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कामरेड उमेश नजीर के दूसरे पुण्यतिथि पर दिखायी गयी डॉक्यूमेंट्री फिल्म, लोगों ने ली प्रेरणा

Updated at : 25 Apr 2023 7:54 PM (IST)
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कामरेड उमेश नजीर के दूसरे पुण्यतिथि पर दिखायी गयी डॉक्यूमेंट्री फिल्म, लोगों ने ली प्रेरणा

कामरेड उमेश नजीर की याद में रांची और पलामू में भी कई कार्यक्रम आयोजित किये गये. उमेश नजीर ने अपने संस्कृति कर्म के दौरान इप्टा के आंदोलन में भी सक्रिय भागीदारी निभायी.

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रांची : भारतीय जन नाट्य संघ इप्टा के सक्रिय रंगकर्मी, लेखक, साहित्यकार चिंतक और कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ता रहे कामरेड उमेश नजीर की दूसरी पुण्यतिथि अंकुर महिला समिति एवं बिरसा के द्वारा कांटाटोली स्थित रविदास मुहल्ला के धामघर में धूमधाम के साथ मनायी गयी. इस अवसर पर 20 मिनट का डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाया गया, जिसे देखकर बच्चे, महिलाएं एवं पुरुष जो श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे, सभी प्रभावित हुए और उनसे प्रेरणा लेने की बात कही.

बता दें कि 25 अप्रैल 2021 को कोविड-19 दौरान उनका निधन रिम्स में इलाज के दौरान हो गया था. वे अपने पीछे भाई, पत्नी और बच्चे सहित पूरा भरा पूरा परिवार छोड़ गये. उमेश नजीर को पत्रकारिता, साहित्य, रंगकर्म, गायन सभी क्षेत्र में महारत हासिल थी. पूंजीवाद और शोषण के खिलाफ उनके लेख थे जो नाटकों में देखने और पढ़ने को मिलता था. उनके निधन से नाटक के क्षेत्र में काफी क्षति हुई है, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती है.

कामरेड उमेश नजीर की याद में रांची और पलामू में भी कई कार्यक्रम आयोजित किये गये. उमेश नजीर ने अपने संस्कृति कर्म के दौरान इप्टा के आंदोलन में भी सक्रिय भागीदारी निभायी. उनके द्वारा लिखे गीत आज भी झारखंड इप्टा के कलाकार अपने कार्यक्रमों में गाते नजर आते हैं. उनके लिखे चर्चित गीतों में बोल रे भाई झारखंडी, बोलो झारखंड और कल की सुबह अनोखी होगी, कल की शान निराली रे, खेत-खेत में गूंजे बिरहा कजरी गाये कुदाली रे शामिल है.

इसी के साथ कामरेड उमेश नजीर द्वारा लिखे गये गजल का भी एक शेर बार-बार याद आता है. नवाजिश पर नवाजिश हो रही है , उधर कोई संगीन साजिश हो रही है, इधर शीशे का घर तामीर हो रहा है, उधर से पत्थर की बारिश हो रही है…. नजीर बिरसा संगठन से जुड़कर खान खनिज और अधिकार के लिए भी वे काम कर रहे थे. प्रगतिशील लेखक संघ और भारतीय जन नाट्य संघ के राज्य परिषद के सदस्य भी वे रह चुके थे. उन्होंने कई नाटक भी लिखे थे. उलगुलान और अब हद हो गयी सहित डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के लिए भी उन्होंने स्क्रिप्ट लिखा.

इस मौके पर इप्टा के कार्यकारी अध्यक्ष श्यामल मलिक, पूर्व अध्यक्ष इबरार अहमद, समाजसेवी आलोका कुजूर, इप्टा के रांची जिला उपाध्यक्ष परवेज कुरेशी, मो. मोइज अंकुर महिला समिति सचिव फरज़ाना फारूकी, एलिस चेरोवा, सुमन दुलारी, से संजय कुमार, सेनू हेम्ब्रम, फ़ैज़ीन फातमा, अगता पन्ना, नूरी खातुन, शहजादी खातुन, दीपक किस्कू, पार्वती देवी सहित कई पत्रकार, राजनैतिक व सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे. इनके साथ कार्यक्रम में कांटाटोली रविदास मोहल्ला, शांति नगर, गौस नगर, मौलाना आजाद कॉलोनी, सुल्तान कॉलोनी, क़ुरैशी मोहल्ला से सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे थे जिन्होंने नजीर की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उन्हें याद किया.

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