रांची : नियुक्ति नहीं, पलायन कर रहे विद्यार्थी, असिस्टेंट प्रोफेसर के 232 पद वर्षों से हैं खाली

Updated at : 15 Feb 2020 5:59 AM (IST)
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रांची : नियुक्ति नहीं, पलायन कर रहे विद्यार्थी, असिस्टेंट प्रोफेसर के 232 पद वर्षों से हैं खाली

संजीव सिंह रांची : झारखंड राज्य गठन के बाद से ही राज्य के एकमात्र कृषि विवि में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति नहीं हो सकी है . इस कारण अब इसी विवि से पढ़ाई पूरी करनेवाले विद्यार्थी अन्य राज्यों में नौकरी की तलाश में जा रहे हैं. विवि के अंतर्गत वेटनरी, एग्रीकल्चर अौर फॉरेस्ट्री में प्रत्येक […]

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संजीव सिंह
रांची : झारखंड राज्य गठन के बाद से ही राज्य के एकमात्र कृषि विवि में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति नहीं हो सकी है . इस कारण अब इसी विवि से पढ़ाई पूरी करनेवाले विद्यार्थी अन्य राज्यों में नौकरी की तलाश में जा रहे हैं.
विवि के अंतर्गत वेटनरी, एग्रीकल्चर अौर फॉरेस्ट्री में प्रत्येक वर्ष लगभग 150 विद्यार्थी स्नातक की डिग्री लेकर बाहर निकल रहे हैं. विवि में असिस्टेंट प्रोफेसर के 232 पद रिक्त हैं. इन पदों पर नियुक्ति के लिए वर्ष 2018 में ही झारखंड लोक सेवा अायोग को अधियाचना भेजी गयी, लेकिन नियुक्ति नहीं हो पायी है. जेपीएससी ने दो असिस्टेंट प्रोफेसर की चार माह पहले नियुक्ति अनुशंसा भी भेजी, लेकिन विवि में अब तक योगदान नहीं कर पाये. अब जबकि बिहार में अवस्थित कृषि विवि ने असिस्टेंट प्रोफेसर के 310 रिक्त पदों पर 19 मार्च 2020 तक आवेदन मांगे हैं, इस नियुक्ति के लिए झारखंड के भी कई विद्यार्थी अॉनलाइन आवेदन कर रहे हैं.
बिहार ने 310 रिक्त पदों पर 19 मार्च तक मांगा आवेदन
बीएयू के पास नियुक्ति का अधिकार नहीं
देश भर में बिरसा कृषि विवि (बीएयू) ही एकमात्र ऐसा विवि है, जहां नियुक्ति का अधिकार उसके पास नहीं है. इतना ही नहीं, झारखंड गठन के बाद से राज्य सरकार के कृषि सेवा में जिला कृषि पदाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, जिला भूमि संक्षरण पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी एवं अन्य समकक्ष पदों पर कोई नियमित नियुक्तियां भी नहीं की गयी हैं.
नतीजतन, राज्य के वित्त संपोषण से कृषि विषय के डिग्रीधारक छात्रों का पलायन बिहार एवं अन्य राज्यों में हुआ. बहुतायत मेधावी छात्र बीएससी के माध्यम से बिहार कृषि सेवा तथा बिहार के कृषि विवि में शिक्षक व वैज्ञानिक पदों पर सेवारत हैं.
2000 के बाद के डिग्रीधारक ( मार्च 2019 तक)
स्नातक पाठ्यक्रम
बीएससी (प्रतिष्ठा) कृषि 675
बीभीएससी व पशुपालन 646
बीएससी (अॉनर्स) वानिकी 243
स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम
एमएससी (कृषि) 196
एमएससी (वानिकी) 37
एमभीएससी 141
पीएचडी (कृषि) 61
पीएचडी (पशु चिकित्सा) 51
असिस्टेंट प्रोफेसर की स्थिति
एग्रीकल्चर
स्वीकृत पदों की संख्या 132
रिक्त पदों की संख्या 115
उद्यान
स्वीकृत पदों की संख्या 20
रिक्त पदों की संख्या 20
कृषि अभियंत्रण
स्वीकृत पदों की संख्या 26
रिक्त पदों की संख्या 26
पशु चिकित्सा
स्वीकृत पदों की संख्या 62
रिक्त पदों की संख्या 48
डेयरी प्रौद्याेगिकी
स्वीकृत पदों की संख्या 10
रिक्त पदों की संख्या 10
फिशरीज साइंस
स्वीकृत पदों की संख्या 13
रिक्त पदों की संख्या 13
स्वीकृत पदों की संख्या 263
रिक्त पदों की संख्या 232
केवीके वैज्ञानिक
स्वीकृत पदों की संख्या 96
रिक्त पदों की संख्या 31
स्वीकृत पदों की संख्या 359
रिक्त पदों की संख्या 263
विवि में मात्र 31 नियमित असिस्टेंट प्रोफेसर ही
राज्य बनने के बाद कृषि एवं संबद्ध विषयों में कुल 1564 छात्रों ने स्नातक, 374 छात्रों ने स्नातकोत्तर और 114 छात्रों ने पीएचडी की डिग्री हासिल की है. बीएयू में संचालित विभिन्न विषयों के कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल स्वीकृत 263 पदों के विरुद्ध मात्र 31 नियमित असिस्टेंट प्रोफेसर कार्यरत हैं. असिस्टेंट प्रोफेसर के समकक्ष केवीके वैज्ञानिक के भी 31 पद वर्षों से रिक्त हैं. विवि द्वारा नियमित असिस्टेंट प्रोफेसर/केवीके वैज्ञानिक की नियुक्ति वर्ष 2002-03 में हुई थी.
विवाद के कारण वर्ष 2006 में सरकार ने नियुक्ति का जिम्मा जेपीएससी को सौंप दिया. देश के अन्य 74 कृषि वश्विवद्यिालयों में नियुक्ति का अधिकार विश्वविद्यालयों को प्रदत्त है. विवि अंतर्गत कृषि महाविद्यालय के कृषि स्नातक पाठ्यक्रम में वर्ष 2016-17 तक 50 छात्रों का प्रति वर्ष नामांकन लिया जाता था.
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