बंगाल चुनाव 2026: यह लोकतंत्र का पर्व नहीं, अंतिम यात्रा है, SIR पर बरसे शुभंकर सरकार, चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी
प्रेस को संबोधित करते पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार.
Voter List Revision Issues West Bengal: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची (SIR) की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि पात्र मतदाताओं को सूची से बाहर करना लोकतंत्र के लिए खतरा है.
Voter List Revision Issues West Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SR) प्रक्रिया पर बड़ा बम फोड़ा है. सोमवार को कोलकाता में शुभंकर सरकार ने आरोप लगाया कि राज्य में पात्र मतदाताओं को बिना उचित अवसर दिये सूची से बाहर किया जा रहा है. यह सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि योग्य मतदाता वोट देने से वंचित रह जाते हैं, तो इसे चुनाव नहीं, बल्कि ‘लोकतंत्र की अंतिम यात्रा’ कहा जायेगा.
‘तार्किक विसंगति’ के नाम पर भ्रम और भय का माहौल
शुभंकर सरकार ने आरोप लगाया कि इस बार पुनरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है. पहले किसी मतदाता के दस्तावेज अधूरे होते थे, तो उसे सुधार का मौका मिलता था. इस बार ‘तार्किक विसंगति’ और ‘न्यायिक निपटारा’ जैसे जटिल शब्दों का इस्तेमाल कर आम जनता में डर पैदा किया जा रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि नामों को किस्तों (Phase-wise) में जारी करना असल में जनता के गुस्से को दबाने की एक सोची-समझी रणनीति है.
पार्टी से बड़ी जिम्मेदारी लोकतंत्र को बचाना
एक ओर पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जैसी पार्टियां उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुनाव प्रचार में पूरी तरह जुट चुकी हैं. इस पर शुभंकर सरकार ने कांग्रेस का रुख स्पष्ट किया. कहा कि उम्मीदवारों की घोषणा से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि योग्य वोटर का नाम मतदाता सूची में शामिल हो.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
शुभंकर सरकार ने बतायी कांग्रेस की प्राथमिकताएं
- प्राथमिकता : कांग्रेस के लिए उम्मीदवारों की घोषणा से ज्यादा महत्वपूर्ण हर पात्र मतदाता का नाम सूची में सुनिश्चित करना है.
- इतिहास में पहली बार : बंगाल के चुनावी इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि चुनाव की तारीखें आ गयीं हैं, लेकिन लाखों मतदाताओं का भविष्य कानूनी जटिलताओं और अनिश्चितता के भंवर में फंसा है.
लोकतंत्र की हत्या का आरोप
शुभंकर सरकार ने राज्य प्रशासन और चुनावी मशीनरी पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में हर दिन लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर चुनाव आयोग ने तुरंत हस्तक्षेप कर मतदाता सूची की विसंगतियों को दूर नहीं किया, तो कांग्रेस इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ेगी.
इसे भी पढ़ें
बंगाल चुनाव 2026: भितरघात और SIR का घातक कॉकटेल, 120 सीटों पर बिगड़ सकता है दिग्गजों का खेल!
मुर्शिदाबाद-मालदा में सबसे ज्यादा 19 लाख से अधिक नाम अंडर एडजुडिकेशन में फंसे
SIR Bengal: बंगाल सरकार को एसआईआर में करना ही होगा सहयोग, बोले किरण रिजीजू
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By मिथिलेश झा
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










