. वे अभी जहां हैं, वहीं हैं. क्या अफ‍वाह उड़ रही है? उन्हें इसकी कोई सूचना नहीं है. सच और झूठ का वे आकलन नहीं कर सकते हैं क्योंकि इस विषय में उन्हें कुछ पता नहीं है. लोबिन हेंब्रम से मुलाकात के सवाल पर पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने कहा कि वे आए थे. उन्होंने उनसे मुलाकात की. बीजेपी में उनके शामिल होने के सवाल पर चंपाई सोरेन ने कहा कि इस मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं हुई है. वे हमारे पुराने साथी हैं. सामान्य बातचीत उनसे हुई है.

चंपाई सोरेन का क्या है सियासी कद ?

चंपाई सोरेन ने दो फरवरी 2024 को झारखंड के नए सीएम के रूप में शपथ ली थी. 31 जनवरी को उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया था. करीब पांच महीने बाद जेल से बाहर निकलने पर हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री की कमान संभाली और इन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया. सरायकेला से झामुमो विधायक चंपाई सोरेन 2010 में पहली बार मंत्री बने. भाजपा-झामुमो गठबंधन वाली अर्जुन मुंडा की सरकार में कैबिनेट मंत्री बने थे. इसके बाद 2013 में झामुमो-कांग्रेस गठबंधन की सरकार में मंत्री बनाए गए. 2019 में झामुमो-कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनी तो हेमंत सोरेन की सरकार में 28 जनवरी 2020 को इन्हें फिर मंत्री बनाया गया.

कौन हैं चंपाई सोरेन?

नाम -चंपाई सोरेन
पिता-स्व. सिमल सोरेन
पत्नी-स्व. माको सोरेन
पुत्र-चार
पुत्री-तीन
पार्टी-झामुमो
विधानसभा क्षेत्र-सरायकेला
उम्र-69 वर्ष
शिक्षा-मैट्रिक
स्थायी पता-ग्राम-जिलींगगोड़ा, पोस्ट-डूंडरा, प्रखंड-गम्हरिया, जिला सरायकेला-खरसावां, झारखंड

Also Read: Jharkhand Politics: BJP में शामिल होने की अटकलों के बीच पूर्व CM चंपाई सोरन ने कहा-इंतजार कीजिए

विज्ञापन
Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola