बंगाल कांग्रेस की बड़ी कार्रवाई, सोशल मीडिया को-ऑर्डिनेटर सुखेन दे सस्पेंड, ‘नैतिकता’ पर उठे सवाल

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Bengal Congress News: पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार के निर्देश पर सोशल मीडिया को-ऑर्डिनेटर सुखेन दे को अनैतिक आचरण के आरोपों में उनके पद से हटा दिया गया है. कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 7 दिन में उनसे जवाब मांगा गया है.
Bengal Congress News: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच प्रदेश कांग्रेस कमेटी (WBPCC) ने अनुशासन और नैतिकता पर कड़ा रुख अपनाया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार के निर्देश पर पार्टी के सोशल मीडिया विभाग के को-ऑर्डिनेटर सुखेन दे को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है. उनके खिलाफ गंभीर आरोपों के आधार पर विभागीय जांच शुरू की गयी है. 7 दिनों के भीतर उनसे जवाब मांगा गया है.
क्या है पूरा मामला?
पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस के सोशल मीडिया और डिजिटल कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन अशोक भट्टाचार्य ने बताया है कि सुखेन दे के खिलाफ कुछ शिकायतें मिली थीं, जिनकी जांच पार्टी कर रही है. जांच पूरी होने तक सुखेन दे को सोशल मीडिया विभाग के किसी भी काम में शामिल होने पर रोक लगा दी गयी है. उन्हें कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) का जवाब देने के लिए 7 दिन का समय दिया गया है.
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अनैतिकता के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं – कांग्रेस
पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (WBPCC) ने अपनी चिट्ठी में कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) किसी भी परिस्थिति में अनैतिक गतिविधियों को बढ़ावा नहीं देती.
सोशल मीडिया संचार का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है. इसका उपयोग करके कोई व्यक्तिगत स्तर पर संपर्क साधने की कोशिश कर सकता है, लेकिन हर किसी को दूसरे व्यक्ति की भावनाओं, इच्छा और निजता का सम्मान करना चाहिए. यह हर इंसान का नैतिक कर्तव्य है.
अशोक भट्टाचार्य, चेयरमैन, सोशल मीडिया विभाग, पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस
Bengal Congress News: चुनावी माहौल में कांग्रेस की छवि सुधारने की कोशिश
राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई को चुनाव से पहले पार्टी की छवि को साफ-सुथरा रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया टीम का कोई भी सदस्य अगर मर्यादा लांघता है, तो उस पर सख्त एक्शन होगा. फिलहाल, सुखेन दे को विभाग के सभी दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है. उनके खिलाफ अनैतिक व्यवहार और व्यक्तिगत संपर्क से जुड़ी शिकायतें मिली थीं.
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By मिथिलेश झा
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