मोरहाबादी में बर्ड फ्लू, 10 किमी तक मुर्गा-अंडों की बिक्री बंद

Updated at : 22 May 2024 12:40 AM (IST)
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मोरहाबादी में बर्ड फ्लू, 10 किमी तक मुर्गा-अंडों की बिक्री बंद

करीब एक माह पहले पशुपालन विभाग के होटवार स्थित पोल्ट्री फॉर्म में बर्ड फ्लू फैला था. 20 मई को फिर से राजधानी में बर्ड फ्लू फैलने की पुष्टि हुई है. इस बार मोरहाबादी स्थित रामकृष्ण मिशन आश्रम का पोल्ट्री फार्म इस संक्रामक बीमारी की चपेट में है.

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वरीय संवाददाता (रांची).

करीब एक माह पहले पशुपालन विभाग के होटवार स्थित पोल्ट्री फॉर्म में बर्ड फ्लू फैला था. 20 मई को फिर से राजधानी में बर्ड फ्लू फैलने की पुष्टि हुई है. इस बार मोरहाबादी स्थित रामकृष्ण मिशन आश्रम का पोल्ट्री फार्म इस संक्रामक बीमारी की चपेट में है. 15 मई को यहां के पोल्ट्री में बर्ड फ्लू के लक्षण मिले थे. जांच के लिए सैंपल को भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्युरिटी एनिमल डिजीज (एनआइएचएसएडी) में भेजा गया था. 20 मई को आयी रिपोर्ट में नमूनों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गयी है. इसके बाद पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक ने मंगलवार को इलाके में एहतियातन विशेष सतर्कता के आदेश जारी कर दिये. इधर, रांची जिला प्रशासन ने मोरहाबादी के 10 किमी की परिधि में मुर्गी, मुर्गा, बतख, चूजा आदि पक्षी और अंडों की खरीद-बिक्री पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. इस क्षेत्र के स्वच्छ घोषित होने के 21 दिन के बाद ही पक्षियों-अंडों की खरीद-बिक्री हो सकेगी.

उपायुक्त ने गठित की रैपिड रिस्पांस टीम :

रामकृष्ण मिशन आश्रम के पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद उपायुक्त ने एक ‘रैपिड रिस्पांस टीम’ गठित की है. इसमें चिकित्सकों और विशेषज्ञों के साथ ही आश्रम के कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है. टीम के सदस्यों की प्रतिनियुक्त प्रभावित इलाके के संक्रमण मुक्त होने तक के लिए की गयी है. नगर आयुक्त के साथ ही थाना प्रभारियों को टीम का सहयोग करने का निर्देश दिया गया है.

10 किमी की परिधि में होगी निगरानी :

टीम के सदस्य एपिक सेंटर (प्रभावित क्षेत्र) के एक से 10 किमी की परिधि में पाये जानेवाले वन क्षेत्र में पक्षियों की निगरानी, इनका बीट कलेक्शन और सैंपलिंग करेंगे. सर्वे में भगवान बिरसा मुंडा जैविक उद्यान को भी शामिल किया गया है. टीम में शामिल सदस्य आश्रम के शेष बचे कुक्कुटों का कलिंग, वैज्ञानिक विधि से निस्तारण करने के बाद संक्रमित क्षेत्र का वैज्ञानिक विधि से संपूर्ण क्लीनिंग करेंगे.

एक किमी की परिधि में होगा सर्वे :

एक्शन प्लान के तहत जहां से महामारी फैली है, उससे एक किमी की परिधि में कुक्कुट पालन से संबंधित सर्वे किया जायेगा. इलाके की दुकानों से प्राप्त रसीद के आधार पर बाद में नियमानुसार आपदा प्रबंधन विभाग से मुआवजे का भुगतान किया जायेगा. वहीं, संक्रमण के केंद्र बिंदु से 10 किमी की परिधि का मानचित्र बनाया जायेगा और इसे सर्विलांस जोन के रूप में चिह्नित करते हुए इस क्षेत्र में सघन निगरानी की जायेगी.

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