डॉ इरफान अंसारी ने बाबूलाल मरांडी को दे दिया बड़ा ऑफर, कहा- जिंदगी दोबारा नहीं मिलती, जानें पूरा मामला

Author :Sameer Oraon
Published by :Sameer Oraon
Updated at :28 Jan 2025 2:17 PM
विज्ञापन
डॉ इरफान अंसारी

डॉ इरफान अंसारी

Dr Irfan Ansari: डॉ इरफान अंसारी ने बाबूलाल मरांडी को फ्री बॉडी चेकअप का ऑफर दिया है. साथ ही उन्हें नफरत में बेवजह ट्वीट न करने की सलाह दी है.

विज्ञापन

रांची : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री ने इरफान अंसारी ने बाबूलाल मरांडी को बड़ा ऑफर दिया है. उन्होंने कहा है कि वे उन्हें बुलाकर फ्री में फुल बॉडी चेक करा सकते हैं. उन्होंने ये बातें सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर कही हैं. उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी जी जिंदगी वापस दोबारा नहीं मिलती है. इसलिए गुस्से या नफरत में, नाराजगी में, किसी को फंसा कर, किसी पर झूठा लांछन लगाकर, हर बात पर बेवजह ट्वीट कर, लोगों को जलील कर और जानबूझ कर झगड़ा करने में बर्बाद ना करें.

डॉ इरफान अंसारी बोले- झारखंड को पहली बार मिला एक डॉक्टर स्वास्थ्य मंत्री

डॉ इरफान अंसारी ने आगे लिखा कि वे हसंते खेलते रहें और स्वास्थ्य रहें. उन्होंने कहा कहा कि जरूरत पड़ी तो उन्हें बुलाकर अपना इलाज करायें. फुल बॉडी चेकअप फ्री में कराएं. झारखंड को पहली बार एक डॉक्टर स्वास्थ्य मंत्री मिला है. स्वास्थ्य का लाभ लें. दरअसल डॉ इरफान अंसारी ने बाबूलाल के उस आरोप का जवाब दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि नारायणपुर के रहने वाले कैलाश स्वर्णकार को पुलिस ने स्वास्थ्य मंत्री के दबाव की वजह से उन्हें अवैध तरीके से हिरासत में लिया है.

झारखंड की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

बाबूलाल मरांडी ने डॉ इरफान अंसारी पर लगाया था सरकारी ताकत के दुरुपयोग का आरोप

बाबूलाल ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का खुला उल्लंघन बताया था. इसके अलावा सरकारी ताकत के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया था. उन्होंने लिखा था कि जामताड़ा के नारायणपुर निवासी कैलाश स्वर्णकार ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी, जिसे बाद में हटा दिया गया. इसके बावजूद, नारायणपुर पुलिस ने कथित रूप से उन्हें अवैध तरीके से हिरासत में रखा.

किसी नागरिक को गैरकानूनी ढंग से हिरासत में लेना मानवाधिकारों का हनन: बाबूलाल मरांडी

बाबूलाल मरांडी ने आगे लिखा था कि यदि सोशल मीडिया पोस्ट में कोई आपत्तिजनक सामग्री थी, तो इसका समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए था. लेकिन किसी नागरिक को गैरकानूनी ढंग से हिरासत में लेकर डराने और धमकाने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करना, न सिर्फ मानवाधिकारों का हनन है, बल्कि लोकतंत्र की बुनियादी भावना पर चोट भी है.

Also Read: दुर्भाग्य है कि छात्रों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा, बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार को JPSC और JAC के मुद्दे पर घेरा

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola