झारखंड में सीइए लाइसेंस के बिना ही चल रहे दर्जनों अस्पताल, लेकिन सरकारी स्तर पर नहीं हो रही कोई कार्रवाई

Published at :23 Dec 2023 3:08 AM (IST)
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झारखंड में सीइए लाइसेंस के बिना ही चल रहे दर्जनों अस्पताल, लेकिन सरकारी स्तर पर नहीं हो रही कोई कार्रवाई

राजधानी रांची में तो सीइए के तहत मिले लाइसेंस के बदले दूसरे नाम से अस्पताल चलाने का मामला भी पकड़ में आ चुका है. हालांकि, एक हफ्ते में ही लीपापोती करते हुए संचालक को अस्पताल चलाने की अनुमति दे दी गयी.

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रांची : क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट(सीइए) के तहत मिलनेवाले लाइसेंस के बिना कोई भी अस्पताल नहीं चलाया जा सकता है. नियम का उल्लंघन करनेवाले अस्पताल पर अर्थदंड लगाने और उसे बंद करने का प्रावधान है. इसके बावजूद राज्य में दो दर्जन से ज्यादा अस्पताल सीइए लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद भी चल रहे हैं. कुछ अस्पतालों के लाइसेंस की अवधि समाप्त हुए सात-आठ माह से ज्यादा हो चुके हैं. लेकिन, सरकार के स्तर पर इन अस्पतालों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है.

इधर, राजधानी रांची में तो सीइए के तहत मिले लाइसेंस के बदले दूसरे नाम से अस्पताल चलाने का मामला भी पकड़ में आ चुका है. हालांकि, एक हफ्ते में ही लीपापोती करते हुए संचालक को अस्पताल चलाने की अनुमति दे दी गयी. मामला ‘दृष्टि नेत्रालय’ से जुड़ा है. अस्पताल को ‘दृष्टि नेत्रालय’ के नाम से लाइसेंस जारी किया गया था, जबकि प्रबंधन ‘दृष्टि आइ हॉस्पिटल’ के नाम से अस्पताल चला रहा था. मामला पकड़ में आने पर सिविल सर्जन कार्यालय ने पहले स्पष्टीकरण मांगा. जब अस्पताल संचालक ने जवाब नहीं दिया, सिविल सर्जन ने 24 नवंबर 2023 को कार्रवाई करते हुए अस्पताल प्रबंधन को पत्र लिखा.

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पत्र में कहा गया कि प्रबंधन ने बिना सूचना दिये ही अस्पताल का नाम बदल दिया. यह नियम विरुद्ध है, इसलिए तत्काल प्रभाव से ‘क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट’ के तहत अस्पताल को जारी किया गया लाइसेंस रद्द किया जाता है. अस्पताल संचालक को एक हफ्ते के अंदर 50 हजार रुपये का जुर्माना ड्राफ्ट के सहारे जमा करने का निर्देश दिया.

एक हफ्ते में ही मिल गयी अस्पताल चलाने की अनुमति

सिविल सर्जन की कार्रवाई के बाद अस्पताल प्रबंधन ने 28 नवंबर को आवेदन दिया. इसके बाद सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से 30 नवंबर को एक पत्र अस्पताल प्रबंधन को भेजा गया. इसमें कहा गया कि नाम बदलने के कारण अस्पताल का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया था. अस्पताल प्रबंधन ने फिर से पुराने नाम ‘दृष्टि नेत्रालय ‘से पंजीकरण का आवेदन दिया गया है. इसकी अनुमति दी जाती है. इस तरह सीइए लाइसेंस की शर्तों के खिलाफ काम करने के मामले में लीपापोती कर दी गयी.

बिना लाइसेंस चल रहे कुछ अस्पतालों की सूची

जिला— अस्पताल

चतरा— अन्नपूर्णा अस्पताल

पूर्वी सिंहभूम— एपेक्स हॉस्पिटल

पूर्वी सिंहभूम— एनएच डायलिसिस सेंटर

पूर्वी सिंहभूम— डॉ अभिषेक चाइल्ड केयर एंड मेटरनिटी हॉस्पिटल

पूर्वी सिंहभूम— साकेत ऑर्थो स्पाइन केयर मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल

हजारीबाग— वीणा जेनरल हॉस्पिटल

कोडरमा— केयर हॉस्पिटल

पलामू— वर्मा हॉस्पिटल एंड रिसर्च

पलामू— संजीवनी हॉस्पिटल

पलामू— मां तारा सेवा क्लिनिक

रांची— एमएमजीयू हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर

रांची— मां पार्वती मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल

सरायकेला— मेडिट्रिना हॉस्पिटल

सरायकेला— नालंदा हेल्थ केयर नर्सिंग होम

पश्चिम सिंहभूम— मुंद्रा हास्पिटल प्रालि

पश्चिम सिंहभूम— सूर्या नर्सिंग होम

पश्चिम सिहंभूम— न्यू ऑक्सफोर्ड हास्पिटल

धनबाद— दृष्टि आइ हॉस्पिटल

धनबाद— जिमसार हॉस्पिटल

धनबाद— संजीवनी नर्सिंग होम

साहिबगंज— न्यू उधवा नर्सिंग होम

साहिबगंज— सूर्या सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल

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