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झारखंड : JSSC CGL पेपर लीक मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा, सीबीआई जांच की मांग पर अड़ा विपक्ष

Jharkhand Assembly News| JSSC CGL 2023 Exam पेपर लीक के मुद्दे पर झारखंड विधानसभा में फिर जोरदार हंगामा हुआ. मुख्य विपक्षी दल भाजपा के विधायकों ने इस मुद्दे पर सदन को ठप कर दिया.

Jharkhand Assembly News| रांची, आनंद मोहन : झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन की ओर से आयोजित कॉमन ग्रेजुएशन लेवल परीक्षा (JSSC CGL 2023 Exam) पेपर लीक के मुद्दे पर झारखंड विधानसभा में एक बार फिर जोरदार हंगामा हुआ. सोमवार को मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने इस मुद्दे पर सदन को ठप कर दिया. एक बार के स्थगन के बाद जब सदन फिर से शुरू हुआ, तो विपक्ष के लोग फिर से हंगामा करने लगे. हंगामे के बीच वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने वर्ष 2023-24 का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया. इसके बाद सदन को मंगलवार (27 फरवरी) सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही JJSC CGL मुद्दे पर हंगामा

सोमवार (26 फरवरी) को सदन के अंदर और बाहर भाजपा विधायकों ने जमकर हंगामा किया. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मुख्य विपक्षी दल के विधायक सदन में खड़े होकर हंगामा करने लगे. उन्होंने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा पेपर लीक मामले की सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) से जांच कराने की मांग की. स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने विपक्ष को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन विपक्ष के सदस्य शांत नहीं हुए.

स्पीकर ने सदन को किया स्थगित

विधायकों ने शोर-शराबा और नारेबाजी बंद नहीं की और वेल में घुस आए. स्पीकर ने बार-बार उनसे आग्रह किया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें. सदस्य अपनी सीट पर जाएं, लेकिन विपक्ष के लोग मानने के लिए तैयार नहीं थे. इसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही 12:30 बजे तक स्थगित कर दी. 12:30 बजे दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन विपक्ष का हंगामा नहीं रुका. इसके बाद स्पीकर ने कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया.

विरंची नारायण ने उठाया जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक का मुद्दा

सदन में भाजपा के नेता विरंची नारायण ने सबसे पहले इस मुद्दे को उठाया. उन्होंने कहा कि जेएसएससी की परीक्षा देने वाले बच्चे सड़क पर हैं. परीक्षाएं होतीं हैं. उसके पेपर लीक हो जाते हैं. युवाओं का भविष्य दांव पर है. मामले की सीबीआई से जांच होनी चाहिए. सरकार ने जांच के लिए एसआईटी बनाई है, लेकिन एसआईटी बड़े लोगों तक नहीं पहुंच पाएगी.

अमर बाउरी बोले- सीबीआई जांच से कम कुछ मंजूर नहीं

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने पुरजोर तरीके से जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग की. उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सब सरकार के संरक्षण में हो रहा है. पेपर लीक के कुछ आरोपी सदन में भी मौजूद हैं. इस पर सत्ता पक्ष की तरफ से मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है. वह अपनी जांच कर रही है.

एसआईटी जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई करेगी सरकार : आलम

आलमगीर आलम ने यह भी कहा कि एसआईटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद उसके आधार पर सरकार आगे की कार्रवाई तय करेगी. उन्होंने कहा कि सरकार ने पेपर लीक जैसे मामलों को रोकने के लिए कानून भी बनाया है. विपक्ष को एसआईटी की जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए. सरकार को भी उसका इंतजार है. दोषी लोगों को बख्शा नहीं जाएगी.

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Mithilesh Jha
Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

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