झारखंड में आज न्याय का महाकुंभ: नेशनल लोक अदालत होगा आयोजन, 1.53 लाख मुकदमों पर सुनवाई

Published by :Sameer Oraon
Published at :09 May 2026 5:45 AM (IST)
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Jharkhand Lok Adalat

झारखंड में लोक अदालत का होगा आयोजन, Pic Credit- AI, Only For Symbolism

Jharkhand Lok Adalat: झारखंड के सभी जिलों में 9 मई 2026 को वर्ष की दूसरी नेशनल लोक अदालत आयोजित होगी. इसमें करीब 1.53 लाख लंबित मुकदमों और 21.24 लाख प्री-लिटिगेशन मामलों की सुनवाई के लिए 300 बेंचों का गठन किया गया है. झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद इसका वर्चुअल उद्घाटन करेंगे.

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रांची, (राणा प्रताप की रिपोर्ट): झारखंड में आम जनता को अदालती चक्करों से राहत दिलाने और वर्षों से लंबित मामलों को आपसी समझौते के आधार पर समाप्त करने के लिए शनिवार 9 मई 2026 को साल की दूसरी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है. झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद करेंगे वर्चुअल उ‌द्घाटन

इस विशाल विधिक अभियान का औपचारिक वर्चुअल उ‌द्घाटन सुबह 10:30 बजे रांची सिविल कोर्ट परिसर स्थित 40 कोर्ट भवन के सभागार से किया जाएगा. झारखंड हाईकोर्ट के सीनियर जस्टिस सह झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद इसका उद्घाटन करेंगे. इस अवसर पर न केवल मामलों का निष्पादन होगा, बल्कि पीड़ितों और विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच चेक व अन्य परिसंपत्तियों का वितरण भी किया जाएगा.

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300 बेंच और 22 लाख से अधिक मामले

इस बार की लोक अदालत का पैमाना बेहद व्यापक है. राज्यभर में कुल 300 न्यायिक बेंचों का गठन किया गया है. आंकड़ों के अनुसार, अदालतों में लंबित लगभग 1.53 लाख मुकदमों को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है. इसके अलावा, 21.24 लाख प्री-लिटिगेशन (अदालत पहुंचने से पूर्व के विवाद) मामलों को भी इसमें शामिल किया गया है. कुल मिलाकर 22 लाख से ज्यादा विवादों के निपटारे की योजना है.

इन मामलों का होगा त्वरित निष्पादन

नेशनल लोक अदालत में मुख्य रूप से निम्नलिखित प्रकृति के मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी

  • आपराधिक सुलहनीय मामले
  • एनआई एक्ट (चेक बाउंस) के विवाद
  • बिजली एवं पानी के बिल से संबंधित चोरी और बकाया के मामले
  • उत्पाद, वन, माप-तौल और श्रम कानून से जुड़े विवाद
  • वैवाहिक और पारिवारिक प्रकृति के मामले
  • विभिन्न दीवानी (Civil) और बैंक रिकवरी के मामले

सुलह से न्याय की अपील

झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देशों के आलोक में जिला विधिक सेवा प्राधिकारों (डलसा) को सक्रिय कर दिया गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि लोक अदालत न केवल न्यायपालिका पर बोझ कम करती है, बल्कि वादियों के समय और धन की भी बचत करती है. अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने पुराने विवादों को हमेशा के लिए समाप्त करें.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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