Ranchi News : सजी-सजायी चरनी से बाजारों में बढ़ी रौनक

Updated at : 16 Dec 2025 7:00 PM (IST)
विज्ञापन
Ranchi News : सजी-सजायी चरनी से बाजारों में बढ़ी रौनक

क्रिसमस का दिन नजदीक आते ही उत्साह बढ़ने लगा है. बाजार भी सज गया है.

विज्ञापन

रांची. क्रिसमस का दिन नजदीक आते ही उत्साह बढ़ने लगा है. बाजार भी सज गया है. बाजारों में क्रिसमस से जुड़ी हर सामग्री, तोहफे, सांता के कपड़े, टोपी, कैंडल समेत अन्य सामान की बिक्री शुरू हो गयी है. लोग अपने सामान की खरीदारी करने में जुटे हैं. राजधानी के चौक-चौराहों पर क्रिसमस का बाजार लग गया है. पुरुलिया रोड, चर्च कॉम्प्लेक्स, बहुबाजार, डोरंडा, हिनू, अपर बाजार समेत कई जगहों पर क्रिसमस की सामग्री बिकनी शुरू हो गयी है. बाजार में सांता के कपड़े, बड़े-छोटे डिजाइन में स्टार, क्रिसमस-ट्री, रेनडियर, बॉल, गिफ्ट बॉक्स, रोलेक्स रिबन जैसे कई आइटम बिक रहे हैं. सजाने के सामान 100-2500 रुपये के रेंज में बिक रहे हैं.

एक से बढ़कर एक गिफ्ट आइटम : क्रिसमस को लेकर बाजार में कई गिफ्ट आइटम बिक रहे हैं. बच्चों को गिफ्ट करने के लिए सांता कई साइज में उपलब्ध है. लाइटिंग सांता, डांसिंग सांता, स्टैंडिंग सांता, पेंसिंल सांता आदि. वहीं, रेन डियर, कैडल सेट, वूडेन फ्रेम, बाइबल कोटेशन फ्रेम, बाइबल बैग, की रिंग जैसे कई गिफ्ट भी उपलब्ध हैं. यह गिफ्ट आइटम 50-900 रुपये तक के रेंज में उपलब्ध है.

सजी सजायी चरनी का ट्रेंड : क्रिसमस को लेकर प्लेन चरनी व उसके सजाने के सामान अलग से बिक रहे हैं. प्लेन चरनी में रखने के लिए बालक यूसुफ के अलावा कई छोटी-छोटी प्रतीकात्मक प्रतिमा अलग-अलग से बिक रही है. इसके अलावा सजी सजायी चरनी भी बाजार में बिकनी शुरू हो गयी है. चरनी में सजाने वाले सामान 150-1500 रुपये तक में बिक रहा है.

क्रिसमस के केक में सेहत का ख्याल

परंपरा, स्वाद और साझा खुशी का प्रतीक बना क्रिसमस केकरांची. क्रिसमस को लेकर चर्च से लेकर घरों तक तैयारियां शुरू हो गयी हैं. घरों में दूर-दूर से आने वाले मेहमानों के स्वागत की तैयारी चल रही है. वहीं, बेकरी में क्रिसमस केक के ऑर्डर आने लगे हैं. क्रिसमस के मौके पर कई तरह के केक घरों में भी बनाये जाते हैं. कई लोग बेकरी से, तो कई लोग कस्टमाइज केक का ऑर्डर करते हैं.

