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जेएसएससी पेपर लीक 2023 मामले में झारखंड के सीएम चंपाई सोरेन का बड़ा बयान, जानें क्या बोले

Updated at : 24 Feb 2024 6:42 AM (IST)
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champai soren

चंपाई सोरेन

जेएसएससी सीजीएल 2023 पेपर लीक मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने बड़ा बयान दिया है. कहा कि पूरा देश पेपर लीक की समस्या से जूझ रहा है.

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JSSC CGL 2023 Paper Leak Case| जेएसएससी सीजीएल 2023 पेपर लीक मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने बड़ा बयान दिया है. झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन शुक्रवार (23 फरवरी) को चंपाई सोरेन ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि झारखंड ही नहीं, पूरा देश पेपर लीक की समस्या से जूझ रहा है.

जेएसएससी पेपर लीक की जांच के लिए बनाई एसआईटी : सीएम

झारखंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समस्या से निजात पाने के लिए हमारी सरकार ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाई है. बड़ी तेजी से इस मामले में जांच हो रही है. सभी आरोपी पकड़े जाएंगे. हमें थोड़ा इंतजार करना होगा, क्योंकि जांच में थोड़ा समय तो लगता है. जांच के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी भी होगी.

विधानसभा के अंदर और बाहर JSSC CGL 2023 पेपर लीक की सीबीआई जांच की मांग

बता दें कि झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने सदन के अंदर और बाहर झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से आयोजित जेएसएससी सीजीएल परीक्षा प्रश्न पत्र लीक मामले में जोरदार प्रदर्शन किया. सरकार से इसकी सीबीआई जांच की मांग की. इसी पर मुख्यमंत्री की ओर से यह जवाब आया है. इससे पहले प्रदीप यादव ने विधानसभा में कहा कि प्रश्न पत्र का लीक होना बेहद चिंता का विषय है. लेकिन, यह सिर्फ झारखंड में नहीं हो रहा है. बुलडोजर बाबा के उत्तर प्रदेश समेत देश में 43 जगहों पर प्रश्न पत्र लीक हुए हैं. सरकार ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं.

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28 जनवरी को हुई परीक्षा को करना पड़ा रद्द

यहां बताना प्रासंगिक होगा कि झारखंड में लंबे इंतजार के बाद 28 जनवरी 2024 और 4 फरवरी 2024 को एसएससी सीजीएल की परीक्षा की तिथि तय हुई थी. 28 जनवरी 2024 को परीक्षा हुई. सामान्य ज्ञान परीक्षा का पेपर लीक हो गया. अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा से एक दिन पहले ही व्हाट्सएप पर प्रश्न पत्र वायरल हो गया था.

31 जनवरी को अभ्यर्थियों ने किया जेएसएससी कार्यालय का घेराव

इसके बाद झारखंड के अलग-अलग हिस्से से आए अभ्यर्थियों ने 31 जनवरी को नामकुम स्थित जेएसएससी कार्यालय का घेराव किया. जेएसएससी के चेयरमैन नीरज कुमार की कार पर भी हमला किया गया. तोड़फोड़ की गई. इस मामले में पुलिस ने 4 हजार से अधिक अज्ञात अभ्यर्थियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करक ली. 28 जनवरी को हुई परीक्षा को रद्द कर दिया गया. 4 फरवरी की परीक्षा भी स्थगित कर दी गई.

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पेपर लीक की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं अभ्यर्थी

अभ्यर्थियों के विरोध को देखते हुए जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया. कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है. शुक्रवार को भी बिहार से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन अभ्यर्थी अभी भी सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हैं. विधानसभा के पहले भी सदन में इसी मांग पर विपक्ष के विधायक वेल में आ गए थे. हालांकि, शोक प्रकाश के दौरान सभी विधायक अपनी-अपनी सीट पर चले गए.

सीबीआई जांच के लिए बढ़ते दबाव के बीच नीरज सिन्हा ने दिया इस्तीफा

जेएसएससी सीजीएल 2023 पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच के लिए बढ़ते दबाव के बीच जेएसएससी के चेयरमैन नीरज सिन्हा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने मुख्य सचिव को प्रेषित इस्तीफे में लिखा है कि वह व्यक्तिगत कारणों से पदत्याग कर रहे हैं, लेकिन सूत्र बताते हैं कि सरकार ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए कहा था. नीरज कुमार की जगह प्रशांत कुमार को जेएसएससी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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