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पीएम नरेंद्र मोदी को महिला नर्सिंग ऑफिसर का भावुक कर देने वाला खत, पढ़ें पूरी चिट्ठी

Updated at : 10 Sep 2025 5:54 PM (IST)
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BHU Nursing Officer Letter to PM Narendra Modi

पीएम मोदी को महिला नर्सिंग ऑफिसर ने लिखी भावुक चिट्ठी.

BHU Nursing Officer Letter to PM Modi: एम्स जैसी प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थानों में काम करने वाले नर्सिंग स्टाफ परेशान हैं. एक नर्सिंग ऑफिसर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भावुक कर देने वाला खत लिखा है. महिला ऑफिसर ने पीएम मोदी से कहा है कि स्पाउजर ट्रांसफर पॉलिसी लागू करके इतिहास रचें. इसे पीढ़ियों तक याद किया जायेगा.

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BHU Nursing Officer Letter to PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक महिला नर्सिंग ऑफिसर ने करुण पुकार की है. उन्होंने भावुक कर देने वाला एक खत लिखा है, जिसमें देश में काम कर रहे नर्सिंग स्टाफ की भलाई के लिए कुछ काम करने की अपील की गयी है. चिट्ठी में कहा गया है कि प्रधानमंत्री जी, आप इतिहास रचिए. इसे पीढ़ियों तक याद किया जायेगा.

बच्चों के लालन-पालन की चिंता में फैमिली प्लानिंग नहीं कर रहे नर्सिंग स्टाफ

देश भर के एम्स में काम करने वाले नर्सिंग स्टाफ में कई दंपती हैं. पति कहीं पोस्टेड है और पत्नी की कहीं पोस्टिंग हो रखी है. दोनों पैसे तो कमाते हैं, लेकिन पारिवारिक सुख इन्हें नहीं मिलता. कई ऐसे दंपती हैं, जो फैमिली प्लानिंग के बारे में नहीं सोच पा रहे हैं, क्योंकि उन्हें चिंता है कि अगर उनके बच्चे हुए, तो वह कैसे पलेंगे-बढ़ेंगे.

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नर्सिंग स्टाफ की मांग- दंपती को साथ रहने का मौका मिले

देश में महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका तो मिल रहा है, लेकिन उनके परिवार कैसे चलेंगे, इस पर कोई उचित विचार-विमर्श नहीं हो रहा है. नर्सिंग स्टाफ यूनियन ने स्वास्थ्य मंत्रालय से मांग की है कि देश के अलग-अलग कोने में काम कर रहे पति-पत्नी (नर्सिंग स्टाफ्स) को ट्रांसफर करके एक शहर में रहने का अवसर दिया जायेगा.

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स्पाउजल ट्रांसफर पॉलिसी की मांग कर रहे नर्सिंग स्टाफ

स्वास्थ्य मंत्रालय ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना. स्वीकार किया कि यह एक बड़ी समस्या है, जिसका समाधान होना चाहिए. बावजूद इसके अधिकारी स्पाउजल ट्रांसफर पॉलिसी पर कोई काम करने के लिए तैयार नहीं हैं. मामला कोर्ट में भी विचाराधीन है. जल्द ही इस केस की सुनवाई मुंबई हाईकोर्ट में होगी. इस बीच, एक महिला नर्सिंग ऑफिसर ने अपना दर्द बयां करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है.

BHU Nursing Officer ने क्या लिखा है चिट्ठी में?

उत्तर प्रदेश के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की नर्सिंग ऑफिसर ने प्रधानमंत्री को जो खत लिखा है, वो इस प्रकार है-

प्रिय मोदीजी,

मैं और मेरे पति दोनों हेल्थकेयर प्रोफेशनल हैं. दोनों एक-दूसरे से 850 किलोमीटर दूर तैनात हैं. घर और नौकरी को संभालना बेहद मुश्किल हो गया है. हमारे बच्चे रोते हैं. घर सूना रहता है. क्या हमारी देश सेवा का यही इनाम है.

कृपया सभी संस्थानों में ‘स्वास्थ्यकर्मियों के लिए जीनसाथी आधारित स्थानांतरण नीति’ लागू करें. यह नीति परिवारों को जोड़ेगी, बच्चों को प्यार देगी और हमें कर्तव्य के लिए ताकत.

गरीबों और किसानों के बाद अब इन सफेद कोटधारियों (स्वास्थ्यकर्मियों) के टूटे परिवारों को जोड़कर आप एक या इतिहास रचें, जो पीढ़ियों तक याद किया जायेगा.

सम्मान और प्रार्थना के साथ,

नर्सिंग ऑफिसर, बीएचयू

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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