स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा ऐलान: ‘RIMS-2’ के विस्थापितों को मिलेगी नौकरी, रिनपास को मिली आधुनिक मशीन

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Irfan Ansari

उद्घाटन करते डॉ इरफान अंसारी

Irfan Ansari: रांची के रिनपास में 2 करोड़ की रुपये की Deep TMS मशीन का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने किया. इसका उद्घाटन होने के साथ मानसिक रोगियों का इलाज बिना दवा के हो सकेगा. इस मौके पर मंत्री ने ‘रिम्स-2’ अस्पताल के विस्थापितों के लिए बड़ा ऐलान किया है. पढ़ें, पूरी खबर.

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रांची से मनोज सिंह की रिपोर्ट

Irfan Ansari, रांची : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने रांची के रिनपास (RINPAS) अस्पताल में बुधवार को ‘डीप टीएमएस’ नामक आधुनिक मशीन का उद्घाटन किया है, जिसकी कीमत करीब 2 करोड़ रुपये है. इसे रोटरी क्लब ऑफ रांची और सीसीएल (CCL) के सहयोग से लगाया गया है. इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य सरकार लोन (कर्ज) लेकर ‘रिम्स-2’ का निर्माण करा रही है, जो एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल होगा. इसके बनने में भारत सरकार का एक भी पैसा नहीं लगेगा. साथ ही उन्होंने रिम्स-2 के कारण विस्थापित होने वाले (जिनकी जमीन जाएगी) लोगों को पक्की नौकरी की गारंटी देने का भी भरोसा दिया.

कैसे 2 करोड़ की मशीन करेगी बिना दवा के इलाज?

आसान शब्दों में समझें तो मानसिक या दिमागी बीमारियों के इलाज में यह मशीन एक वरदान की तरह है. रिनपास की डायरेक्टर डॉ. जयति सिमलाई ने बताया कि अब तक मानसिक रोगियों को ठीक करने के लिए भारी-भरकम दवाइयां देनी पड़ती थीं. ये दवाइयां पहले मरीज के खून में मिलती हैं और फिर खून के रास्ते दिमाग तक पहुंचती हैं, जिससे शरीर के बाकी अंगों पर भी असर पड़ता है. लेकिन इस नई अत्याधुनिक मशीन के आने से कई मरीजों को दवा खाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी. यह मशीन सीधे दिमाग के प्रभावित हिस्से (बीमार अंग) पर थेरेपी के जरिए असर करेगी, जिससे मरीज बहुत कम समय में और बिना किसी साइड इफेक्ट के ठीक हो सकेंगे.

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दो साल की मेहनत रंग लाई

इस खास मशीन को अस्पताल में लगवाने के लिए रोटरी क्लब और सहयोगी संस्थाओं को पूरे दो साल तक कड़ी मेहनत करनी पड़ी. रोटरी क्लब के अध्यक्ष अमित अग्रवाल और प्रोजेक्ट चेयरमैन गौरव बागराय ने बताया कि इस मशीन को लगाना झारखंड में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई दिशा देने जैसा है, क्योंकि यह मशीन पूरी तरह सुरक्षित और मरीजों के लिए अनुकूल है. कार्यक्रम में मौजूद कांके के विधायक सुरेश बैठा ने भी इसे मरीजों के लिए बड़ी राहत बताया. वहीं, स्वास्थ्य मंत्री ने सीसीएल (CCL) कंपनी से अपील की कि वे झारखंड के विकास के लिए अपने सीएसआर (CSR) फंड से और ज्यादा काम करें, ताकि गरीबों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े.

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समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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