अंश-अंशिका तो लौट गये, ओरमांझी का कन्हैया कब लौटेगा? 58 दिन से है लापता, पुलिस ने 18 दिन बाद दर्ज किया केस

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Ansh Anshika Case: अंश-अंशिका के लौटने पर खुशी की लहर है. लेकिन अब भी झारखंड के कई बच्चे लापता हैं. ओरमांझी का रहने वाला कन्हैया पिछले 58 दिनों से गायब है. परिजनों की शिकायत के बावजूद भी 18 दिन बाद अपहरण का केस दर्ज हुआ.

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Ansh Anshika Case: अंश और अंशिका तो अपने घर लौट आए हैं, लेकिन आज भी कई परिवार ऐसे हैं जिनके घरों के चिराग महीनों से लापता हैं. इन मामलों में थाने में एफआईआर तो दर्ज होती है, लेकिन दबाव न बनने के कारण जांच धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में चली जाती है. ऐसा ही एक मामला राजधानी रांची के ओरमांझी इलाके के रहने वाले कन्हैया कुमार का है, जो 22 नवंबर 2025 की शाम से लापता है. शुक्रवार को प्रभात खबर की तीन सदस्यीय एसआईटी टीम ओरमांझी थाना क्षेत्र के शंकर घाट, सिलदरी स्थित कन्हैया के घर पहुंची और मामले की जानकारी ली.

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प्रभात खबर की एसआईटी टीम से कन्हैया की मां ने लगायी मदद की गुहार

प्रभात खबर की एसआईटी टीम को देखते ही जमीन पर बैठी कन्हैया की मां शांति देवी दहाड़ मारकर रोने लगी. वह अपनी व्यता सुनाते हुए बेटा कन्हैया की खोजबीन करने के लिए मदद की गुहार लगायी. उन्होंने कहा कि हम पुलिस की चौखट पर जा चुके हैं लेकिन सहायता नहीं मिली.

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चाट खाने के बाद गया तो फिर दोबारा वापस नहीं आया कन्हैया

कन्हैया की मां ने बताया कि वह ओरमांझी ब्लॉक चौक के समीप एसएस प्लस-टू उच्च विद्यालय में बच्चों के साथ फुटबॉल खेलने गया था. वहां से लौटकर वह ओरमांझी ब्लॉक चौक से कुच्चू जाने वाले रास्ते में ममता मार्केट के पास पहुंचा, जहां मैं सड़क किनारे फुचका बेचती हूं. दुकान पर आने के बाद उसने खुद से चाट बनाया और मुझे भी खाने के लिए दिया. चाट खाने के बाद वह यह कहते हुए गया कि मां थोड़ी देर में वापस आता हूं, लेकिन इसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चला. बेटे के गायब हुए 58 दिन बीत चुके हैं. अब हर दिन पहाड़ जैसा लगता है. मेरा दो बेटा और एक बेटी है.

बड़ा बेटा कृष्णा कुमार की किडनी है खराब

बड़ा बेटा कृष्णा कुमार 19 साल का है. उसकी एक किडनी खराब है. उससे छोटी बेटी शिवानी कुमारी है. पति अर्जुन साव हैं, लेकिन शारीरिक तौर पर सक्षम नहीं हैं. कन्हैया ही था, जो कक्षा तीन में पढ़ाई करता था और शाम में वह फुचका दुकान में हाथ भी बंटाता था.

ओरमांझी थाने में 18 दिन के बाद दर्ज हुआ अपहरण का केस

शांति ने बताया कि उसकी खोज में बेटा कृष्णा और मैं खुद रांची के टाटीसिल्वे, नामकुम, रजरप्पा, रामगढ़, हजारीबाग और देवघर तक गयी, लेकिन कुछ पता नहीं चला. घटना के दो दिन बाद 24 नवंबर 2025 को ओरमांझी थाना में लिखित शिकायत की. कई बार थाने का चक्कर लगाने पर 18 दिन बाद 11 दिसंबर 2025 को बच्चे के अपहरण का केस दर्ज किया गया. केस के अनुसंधानकर्ता एसआई चंद्रदेव सिंह कहते हैं कि सीसीटीवी देख लिये. इधर-उधर जांच किये, कुछ पता नहीं चला है. वह इसके लिए खुद से अखबार में विज्ञापन भी निकलवा चुके हैं

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क्या कहते हैं ओरमांझी थाना प्रभारी

शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गयी थी. पूर्व में दो बच्चे और लापता हुए थे, जिन्हें खोजा गया. इसमें भी प्रयास किया जा रहा. नहीं मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की गयी. रांची के विभिन्न थानों को सूचित करने के बाद रामगढ़ और हजारीबाग जिले के थानों को सूचित किया गया.

शशिभूषण चौधरी, थाना प्रभारी ओरमांझी

क्या कहते हैं सिल्ली डीएसपी

कन्हैया की सकुशल बरामदगी को लेकर आज मामले की समीक्षा की गयी है. कई बिंदुओं पर संबंधित अफसर को निर्देश दिये गये हैं.

अनुज उरांव, डीएसपी सिल्ली
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