टीएमसी सांसद सागरिका घोष का दावा- SIR ने पश्चिम बंगाल में स्थानीय स्तर पर सत्ता विरोधी लहर को खत्म कर दिया

तृणमूल कांग्रेस की स्टार प्रचारक और पत्रकार से नेता बनीं सागरिका घोष.
SIR West Bengal: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) की स्टार प्रचारक और राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि बंगाल में टीएमसी सरकार के खिलाफ सत्ताविरोधी लहर थी, लेकिन SIR की प्रक्रिया की वजह से वह दूर हो गयी है. सागरिका घोष ने और क्या-क्या कहा, यहां पढ़ें.
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SIR West Bengal: तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य सागरिका घोष ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में स्थानीय स्तर पर जो सत्ता-विरोधी लहर थी, वह एसआईआर प्रक्रिया के प्रभाव से काफी हद तक दब गयी है. इससे आगामी विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की स्थिति स्पष्ट रूप से भाजपा से बेहतर है.
बंगाल चुनाव के लिए तृणमूल की स्टार प्रचारक हैं सागरिका घोष
पत्रकार से नेता बनी सागरिका घोष को चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस का स्टार प्रचारक बनाया गया है. उन्होंने कहा कि नेता के रूप में ममता बनर्जी के खिलाफ उनके समर्थकों में कोई असंतोष नहीं है. असंतोष कुछ स्थानीय नेताओं के खिलाफ हो सकता है, जिन्हें इस बार टिकट नहीं दिया गया.
टीएमसी ने 74 विधायकों के टिकट काटे
ममता बनर्जी ने 17 मार्च को जारी 291 उम्मीदवारों की सूची में 74 मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिये हैं, जो सत्ता विरोधी लहर को खत्म करने के लिए पार्टी की एक सोची-समझी रणनीति का संकेत है.
भाजपा का एजेंडा एसआईआर प्रक्रिया का इस्तेमाल कर ममता बनर्जी को हराने और किसी भी तरह पश्चिम बंगाल पर कब्जा करने का था, क्योंकि वह पिछले 15 वर्षों से लगातार भाजपा को हराती रही हैं. लेकिन यह कदम उल्टा पड़ गया और तृणमूल को फायदा मिला. अगर कहीं स्थानीय स्तर पर सत्ता-विरोधी लहर थी भी, तो वह एसआईआर के कारण पूरी तरह दब गयी. यह भाजपा की बड़ी गलती थी. वे जितने नाम हटाना चाहें, हटा लें, हम फिर भी जीतेंगे.
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SIR West Bengal: कहां हैं घुसपैठिये, जिनकी बात बार-बार बीजेपी करती थी – सागरिका घोष
तृणमूल सांसद ने कहा कि ‘जल्दबाजी में लागू’ SIR ने राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ माहौल बना दिया है. एसआईआर में आम लोगों के साथ ही नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन, पूर्व मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, मंत्री शशि पांजा और क्रिकेटर ऋचा घोष जैसे लोगों की नागरिकता पर भी सवाल खड़े किये. उन्होंने कहा, ‘वे घुसपैठिए कहां हैं, जिनकी बात भाजपा बार-बार करती थी?’
ममता बनर्जी के काम को मीडिया में नहीं मिली पर्याप्त जगह – सागरिका
सागरिका घोष ने कहा कि तृणमूल प्रमुख के जमीनी जुड़ाव और उनके शासन रिकॉर्ड पर लोगों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलेगा, जिसे मीडिया में पर्याप्त महत्व नहीं मिला. उन्होंने कहा- ममता बनर्जी 24 घंटे जनता से जुड़ी रहने वाली नेता हैं. 3 कार्यकाल के बाद स्थानीय स्तर पर कुछ सत्ता विरोधी लहर होना स्वाभाविक है, लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में उनके खिलाफ ऐसा कोई भाव नहीं है. राज्य में वह ही अंतिम सहारा हैं. लोग जानते हैं कि मुश्किल में वे उनके पास जा सकते हैं.
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ममता को बताया दक्षिण एशिया में अद्वितीय राजनीतिक व्यक्तित्व
सागरिका ने ममता बनर्जी को ‘दक्षिण एशिया में अद्वितीय राजनीतिक व्यक्तित्व’ बताते हुए कहा कि उन्होंने बिना किसी राजनीतिक विरासत या मार्गदर्शक के पुरुष प्रधान राजनीति में एक मजबूत पार्टी खड़ी की है. उन्होंने तृणमूल में महिला नेताओं को जितना स्थान दिया है, उतना किसी अन्य पार्टी ने नहीं दिया. हम महिला-प्रथम पार्टी हैं और महिलाओं के खिलाफ अपराध बर्दाश्त नहीं करेंगे. चुनाव में चुनौतियों पर सागरिका घोष ने कहा कि झूठे प्रचार, अफवाहों और दुष्प्रचार से निपटना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती है.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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