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विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा, झारखंड के आदिवासी नेताओं से मिले असम के सीएम हिमंत बिश्व सरमा

Updated at : 29 Jun 2024 11:13 PM (IST)
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himanta biswa sarma in ranchi jharkhand

अमर बाउरी और डॉ अरुण उरांव के साथ हिमंत बिश्व सरमा. फोटो : प्रभात खबर

Jharkhand News: झारखंड में भाजपा विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है. शुरुआत लोकसभा चुनाव में हार की समीक्षा से की. हिमंत बिश्व सरमा आदिवासी नेताओं से मिले.

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Jharkhand News: झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले आदिवासियों के बीच पैठ बनाने की रणनीति बनाने में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जुट गई है. विधानसभा चुनाव के सह-प्रभारी व असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिश्व सरमा ने शनिवार (29 जून) को पार्टी के प्रमुख आदिवासी नेताओं से मुलाकात की और उनका फीडबैक लिया.

लोकसभा चुनाव में सभी 5 आदिवासी सीटों पर हारी थी भाजपा

हिमंत बिश्व सरमा ने राजधानी रांची में पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व सांसद गीता कोड़ा, पूर्व विधायक सीता सोरेन, भाजपा एसटी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव, पूर्व मंत्री सुदर्शन भगत व पूर्व आइपीएस अरुण उरांव शामिल हैं. हिमंत बिश्व सरमा ने इनसे जानना चाहा कि कहां चूक रही कि पार्टी लोकसभा में सभी 5 एसटी सीटों पर पिछड़ गयी.

हिमंत ने अर्जुन मुंडा समेत इन नेताओं से अलग-अलग की बात

लोकसभा चुनाव लड़नेवाले प्रत्याशियों अर्जुन मुंडा, गीता कोड़ा, सीता सोरेन व समीर उरांव से अलग बात कर इनका अनुभव जाना. साथ ही झारखंड विधानसभा चुनाव में अनुसूचित जनजाति के आरक्षित सीटों पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए इनका सुझाव लिया. पूछा कि किन मुद्दों के साथ पार्टी आदिवासियों के साथ सीधा जुड़ सकती है.

आदिवासी समुदाय के कोर इश्यू पर फिर से विचार करने की जरूरत

नेताओं की ओर से बताया कि आदिवासी समुदाय के कोर इश्यू पर फिर से विचार करने की जरूरत है. केंद्र सरकार की ओर से जनजाति समुदाय के लिए बहुत काम हुए हैं. लेकिन इसके साथ भावनात्मक जुड़ाव जरूरी है. पिछले लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन के लोगों ने रणनीति के तहत गलत नैरेटिव सेट कर आदिवासियों के साथ जुड़ने का काम किया. इन्हें बरगलाया.

इंडिया गठबंधन के गलत नैरेटिव के बारे में आदिवासियों को बताना होगा

कहा कि उन सभी मुद्दों को उठाया गया, जो आदिवासी समाज सुनना चाहता है. ऐसे में अब भाजपा को आदिवासियों के कोर इश्यू के साथ जुड़कर इंडिया गठबंधन के गलत नैरेटिव के बारे में आदिवासी समुदाय को अवगत कराने की जरूरत है.

लोकसभ चुनाव में भाजपा ने 14 में से 9 सीटें जीती

हाल ही संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने राज्य की 14 में से नौ सीटों पर जीत दर्ज की थी. 52 विधानसभा में भाजपा को बढ़त भी मिली, लेकिन राज्य की पांचों आदिवासी सीटों पर उसे हार का सामना करना पड़ा. इसी को ध्यान में रख कर भाजपा के सह प्रभारी हिमंता विश्वा सरमा ने जनजाति नेताओं से मुलाकात कर उनका फीडबैक लिया.

मंत्री के घर से करोड़ों बरामद होते हैं, इससे ज्यादा भ्रष्टाचार का क्या प्रमाण चाहिए : सरमा

सीता सोरेन से मुलाकात के बाद हिमंत बिश्व सरमा ने कहा कि सवाल उठ रहे हैं कि दुर्गा सोरेन का निधन हुआ था,तो उनका पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया गया. झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन को जमानत मिलने के सवाल पर श्री सरमा ने कहा कि कब वह जेल के बाहर आते हैं और फिर अंदर जाते हैं. इसका रिकॉर्ड रखना भाजपा का काम नहीं है. झारखंड में मंत्री के पीए के घर से करोड़ों रुपये बरामद होते हैं. इससे ज्यादा भ्रष्टाचार का क्या प्रमाण चाहिए.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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