Bihar Bhumi: बिहार में जमीन के मामलों के निपटारे को लेकर मंत्री विजय सिन्हा की तरफ से कई पहल किए जा रहे हैं. दरअसल, जमीन मापी की नई व्यवस्था लागू होने वाली है. इसे लेकर 26 जनवरी से महाअभियान की शुरुआत होने वाली है. राज्य में जमीन मापी के लिए अब ऑनलाइन आवेदन करते समय ही जमीन के अविवादित या विवादित होने की जानकारी देनी होगी.
विवादित होने पर उसका नेचर अंचलाधिकारी स्पष्ट करेंगे. साथ ही आवेदन के तीन दिनों के अंदर मापी का डेट और अमीन तय करेंगे. सभी चौहद्दीदारों (जमीन की सीमाओं को बताने वाले) को नोटिस भेजा जायेगा. विवादित जमीन की मापी ज्यादा से ज्यादा 11 दिनों में और अविवादित जमीन की मापी सात दिनों में होगी. उपमुख्यमंत्री मंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है.
मापी की रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड करना जरूरी
अविवादित मामलों में आवेदन के साथ ही ग्रामीण इलाकों में मापी के लिए 500 रुपये प्रति खेसरा और शहरी इलाकों में 1000 रुपये प्रति खेसरा देना होगा. तत्काल माघी के मामलों में राशि दोगुनी होगी. विवादित और अविवादित जमीन के मामलों में मापी की रिपोर्ट अमीन की तरफ से ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य है. इसके लिए स्टैंडर्ड फॉरमैट बनाया गया है.
इसमें आवेदक और माघी जमीन की पूरी जानकारी, चेकलिस्ट डिटेल और नजरी नक्शा, जमीन के मालिक और चौहद्दीदरों के डिटेल समेत अमीन के विचार और हस्ताक्षर के कॉलम भी दिए गए हैं. यह रिपोर्ट आवेदन की तारीख से 14वें दिन तक पोर्टल पर डालना होगा. नोटिस रजिस्टर्ड डाक से जायेगी. इसे लेकर मोबाइल नंबरों पर एसएमएस से सूचना मिलेगी.
26 जनवरी से 31 मार्च तक चलेगा अभियान
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल की तरफ से जारी निर्देश के अनुसार अब जमीन मापी के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन किए जायेंगे. लंबित मापी मामलों के जल्द निपटारे के लिए विभाग ने 26 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक सभी जिलों में मापी महाअभियान चलाने का निर्णय लिया है. इसके अंतर्गत 31 दिसंबर 2025 तक प्राप्त सभी लंबित मापी आवेदनों के समाधान का लक्ष्य है. इसके लिए विशेष सर्वेक्षण अमीनों की प्रतिनियुक्ति भी की जायेगी.
कलेक्टर आवश्यकता के अनुसार, प्रति हल्का एक अमीन के मानक पर विशेष सर्वेक्षण अमीनों की मांग कर सकेंगे. पूरे मापी अभियान के कंट्रोलिंग पदाधिकारी संबंधित जिले के कलेक्टर होंगे. उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि भूमि मापी की नई व्यवस्था राज्य सरकार के सात निश्चय-3 की नीति के तहत है. इसके लिए महीनों इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
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