केक मिक्सिंग सेरेमनी भी खास : क्रिसमस पर केक मिक्सिंग सेरेमनी को आने वाले साल में सौभाग्य और खुशियां लाने वाला माना जाता है. केक मिक्सिंग सेरेमनी की शुरुआत 17वीं शताब्दी में यूरोप में हुई थी. यह परंपरा मूल रूप से फसल के मौसम के आगमन का प्रतीक थी. 17वीं शताब्दी में यूरोपीय परिवार सर्दियों के महीनों के लिए भोजन को संरक्षित करने के तरीके के रूप में इस परंपरा को मनाते थे. वे नये कटे हुए फलों, सूखे मेवों और नट्स आदि का मिश्रण तैयार करते थे ताकि यह लंबे समय तक चल सके. समय के साथ यह अनुष्ठान क्रिसमस की तैयारियों का अभिन्न हिस्सा बन गया, जिसमें यह मिश्रण क्रिसमस से कई सप्ताह पहले तैयार किया जाता है. त्योहार के दौरान इसी मिश्रण का उपयोग प्लम केक बनाने में किया जाता है. भारत में यह परंपरा ब्रिटिश औपनिवेशिक काल के दौरान शुरू हुई. धीरे-धीरे यह ईसाई परिवारों के बीच एक रस्म बन गयी. अब इसे होटल, बेकरी और अन्य संस्थानों में बड़े सामुदायिक आयोजनों के रूप में मनाया जाता है.

घरों में बनते हैं कई तरह के केक : मसीही घरों में क्रिसमस पर केक बनाने के साथ-साथ स्वादिष्ट पकवान भी बनाये जाते हैं. केक बनाकर रिश्तेदारों के अलावा जरूरतमंदों को भी बांटा जाता है. ज्यादातर मसीही घरों में फ्रूट केक, वेनिला बटर केक, वाइन केक, चॉकलेट केक, ड्राइ फ्रूट्स केक, क्रिसमस कप केक, रोचर केक, प्लम केक, रम केक सहित कई तरह के केक बनाये जाते हैं.

कस्टमाइज केक के ऑर्डर : बेकरी के अलावा होममेड केक की डिमांड भी खूब रहती है. कई लोग कस्टमाइज केक ऑर्डर कर घर पर मंगवाते हैं. थीम के अनुसार केक तैयार किये जाते हैं. क्रिसमस केक कार्य से जुड़े दसमाइल की आशिषण बारला ने बताया कि वे पिछले पांच वर्षों से केक बनाने के कार्य से जुड़ी हैं. उन्होंने बताया कि क्रिसमस के लिए अब तक 100 से अधिक ऑर्डर आ चुके हैं. ज्यादातर वेनिला ड्राइ फ्रूट्स केक की मांग है, जिन्हें कस्टमाइज कर क्रिसमस थीम पर तैयार किया जा रहा है. क्रिसमस ट्री, सांता, स्नो और चेरी जैसी कई डिजाइनों में केक तैयार हो रहे हैं.

हेल्दी केक की डिमांड ज्यादा : बेकरी कार्य से जुड़ी नीलिमा ने बताया कि स्वास्थ्य को लेकर लोग काफी सतर्क हो गये हैं. इसी कारण अब ज्यादातर लोग आटा-गुड़ केक, रागी चॉकलेट केक, रागी ब्राउनी और रागी ड्राइ फ्रूट्स केक को ज्यादा पसंद कर रहे हैं. ऑर्डर के अनुसार इन्हें तैयार भी किया जा रहा है.

क्रिसमस पर केक क्यों होता है खास

: क्रिसमस पर केक खास होता है, क्योंकि इसे समृद्धि, उत्सव और एकजुटता का प्रतीक माना जाता है. इसकी जुड़ी प्राचीन रोम के मीठे खाद्य पदार्थों और मध्ययुगीन प्लम पोरिज में हैं, जो समय के साथ फ्रूट केक और फिर आधुनिक केक के रूप में विकसित हुआ. यह परिवार और दोस्तों के साथ बांटने की परंपरा का हिस्सा बन गया है. क्रिसमस के अवसर पर कई लोग केक बनवाकर चर्च में बांटते हैं. जबकि कई लोग जरूरतमंदों के बीच केक वितरित कर दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
MUNNA KUMAR SINGH

लेखक के बारे में

By MUNNA KUMAR SINGH

MUNNA KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola