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इटखोरी ग्रिड के चालू होते ही डीवीसी पर निर्भरता होगी कम, सीएम हेमंत इसी माह करेंगे उद्घाटन

झारखंड ऊर्जा विकास निगम द्वारा डीवीसी कमांड एरिया में अपना नेटवर्क बिछाया जा रहा है. इसी कड़ी में इटखोरी 220/132 ग्रिड-ट्रांसमिशन लाइन को चालू किया जा रहा है.

By Prabhat Khabar Print Desk
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इटखोरी ग्रिड के चालू होते ही डीवीसी पर निर्भरता होगी कम
इटखोरी ग्रिड के चालू होते ही डीवीसी पर निर्भरता होगी कम
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रांची : डीवीसी के साथ लगातार हो रहे विवाद को देखते हुए झारखंड ऊर्जा विकास निगम द्वारा डीवीसी कमांड एरिया में अपना नेटवर्क बिछाया जा रहा है. इसी कड़ी में इटखोरी 220/132 ग्रिड-ट्रांसमिशन लाइन को चालू किया जा रहा है. इसका काम अब पूर्ण हो गया है. इसका उद्घाटन सितंबर में ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे.

इसकी तैयारी ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड में शुरू कर दी है. लाइन की टेस्टिंग प्रकिया शुरू कर दी गयी है. निगम ने इसकी टेस्टिंग के लिए एसआरएलडीसी को पत्र लिखा है. इस ग्रिड के आरंभ होते ही डीवीसी पर 50 फीसदी तक निर्भरता कम हो जायेगी. इसके बाद जेबीवीएनएल किसी भी कंपनी से बिजली लेकर बिजली आपूर्ति करने को स्वतंत्र हो जायेगा.

इससे डीवीसी के कमांड एरिया के तीन जिले चतरा, हजारीबाग एवं कोडरमा पूरी तरह मुक्त हो जायेंगे, यानी इन जिलों में अब जेबीवीएनएल का अपना नेटवर्किंग सिस्टम विकसित हो जायेगा. इटखोरी में ग्रिड निर्माण के साथ ही 109 किमी की ट्रांसमिशन लाइन बिछायी गयी है. यह लाइन लातेहार-चतरा वाया इटखोरी है.

इस लाइन के बिछ जाने से चतरा के अतिरिक्त लातेहार, हजारीबाग एवं कोडरमा में बिजली आपूर्ति की जा सकती है. इटखोरी ग्रिड निर्माण में 100 करोड़ एवं ट्रांसमिशन लाइन निर्माण में 200 करोड़ का खर्च आया है. इसकी क्षमता 220/132 केवी है. ग्रिड में 150 एमवीए के दो एवं 50 एमवीए के दो पावर ट्रांसफॉर्मर लगाये गये हैं. गौरतलब है कि डीवीसी कमांड एरिया में पूर्व में गिरिडीह और सरैया ग्रिड का उदघाटन हो चुका है.

कमांड एरिया के इन जिलों में चल रहा है काम :

झारखंड के सात जिले धनबाद, गिरिडीह, देवघर, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा एवं चतरा डीवीसी कमांड एरिया के अधीन आते हैं. इन जिलों में डीवीसी अपने नेटवर्क सिस्टम से 600 से 650 मेगवाट बिजली आपूर्ति करता है. इन जिलों में जेबीवीएनएल का अपना नेटवर्क सिस्टम नहीं होने के कारण डीवीसी से बिजली लेना मजबूरी है. लेकिन अब इन सभी जिलों में ग्रिड व ट्रांसमिशन नेटवर्क का निर्माण हो रहा, ताकि भविष्य में पतरातू व नोर्थ कर्णपुरा के प्लांट से इन इलाकों में बिजली आपूर्ति की जा सके.

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