रांची : अक्तूबर तक सरकारी आमदनी का 92 प्रतिशत वेतन-पेंशन व अन्य मद में खर्च

Updated at : 27 Dec 2019 8:51 AM (IST)
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रांची : अक्तूबर तक सरकारी आमदनी का 92 प्रतिशत वेतन-पेंशन व अन्य मद में खर्च

शकील अख्तर पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले चालू वित्तीय वर्ष में कुल राजस्व में गिरावट आर्थिक मंदी की वजह से केंद्र सरकार ने जीएसटी कंपनसेशन मद के करीब 1000 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया रांची : पिछले सात माह में राज्य सरकार ने अपनी कुल आमदनी (राजस्व) का 92.58 प्रतिशत वेतन भत्ता, पेंशन, सूद […]

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शकील अख्तर
पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले चालू वित्तीय वर्ष में कुल राजस्व में गिरावट
आर्थिक मंदी की वजह से केंद्र सरकार ने जीएसटी कंपनसेशन मद के करीब 1000 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया
रांची : पिछले सात माह में राज्य सरकार ने अपनी कुल आमदनी (राजस्व) का 92.58 प्रतिशत वेतन भत्ता, पेंशन, सूद चुकाने आदि पर खर्च किया है. साथ ही पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले चालू वित्तीय वर्ष में कुल राजस्व में भी मामूली गिरावट दर्ज की गयी है. महालेखाकार के आंकड़ों से इस बात की पुष्टि होती है. आर्थिक मंदी की वजह से केंद्र सरकार ने जीएसटी कंपनसेशन के मद के करीब 1000 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया है. समय पर जीएसटी कंपनसेशन नहीं मिलने की वजह से राज्य सरकार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
महालेखाकार के आंकड़ों के अनुसार, अक्तूबर तक सभी स्रोतों से राज्य सरकार की आमदनी 32598.70 करोड़ रुपये है. सात महीने में सरकार की यह आमदनी उसके सालाना लक्ष्य के मुकाबले 40.07 प्रतिशत है. पिछले वित्तीय वर्ष 2018-19 में इसी अवधि तक सरकार की कुल आमदनी वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले 40.12 प्रतिशत थी.
यानी पिछले वर्ष के मुकाबले चालू वित्तीय वर्ष के दौरान लक्ष्य के मुकाबले सरकार की आमदनी कम रही. सरकार के टैक्स रेवेन्यू में भी पिछले साल के मुकाबले इस साल गिरावट दर्ज की गयी है. पिछले वित्तीय वर्ष में सरकार को अक्तूबर माह तक टैक्स रेवेन्यू के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले 42.38 प्रतिशत राजस्व मिला था. इस साल टैक्स रेवेन्यू के रूप में 40.29 प्रतिशत ही मिला है.
राज्य सरकार ने अक्तूबर तक अपने सभी स्रोतों से हुई 32598.70 करोड़ रुपये की आमदनी में से वेतन, पेंशन, सूद चुकाने, अनुदान आदि में खर्च किया है. यह खर्च कुल आमदनी का 92.58 प्रतिशत है. महालेखाकार के आंकड़ों के अनुसार, सरकार ने अपने कुल राजस्व खर्च में से विभिन्न स्रोतों से लिये गये कर्ज के सूद के रूप में 3226.84 करोड़ रुपये चुकाया है. वेतन भत्ता मद में 7946.75 करोड़, पेंशन मद में 2831.37 करोड़ और अनुदान के रूप में 2831.37 करोड़ रुपये खर्च किया है.
नवंबर तक जीएसटी से 2665 करोड़ रुपये का नुकसान : राज्य सरकार को केंद्र से जीएसटी कंपनसेशन समय पर नहीं मिलने की वजह से आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. राज्य के अपने राजस्व स्रोतों से होनेवाली कुल आमदनी का करीब 70 प्रतिशत वाणिज्य कर विभाग से मिलता है. जीएसटी लागू करते समय केंद्र ने इस नये नियम से राज्य को होनेवाले नुकसान की भरपाई करने की बात कही थी.
राज्य में जीएसटी लागू होने के बाद उसे राज्य में होनेवाली व्यापारिक गतिविधियों से करीब 902 करोड़ रुपये की आमदनी का लक्ष्य है, लेकिन औसतन प्रति माह 300 करोड़ रुपये कम की वसूली हो रही है. राज्य सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य में हुई व्यापारिक गतिविधियों से प्रति माह 902 करोड़ की दर से नवंबर तक जीएसटी मद में कुल 7216 करोड़ रुपये मिलना चाहिए था. हालांकि इसके मुकाबले सिर्फ 5551 करोड़ रुपये ही मिला. इसमें एसजीएसटी के रूप में मिला 3570 करोड़, आइजीएसटी के रूप में 1765 व अग्रिम के रूप में लिया गया 216 करोड़ रुपये शामिल है.
इस तरह अप्रैल से नवंबर तक की अवधि में राज्य सरकार को जीएसटी लागू होने से 1665 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. इस नुकसान की भरपाई केंद्र सरकार द्वारा की जानी है. हालांकि केंद्र सरकार ने अभी तक सिर्फ अगस्त तक हुए नुकसान की भरपाई की है. सितंबर से नवंबर तक का जीएसटी कंपनसेशन भुगतान केंद्र सरकार ने नहीं किया है. इन तीन महीनों का जीएसटी कंपनसेशन मद का 1000 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है.
लक्ष्य के मुकाबले राजस्व वसूली (करोड़ में)
मद लक्ष्य वसूली उपलब्धि (%में)
जीएसटी 11200.00 43.39 38.75%
स्टांप-रजिस्ट्रेशन 700.01 264.25 37.75%
भू राजस्व 649.98 141.19 21.72%
वाणिज्यकर 5050.00 2018.23 39.96%
उत्पाद 1600.00 1116.99 69.81%
केंद्रीय करों में हिस्सा 29000.46 11516.05 39.71%
केंद्रीय सहायता-अनुदान 138.83 8530.86 61.45%
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