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बंगाल में 60 लाख मतदाताओं की किस्मत अधर में, समय पर पब्लिश होगी वोटर लिस्ट!

Updated at : 20 Feb 2026 6:30 AM (IST)
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SIR Bengal News

बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया में शामिल लोग.

SIR Bengal: मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में 60 लाख मतदाताओं का भविष्य अभी भी अधर में है. उनके नाम वोटर लिस्ट में शामिल होंगे या नहीं, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या वोटर लिस्ट पब्लिकेशन की समयसीमा बढ़ेगी!

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SIR Bengal: एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची संशोधन का काम अंतिम चरण में है, लेकिन आंकड़े बता रहे हैं कि लाखों मतदाताओं की स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है. ऐसे में 28 फरवरी को प्रस्तावित अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की समय-सीमा बढ़ने की संभावना जतायी जा रही है.

14 फरवरी को पूरी हुई एसआईआर हियरिंग

सुनवाई प्रक्रिया 14 फरवरी को समाप्त हो चुकी है. 21 फरवरी तक दस्तावेजों का सत्यापन पूरा कर लेने का लक्ष्य रखा गया है. बावजूद इसके, बड़ी संख्या में अब भी केस लंबित हैं. इसकी वजह से प्रशासनिक दबाव बढ़ गया है.

तय समय पर पूरी होगी एसआईआर की प्रक्रिया- सीईओ

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल का दावा है कि पूरी प्रक्रिया समय पर पूरी कर ली जायेगी. घबराने की कोई जरूरत नहीं है. समय-सीमा बढ़ाने पर अभी तक कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया है.

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मार्च में कोलकाता आयेगा चुनाव आयोग का प्रतिनिध दल

इस बीच, भारत निर्वाचन आयोग का एक प्रतिनिधि दल मार्च के पहले सप्ताह में कोलकाता पहुंचेगा. 2 दिनों तक सीईओ और डीईओ के साथ बैठक के बाद चुनाव की तिथियों की घोषणा किये जाने की संभावना जतायी जा रही है.

SIR Bengal की अब तक की प्रमुख बातें

14 फरवरी को एसआईआर हियरिंग की प्रक्रिया समाप्त हुई
21 फरवरी तक दस्तावेजों का सत्यापन पूरा करने का लक्ष्य
28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने का लक्ष्य
4,44,970 मतदाता दस्तावेज जमा नहीं करने पर अयोग्य घोषित
5,00,000 मतदाता सुनवाई में नहीं हुए शामिल
4,66,323 मतदाताओं के दस्तावेजों का सत्यापन अभी बाकी
लगभग 30 लाख मतदाता ‘रिव्यू’ की श्रेणी में
20,00,000 मतदाताओं की जानकारी ईआरओ स्तर पर रोकी गयी
1,00,000 मतदाताओं के दस्तावेज दूसरे राज्यों में सत्यापन के लिए भेजे गये, जांच लंबित

SIR के पहले चरण के आंकड़े

एसआइआर के पहले चरण में कुल 58,20,899 नाम मतदाता सूची से हटाये गये. इनमें 24 लाख मृत मतदाता और 19,88,076 मतदाता कहीं दूसरी जगह चले गये.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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